/sootr/media/media_files/2026/02/04/china-2026-02-04-12-50-02.jpg)
रोचक किस्से:आज के दौर में जिसे हम बेकार कचरा समझकर घर के किसी कोने में फेंक देते हैं वो असल में एक बेशकीमती खजाना हो सकता है। सुनने में यह किसी फिल्मी कहानी जैसा लग रहा होगा। चीन से आई एक खबर ने पूरी दुनिया के होश उड़ा दिए हैं।
यहां कियाओ नाम के एक शख्स ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। उन्होंने टनों के हिसाब से इकट्ठा किए गए इलेक्ट्रॉनिक कचरे और पुराने सिम कार्ड्स को रिसाइकिल करके 191 ग्राम शुद्ध सोना निकाला है। आज की मार्केट रेट के हिसाब से इस सोने की कीमत लगभग 26 लाख रुपए आंकी जा रही है। ये कोई मजाक नहीं है।
ये अर्बन माइनिंग की वो हकीकत है जिसे देखकर अब लोग अपने पुराने गैजेट्स फेंकने से पहले सौ बार सोच रहे हैं। कियाओ ने साबित कर दिया कि तकनीक और सही जानकारी हो तो रद्दी समान भी लखपति बना सकते हैं। चलिए जानें इस अनोखी गोल्ड माइनिंग की पूरी कहानी।
कौन हैं मॉडर्न अलकेमिस्ट कियाओ
चीन में रहने वाले कियाओ को अब लोग मॉडर्न अलकेमिस्ट (मॉडर्न अलकेमिस्ट) कह रहे हैं। कियाओ प्रोफेशनली इलेक्ट्रॉनिक कचरे से कीमती धातुएं निकालने का काम करते हैं।
हाल ही में उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल (interesting case) हुआ जिसे 50 लाख से ज्यादा बार देखा गया। इस वीडियो में उन्होंने दिखाया कि कैसे उन्होंने ढेर सारे पुराने सिम कार्ड्स और कंप्यूटर चिप्स को प्रोसेस करके सोने की एक ठोस ईंट तैयार कर ली।
/sootr/media/post_attachments/wp-content/uploads/2026/02/sim-cards-982213.jpg?w=280&ar=16:9)
आखिर सिम कार्ड में सोना क्यों होता है
अक्सर लोग पूछते हैं कि सिम कार्ड (fake sim card) जैसी प्लास्टिक की चीज में सोना कहां से आया? दरअसल, सिम कार्ड और मोबाइल चिप्स में बिजली के सिग्नल बहुत तेजी से दौड़ते हैं। सोना बिजली का बहुत अच्छा कंडक्टर होता है। इसमें कभी जंग नहीं लगता।
इसीलिए सिम कार्ड (interesting news) के छोटे से चिप वाले हिस्से पर सोने की बहुत पतली परत चढ़ाई जाती है। कियाओ ने साफ किया कि 191 ग्राम शुद्ध सोना निकालना कोई मामूली काम नहीं था। इसके लिए उन्होंने करीब 2 टन (2000 किलो) भारी-भरकम इलेक्ट्रॉनिक कचरा इकट्ठा किया।
अगर आप सिर्फ एक सिम कार्ड को देखें, तो उसमें महज 0.001 ग्राम के आसपास ही सोना होता है। इस प्रोसेस में सिर्फ सिम कार्ड ही नहीं, बल्कि टेलीकॉम इंडस्ट्री के बड़े-बड़े सर्वर बोर्ड, पुरानी सर्किट चिप्स और गोल्ड-प्लेटेड पिन्स भी शामिल थीं।
/sootr/media/post_attachments/uploads/2026/02/image-1-9-378300.png)
कैसे निकलता है सोना और ये कितना खतरनाक है
सिम कार्ड (sim card) से सोना निकालने की प्रक्रिया जितनी दिलचस्प है उतनी ही जोखिम भरी भी। कियाओ के मुताबिक, सबसे पहले उन्होंने टनों ई-वेस्ट को खास रसायनों और एसिड के ड्रमों में डाला।
ऐसा करने से प्लास्टिक गल जाता है और नीचे गोल्ड मड यानी सोने की कीचड़ बचती है। फिर इस मड को बेहद ऊंचे तापमान पर भट्टी में तपाकर शुद्ध सोना निकाला जाता है। हालांकि, कियाओ के मुताबिक घर पर ये काम करना जानलेवा हो सकता है।
एसिड के इस्तेमाल से निकलने वाली जहरीली गैसें और तेजाब से जलने का खतरा हमेशा बना रहता है। साथ ही, बिना लाइसेंस ई-वेस्ट प्रोसेस करना कानूनी अपराध भी है।
कियाओ ने ये सारा काम सुरक्षित लैब और प्रोफेशनल सेटअप से किया। इस खबर ने दुनिया का ध्यान अर्बन माइनिंग की तरफ खींचा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जमीन खोदकर सोना निकालने से ज्यादा सोना हमारे इलेक्ट्रॉनिक कचरे में मौजूद है।
ये खबर भी पढ़ें...
बेसिक गवर्नेंस ठीक होने से देश की 80% समस्याएं हो सकती हैं खत्म: आईएएस आशीष तिवारी
तीन साल की बच्ची के मुंह में ब्लास्ट, खाई थी टॉफी नुमा वस्तु, जानें पूरा मामला
फ्री एजुकेशन देने वाला देश का पहला राज्य बना केरल, अब फ्री में होगा ग्रेजुएशन
एमपी में यूनिवर्सिटी-कॉलेजों को चेतावनी, लोकपाल के आदेश मानना होगा
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us