चारधाम यात्रा: अब लाइन का झंझट नहीं, एक घंटे में हो जाएंगे बाबा के दर्शन, जानिए क्या बदले नियम

जल्द ही उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है। इस साल चारधाम यात्रा की शुरुआत 10 मई से हो रही है। अगर आपने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है तो आप चारधाम यात्रा के लिए ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। 

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Pratibha ranaa
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BHOPAL. चार धाम की यात्रा ( Chardham Yatra ) पर जाने वालों के लिए अच्छी खबर है। अब श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन के लिए लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। उत्तराखंड सरकार यहां टोकन स्लॉट व्यवस्था को और प्रभावी बनाने जा रही है ( Chardham Yatra Rules )। भक्त केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में टोकन स्लॉट सिस्टम से एक घंटे में दर्शन कर सकेंगे। उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि सरकार टोकन स्लॉट सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू करेगी। यात्रा मार्गों पर गढ़वाल मंडल विकास निगम के 94 गेस्ट हाउस बुक हो गए हैं ( Uttarakhand Char Dham Yatra 2024 )। 

कब कहां खुलेंगे कपाट 

उत्तराखंड में 10 मई से चार धाम यात्रा शुरू होगी। इसके लिए अब तक 19 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री के कपाट 10 मई, बदरीनाथ के 12 मई और हेमकुंड साहिब के 25 मई को खुलेंगे। 

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इस तरह की गई है व्यवस्था 

चार धाम यात्रा के लिए अब श्रद्धालुओं की संख्या भी तय कर दी गई है। उत्तराखंड पर्यटन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, एक दिन में 15 हजार श्रद्धालु केदारनाथ धाम, 16 हजार लोग बदरीनाथ धाम, 9 हजार श्रद्धालु यमुनोत्री तो 11 हजार लोग गंगोत्री में दर्शन कर सकेंगे। 

ऋषिकेश के बाद बैरियर कस्बे बनाए 

ऋषिकेश के बाद यात्रियों को रोकने के लिए बैरियर कस्बे तय किए हैं। यदि कोई बद्रीनाथ जाना चाहता है तो उन्हें सबसे पहले श्रीनगर में रोका जाएगा। यदि दिन के 15 हजार की संख्या पूरी हो गई है तो श्रद्धालु को यहीं रात बितानी होगी। अगले दिन रुद्रप्रयाग, फिर चमोली, पीपलकोटी और जोशीमठ में यही प्रक्रिया रहेगी यानी जब नंबर आएगा, तब आगे बढ़ सकेंगे। 

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आदि कैलाश यात्रा का अपडेट भी जानें...

उत्तराखंड में सड़क मार्ग से आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा इस बार करीब डेढ़ महीने पहले शुरू हो जाएगी। 10 मई को आदि कैलाश मंदिर के कपाट खुल जाएंगे। यात्रा मार्ग में कुटी और जौलीकॉन्ग के बीच बर्फ जमी हुई है। सीमा सड़क संगठन बर्फ हटाने के काम में जुटा है।

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