खतरा भांपकर खुद ब्रेक लगाएगी कार, सरकार ला रही ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम, जानें कब से लागू होगा नियम
Manya Jain | Sootr Creatives | Oct 23, 2026, 17:01 IST
AEBS से कारों में सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी, 2030 से लागू हो सकता है नया नियम
सरकार नई कारों में ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम (AEBS) जरूरी करने की तैयारी कर रही है। यह सिस्टम खतरा भांपकर अपने आप ब्रेक लगाने में मदद करता है। इसे अक्टूबर 2030 से कारों के नए मॉडल में अनिवार्य किया जा सकता है। वहीं, पहले से बाजार में बिक रही कारों को अक्टूबर 2032 तक का समय मिल सकता है।
बसों और ट्रकों में इसे जनवरी 2027 से लागू करने की संभावना है। हालांकि, इसकी अंतिम तारीख सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही तय होगी।
इसे एडवांस्ड इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम (AEBS) कहते हैं। आसान भाषा में समझें तो यह गाड़ी में लगा एक ऐसा सिस्टम है, जो खतरा देखते ही अपने आप ब्रेक लगा सकता है। इसे अंग्रेजी में ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग भी कहते हैं।
मान लीजिए, आप हाईवे पर गाड़ी चला रहे हैं और अचानक सामने कोई दूसरी गाड़ी आ जाती है या कोई रुकावट आ जाती है। ऐसे में कई बार ड्राइवर समय पर ब्रेक नहीं लगा पाता और हादसा हो जाता है। इसी तरह के हादसों को रोकने के लिए यह तकनीक बनाई गई है।
AEBS एक ऐसा सिस्टम है, जो ड्राइवर के समय पर ब्रेक नहीं लगाने पर खुद ही ब्रेक लगा सकता है। इससे सड़क हादसों को रोकने में मदद मिलेगी। सरकार इसी सिस्टम को अनिवार्य करने के लिए नए नियम लाने की तैयारी कर रही है। हालांकि, सरकार ने अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
अभी अक्टूबर 2026 चल रहा है। नए कार मॉडल के लिए अक्टूबर 2030 तक का समय मिल सकता है। यानी अभी करीब 4 साल बाकी हैं।
वहीं, जो कारें पहले से बाजार में बिक रही हैं, उन्हें अक्टूबर 2032 तक की मोहलत मिल सकती है। मतलब करीब 6 साल का समय। हालांकि, ये तारीखें अभी फाइनल नहीं हैं। सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
टैक्सी में भी सुरक्षा के लिए तीन नए फीचर्स दिए जाने की बात कही गई है। पहला, ऐसा सिस्टम जो गाड़ी को अपनी लेन में चलने में मदद करेगा। दूसरा, अगर ड्राइवर को नींद आने लगेगी, तो सिस्टम अलर्ट देगा। तीसरा, गाड़ी के लेन से बाहर जाते ही ड्राइवर को चेतावनी मिलेगी। हालांकि, टैक्सी में ये फीचर्स कब से लागू होंगे, इसकी तारीख अभी नहीं बताई गई है।
बस और ट्रक के लिए भी नए नियम लागू हो सकते हैं। जनवरी 2027 से बनने वाले इनके नए मॉडल में ऑटोमैटिक ब्रेक सिस्टम लगाना जरूरी हो सकता है। यानी जनवरी 2027 आने में अब करीब ढाई महीने बाकी हैं।
इसके अलावा, इन वाहनों में ऐसी तकनीक भी दी जाएगी, जो ड्राइवर को उन गाड़ियों के बारे में अलर्ट करेगी, जो उसे सीधे दिखाई नहीं देतीं। यानी अगर कोई गाड़ी ड्राइवर की नजर से बाहर है, तो भी सिस्टम उसकी पहचान कर सकेगा।
अगर ये नियम लागू होता है, तो कार कंपनियों को अपनी गाड़ियों में नए सेफ्टी फीचर्स लगाने होंगे। इसके लिए उन्हें गाड़ियों की तकनीक में भी बदलाव करना पड़ेगा।
इसके लिए अलग-अलग समयसीमा तय की गई है। जनवरी 2027 से बस और ट्रक के नए मॉडल, अक्टूबर 2030 से कारों के नए मॉडल और अक्टूबर 2032 तक पहले से बिक रही कारों में भी ये बदलाव लागू करने के लिए समय मिल सकता है।
नए नियम लागू होने के बाद कार कंपनियों को अपनी गाड़ियों में ऑटोमैटिक ब्रेक सिस्टम लगाना होगा। हालांकि, ये नियम कब से लागू होंगे और इनकी पूरी जानकारी क्या होगी, यह अभी साफ नहीं है। इसके लिए सरकार की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।
जानकारी के मुताबिक, नए कार मॉडल में यह सिस्टम अक्टूबर 2030 तक लगाना पड़ सकता है। वहीं, पहले से बिक रही कारों में इसे लगाने के लिए अक्टूबर 2032 तक का समय मिल सकता है। बस और ट्रक के लिए जनवरी 2027 से यह नियम लागू होने की संभावना है।
फिलहाल, इस मामले में किसी कार कंपनी की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। नियमों का पालन नहीं करने पर क्या कार्रवाई होगी, यह भी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में नियमों की जानकारी के लिए सरकार की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।
एडवांस्ड इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम क्या है?
मान लीजिए, आप हाईवे पर गाड़ी चला रहे हैं और अचानक सामने कोई दूसरी गाड़ी आ जाती है या कोई रुकावट आ जाती है। ऐसे में कई बार ड्राइवर समय पर ब्रेक नहीं लगा पाता और हादसा हो जाता है। इसी तरह के हादसों को रोकने के लिए यह तकनीक बनाई गई है।
ईबीएस सिस्टम से क्या बदलेगा?
अक्टूबर 2030 और 2032 की डेडलाइन
वहीं, जो कारें पहले से बाजार में बिक रही हैं, उन्हें अक्टूबर 2032 तक की मोहलत मिल सकती है। मतलब करीब 6 साल का समय। हालांकि, ये तारीखें अभी फाइनल नहीं हैं। सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
टैक्सी में कौन से सेफ्टी फीचर्स आएंगे?
बस-ट्रक में कब से लगेंगे ऑटोमैटिक ब्रेक?
इसके अलावा, इन वाहनों में ऐसी तकनीक भी दी जाएगी, जो ड्राइवर को उन गाड़ियों के बारे में अलर्ट करेगी, जो उसे सीधे दिखाई नहीं देतीं। यानी अगर कोई गाड़ी ड्राइवर की नजर से बाहर है, तो भी सिस्टम उसकी पहचान कर सकेगा।
नई कारों में सेफ्टी फीचर्स का असर
इसके लिए अलग-अलग समयसीमा तय की गई है। जनवरी 2027 से बस और ट्रक के नए मॉडल, अक्टूबर 2030 से कारों के नए मॉडल और अक्टूबर 2032 तक पहले से बिक रही कारों में भी ये बदलाव लागू करने के लिए समय मिल सकता है।
कार कंपनियों को बदलनी होगी अपनी तकनीक
जानकारी के मुताबिक, नए कार मॉडल में यह सिस्टम अक्टूबर 2030 तक लगाना पड़ सकता है। वहीं, पहले से बिक रही कारों में इसे लगाने के लिए अक्टूबर 2032 तक का समय मिल सकता है। बस और ट्रक के लिए जनवरी 2027 से यह नियम लागू होने की संभावना है।
फिलहाल, इस मामले में किसी कार कंपनी की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। नियमों का पालन नहीं करने पर क्या कार्रवाई होगी, यह भी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में नियमों की जानकारी के लिए सरकार की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।
FAQ
- एडवांस्ड इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम (AEBS) क्या है?
एडवांस्ड इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम (AEBS) एक ऑटोमैटिक ब्रेकिंग सिस्टम है, जो खतरे का आभास होते ही अपने आप ब्रेक लगा सकता है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके। - नई कारों में AEBS सिस्टम को कब लागू किया जाएगा?
नए कार मॉडल में AEBS सिस्टम को अक्टूबर 2030 से अनिवार्य किए जाने की तैयारी है, जबकि पहले से बाजार में बिक रही कारों के लिए इसकी लागू करने की समयसीमा अक्टूबर 2032 है। - कौन-कौन से नए सुरक्षा फीचर्स टैक्सी में शामिल होंगे?
टैक्सी में तीन नए सुरक्षा फीचर्स जोड़े जाएंगे: लेन में रहने का सिस्टम, ड्राइवर को नींद आने पर अलर्ट करने वाला सिस्टम, और लेन से बाहर जाने पर चेतावनी देने वाला सिस्टम। इन फीचर्स की लागू होने की तारीख अभी स्पष्ट नहीं है।
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