/sootr/media/media_files/2026/02/04/ias-ashish-tiwari-2026-02-04-11-43-14.jpg)
IAS Ashish Tiwari
इंजीनियरिंग करने वाले अधिकतर युवाओं का मकसद अच्छी सैलरी वाली नौकरी पाना होता है। लेकिन आईएएस आशीष तिवारी की सोच इससे अलग थी। उनका सपना ग्रामीण स्तर पर काम करने और लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने का था। इसी वजह से उन्होंने एक अच्छी-खासी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर सिविल सेवा में जाने का फैसला किया।
वर्ष 2016 में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 6 के साथ यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की। आज आशीष तिवारी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। वे 2015 की यूपीएससी टॉपर टीना डाबी के बैचमेट भी रहे हैं।
/sootr/media/post_attachments/wp-content/uploads/2024/09/FotoJet-2024-09-30T074111.462-659512.jpg?impolicy=Medium_Widthonly&w=400)
हिंदी मीडियम से की पढ़ाई, लेकिन भाषा को नहीं बनने दिया बाधा
आशीष तिवारी का जन्म 2 अक्टूबर 1989 को मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में हुआ था। उनके पिता पीके तिवारी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) में इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे।
उनकी शुरुआती पढ़ाई एक सरकारी स्कूल से हुई। आठवीं तक वे हिंदी माध्यम में पढ़े, लेकिन सीखने की ललक ने कभी भाषा को बाधा नहीं बनने दिया। बारहवीं की पढ़ाई उन्होंने छतरपुर के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय से पूरी की।
इंजीनियर बनने के सपने के साथ वे कोटा पहुंचे और बाद में एनआईटी जमशेदपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। कॉलेज के दौरान अलग-अलग पृष्ठभूमि से आए लोगों से मिलने का अवसर मिला, जिससे उनकी सोच और व्यक्तित्व दोनों का विस्तार हुआ।
ये भी पढ़ें:
कौन हैं आईएएस पुलकित गर्ग जिन्होंने आंगनबाड़ी में कराया बेटी का एडमिशन? बने मिसाल
IOCL की नौकरी में नहीं मिली संतुष्टि
कैंपस सिलेक्शन के जरिए आशीष तिवारी का चयन इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) में हुआ। वे जयपुर में फुल-टाइम नौकरी करने लगे। पांच साल तक नौकरी करने के भी उन्हें भीतर से संतुष्टि नहीं मिल रही थी। मन में बार-बार यह सवाल आता था कि अगर यूपीएससी की कोशिश नहीं की तो जीवन भर इसका मलाल रहेगा। परिवार से चर्चा के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने का निर्णय लिया।
पहले नौकरी के साथ ही तैयारी शुरू की। लेकिन, फुल-टाइम नौकरी के साथ यूपीएससी की तैयारी आसान नहीं थी, लेकिन इरादे मजबूत थे। वे रोजाना कम से कम छह घंटे पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ाई करते थे।
/sootr/media/post_attachments/9e2dbdbf-285.png)
कॉपी करने से बचें
आशीष का मानना है कि दूसरों की रणनीति को कॉपी करने के बजाय अपनी खुद की रणनीति बनानी चाहिए। क्योंकि, हर व्यक्ति की ताकत और कमजोरी अलग होती है। हर इंसान का अपना अलग व्यक्तित्व होता है।
असफलता से नहीं घबराए
इस कठिन सफर में कई बार हताशा और चुनौतियां भी आईं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। वे कहते हैं कि असफलता से डरने के बजाय उसका विश्लेषण करना चाहिए। हमेशा यह जानने की कोशिश करनी चाहिए कि कमी कहां रह गई। उनके अनुसार, चुनौती जीवन का हिस्सा है और उससे भागने के बजाय उसका सामना करना ही आगे बढ़ने का रास्ता है। अपनी कमजोरियों को पहचानिए, उन्हें सुधारिए और अपनी ताकत को आगे बढ़ाइए।
ये भी पढ़ें:
कॉरपोरेट की जॉब छोड़ सिविल सेवा की राह चुनी और तीसरे प्रयास में बन गईं आईएएस संस्कृति सोमानी
बेसिक गवर्नेंस ठीक करने से हल होंगी अधिकांश समस्याएं
आशीष तिवारी को फील्ड में रहकर लोगों से संवाद करना बेहद पसंद है। वे अक्सर गांवों में बच्चों, महिलाओं और आम नागरिकों से बातचीत करते हैं। इससे उन्हें जमीनी फीडबैक मिलता है और काम करने की नई ऊर्जा भी। उनका मानना है कि अगर बेसिक गवर्नेंस को दुरुस्त कर दिया जाए तो 80 प्रतिशत समस्याएं अपने आप हल हो सकती हैं।
बैडमिंटन और किताबों का शौक
फ्री टाइम में आशीष बैडमिंटन खेलना पसंद करते हैं। इसके अलावा उन्हें किताबें पढ़ने का भी शौक है, खासतौर पर इतिहास से जुड़ी किताबें।
UPSC अभ्यर्थियों के लिए संदेश
यूपीएससी के उम्मीदवारों को संदेश देते हुए आशीष कहते हैं कि सबसे पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि क्या आप वाकई इस फील्ड में आना चाहते हैं और क्या आपको इसकी पढ़ाई में रुचि है। इसके बाद इस परीक्षा के लिए कम से कम डेढ़ साल तक रोजाना लगभग छह घंटे पूरी एकाग्रता के साथ मेहनत करना जरूरी है।
ये भी पढ़ें:
ईडी का बड़ा एक्शन: पूर्व IAS से लेकर प्राचार्य और ऑटो कंपनी की करोड़ों की संपत्ति कुर्क
रियलिस्टिक लक्ष्य तय करें
आईएएस आशीष तिवारी हमेशा ऐसे लक्ष्य तय करने में विश्वास करते हैं जिन्हें हासिल किया जा सके। वे कहते हैं कि हर पोस्टिंग में वे छोटे-छोटे लक्ष्य तय करते हैं और उन्हें पूरा करने पर ध्यान देते हैं। ऐसे लक्ष्यों के पीछे भागने का कोई फायदा नहीं, जिन्हें हासिल ही न किया जा सके।
ये भी पढ़ें:
सुर और कानून की दुनिया छोड़कर चुनी देशसेवा, बिना कोचिंग भाई के गाइडेंस से बनीं आईएएस पल्लवी मिश्रा
करियर एक नजर
नाम: आईएएस आशीष तिवारी
जन्म: 2-11-1989
जन्मस्थान: छतरपुर
एजुकेशन: बीटेक
बैच: 2016
कैडर: मध्य प्रदेश
पदस्थापना
IAS Ashish Tiwari वर्तमान में कटनी के कलेक्टर हैं। इसके पहले वो जल संसाधन विभाग में मुख्य सचिव ऑफिस में उप सचिव के पद पर कार्यरत थे ।
आईएएस आशीष तिवारी की सफलता यह संदेश देती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और इरादे मजबूत हों, तो संसाधनों की कमी भी रास्ता नहीं रोक सकती।
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us