एफटीए समझौते से सस्ती होगी ब्रिटेन की बियर और व्हिस्की, आयात शुल्क में भारी कमी

Jitendra Shrivastava | May 11, 2025, 19:59 IST
Share
thesootr
british-beer-scotch Photograph: (thesootr)

भारत और ब्रिटेन के बीच हुए एफटीए समझौते के बाद ब्रिटिश बियर और स्कॉच व्हिस्की की कीमतों में 75% तक कमी आई है। जिससे भारतीय बाजार में इन उत्पादों की कीमतें बहुत सस्ती हो जाएंगी। जानें समझौते और इसके असर को।

भारत और ब्रिटेन के बीच हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के बाद, ब्रिटिश बियर और स्कॉच व्हिस्की के शौकीनों के लिए एक अच्छी खबर आई है। अब, ब्रिटेन की बीयर ब्रांड्स और स्कॉच व्हिस्की पर पहले के मुकाबले भारी छूट मिलेगी, जिससे भारतीय बाजार में इन उत्पादों की कीमतें बहुत सस्ती हो जाएंगी। एफटीए के तहत, ब्रिटेन की व्हिस्की पर आयात शुल्क को 150 प्रतिशत से घटाकर 75 प्रतिशत कर दिया गया है और समझौते के दसवें वर्ष तक इसे 40 प्रतिशत तक घटाने का लक्ष्य है।

इसके साथ ही, भारत में ब्रिटेन की बीयर ब्रांड्स पर लगने वाला टैक्स भी कम हो गया है, जो पहले 150 प्रतिशत तक था और अब यह घटकर 75 प्रतिशत हो गया है। इससे भारत में ब्रिटिश बीयर की कीमतें 75 प्रतिशत तक सस्ती हो जाएंगी, जो कि बीयर प्रेमियों के लिए एक बड़ी राहत है।

भारत में ब्रिटिश बियर सस्ती होने के फायदे

एफटीए समझौते से भारत में ब्रिटेन की बियर की कीमतों में कमी आने से भारतीय उपभोक्ताओं को कई फायदे होंगे। इन उत्पादों के सस्ते होने से न केवल बीयर प्रेमियों को अधिक विकल्प मिलेंगे, बल्कि इससे भारतीय बाजार में ब्रिटिश बियर की मांग भी बढ़ सकती है।
इसके अलावा, ब्रिटिश व्हिस्की और बियर पर आयात शुल्क में कमी से यह उत्पाद और भी सुलभ हो जाएंगे, जिससे उपभोक्ता अधिक मात्रा में इनका उपभोग करेंगे। भारतीय बाजार में विदेशी उत्पादों की मांग पहले से ही बढ़ रही है, और यह कदम इस दिशा में और वृद्धि कर सकता है।

ये खबर भी पढ़ें...

हेयर ट्रांसप्लांट करते समय डॉक्टर ने किया कुछ ऐसा कि चली गई सब इंजीनियर की जान

ब्रिटिश स्कॉच व्हिस्की पर भी कम हुआ आयात शुल्क

एफटीए समझौते के तहत, ब्रिटिश स्कॉच व्हिस्की पर आयात शुल्क को 150 प्रतिशत से घटाकर 75 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे न केवल भारतीय व्हिस्की प्रेमियों को विदेशी व्हिस्की के बेहतर विकल्प मिलेंगे, बल्कि स्कॉच व्हिस्की के शौकिनों को सस्ती कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाली व्हिस्की भी उपलब्ध होगी। इस समझौते के तहत ब्रिटेन की व्हिस्की पर शुल्क में कमी अगले दस वर्षों में और अधिक घटाई जाएगी, जिससे भारतीय उपभोक्ताओं को यह उत्पाद और भी सस्ता मिल सकेगा।

ये खबर भी पढ़ें...

तीनों सेनाओं की प्रेस कॉन्फ्रेंसः ऑपरेशन सिंदूर में सीमा पार 9 ठिकानों पर मार गिराए गए 100 आतंकवादी

ब्रिटेन से आयात अन्य प्रॉडक्ट्स पर भी रियायत

एफटीए समझौते के तहत, भारत और ब्रिटेन ने कई उत्पादों पर आयात शुल्क में रियायत दी है। ब्रिटेन से आने वाले कार और अन्य उपभोक्ता उत्पादों पर भी शुल्क में कमी की गई है। इसके अलावा, भारत ने ब्रिटेन से आने वाले अन्य उत्पादों पर भी शुल्क में रियायत दी है। हालांकि, कुछ संवेदनशील कृषि उत्पादों, जैसे डेयरी उत्पाद, सेब, पनीर, जई, और वनस्पति तेल पर आयात शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

ये खबर भी पढ़ें...

दिग्विजय सिंह ने किया पोस्ट, मोदी की कथनी और करनी में अंतर, भाजपा ने दिया करारा जवाब

ब्रिटिश उत्पादों पर शुल्क कटौती का असर

इस एफटीए समझौते का भारत की अर्थव्यवस्था पर कई सकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं। इससे ब्रिटेन से आने वाले उत्पाद सस्ते होंगे, जिससे भारतीय उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों का लाभ मिलेगा। ब्रिटिश बियर और स्कॉच व्हिस्की की सस्ती कीमतों से भारतीय बाजार में इन उत्पादों की खपत बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा, भारत में ब्रिटेन से आयात होने वाले अन्य उत्पादों की कीमतों में भी कमी आएगी, जिससे उपभोक्ता अधिक मात्रा में इनका उपभोग कर सकेंगे।

ये खबर भी पढ़ें...

दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह को कांग्रेस का नोटिस, कहा- सीमा पार कर दी, जानें मामला

ब्रिटेन के लिए यह समझौता क्यों महत्वपूर्ण है?

ब्रिटेन के लिए यह समझौता महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके माध्यम से उसे भारतीय बाजार में अपनी उपस्थिति मजबूत करने का अवसर मिलेगा। भारत में ब्रिटिश उत्पादों की मांग पहले से ही बढ़ रही है, और इस समझौते से ब्रिटेन को अपने उत्पादों के लिए एक नया बाजार मिल सकता है। ब्रिटेन की व्हिस्की और बियर के अलावा, अन्य उपभोक्ता उत्पादों की भी भारतीय बाजार में अच्छी खपत हो सकती है।

भारत में स्थानीय उत्पादों पर असर

यह समझौता भारतीय उत्पादकों पर मिश्रित असर डाल सकता है। जहां एक ओर उपभोक्ताओं को सस्ते ब्रिटिश उत्पाद मिलेंगे, वहीं स्थानीय उत्पादक अपनी कीमतों को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने के लिए दबाव महसूस कर सकते हैं। हालांकि, इस समझौते से भारतीय उत्पादकों के लिए भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं, क्योंकि ब्रिटेन को आयात किए जाने वाले भारतीय उत्पादों की मांग भी बढ़ सकती है।

सीमित शुल्क रियायत क्यों दी गई?

एफटीए समझौते में ब्रिटेन की वाइन पर शुल्क रियायत नहीं दी गई है। यूरोपीय संघ, जो कि इस क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी है, ब्रिटेन को वाइन पर आयात शुल्क में रियायत देने से अपनी वाइन पर इसी तरह की कटौती के लिए दबाव डाल सकता था। इसलिए, ब्रिटेन की वाइन को इस समझौते से बाहर रखा गया है।

एफटीए समझौता | देश दुनिया न्यूज



Tags:
  • ब्रिटिश स्कॉच व्हिस्की
  • ब्रिटेन
  • व्हिस्की
  • देश दुनिया न्यूज
  • एफटीए समझौता
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि