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News in Short
- ईडी ने दिवंगत अरविंद जोशी और टीनू जोशी मामले में 5 करोड़ की संपत्ति कुर्क की।
- छतरपुर के प्राचार्य पर मनी लॉन्ड्रिंग आरोप में चार्जशीट दाखिल।
- ईडी ने केनरा बैंक को 45 करोड़ रुपए की राहत दिलाई।
- भ्रष्टाचार से अर्जित संपत्तियों को परिवारजनों के नाम पर छिपाया गया।
- ऑटो कंपनी से जुड़े बैंक फ्रॉड मामले में 18.32 करोड़ रुपए की रकम हड़पने का खुलासा।
News in Detail
मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को एक के बाद एक सख्त कार्रवाई कर बड़ा संदेश दिया है।
ईडी ने सबसे अहम कार्रवाई पूर्व आईएएस अधिकारी दिवंगत अरविंद जोशी व पूर्व आईएएस टीनू जोशी से जुड़े आय से अधिक संपत्ति मामले में की। जहां ईडी ने करीब 5 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियां कुर्क की हैं।
इसके साथ ही ईडी ने एक ओर छतरपुर के शासकीय बीएड कॉलेज के पूर्व प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। वहीं दूसरी ओर बैंक फ्रॉड केस में केनरा बैंक को 45 करोड़ रुपए की संपत्ति वापस दिलाई है।
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भ्रष्टाचार से जमा की करोड़ों की संपत्ति
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार,ईडी की यह कार्रवाई लोकायुक्त,भोपाल द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई है। आरोप है कि तत्कालीन प्रमुख सचिव रहे अरविंद जोशी ने 1979 से 10 दिसंबर 2010 तक 41.87 करोड़ रुपए अधिक संपत्ति अर्जित की। यह संपत्ति उनकी ज्ञात आय से ज्यादा है।
जांच में सामने आया कि अवैध आय को परिवारजनों के नाम पर निवेश,बेनामी संपत्तियों और शेल कंपनी के जरिए छिपाया गया। इस पूरे नेटवर्क में एस.पी.कोहली और उनके परिजनों की भूमिका भी उजागर हुई है।
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चालू रिसॉर्ट किया गया कुर्क
ताजा कार्रवाई में आवासीय प्लॉट,कृषि भूमि और भोपाल जिले का एक में डोरी स्थित एक रिसॉर्ट कुर्क किया गया है। कुर्की से पूर्व यह चालू था। अब तक इस मामले में करीब 8.5 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं।
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छतरपुर: पूर्व प्राचार्य पर मनी लॉन्ड्रिंग केस
एक अन्य मामले में ईडी ने छतरपुर स्थित शासकीय बीएड कॉलेज के तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य संतोष कुमार शर्मा और अन्य के खिलाफ भोपाल की विशेष दाखिल की है।
ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने अपने पद का दुरुपयोग कर 1.23 करोड़ रुपए की आय से अधिक संपत्ति अर्जित की। जो उसकी वैध आय से लगभग 95 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान आरोपी ने पत्नी और अन्य परिजनों के नाम पर भी संपत्तियां खरीदीं। ईडी पहले ही इस मामले में 1.22 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियां कुर्क कर चुकी है।
बैंक फ्रॉड केस में भी चालान पेश
ईडी ने एक अन्य बड़ी कार्रवाई में भोपाल के जगदंबा एएमडब्ल्यू ऑटोमोटिव्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े बैंक फ्रॉड मामले में की। इस प्रकरण में केनरा बैंक को बड़ी राहत मिली है।
अधिकारिक जानकारी के अनुसार,आरोपी कंपनी के निदेशक पुष्पेंद्र सिंह ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक से 18 करोड़ 32 लाख का कर्ज लिया। बाद में इस रकम को अन्य कारोबार में लगा दिया गया। जिससे बैंक को 18.32 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
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केनरा बैंक को 45 करोड़ की राहत
ईडी ने विशेष न्यायालय,जबलपुर के आदेश पर कंपनी की तीन अटैच संपत्तियां केनरा बैंक के पक्ष में बहाल की। जिनका वर्तमान बाजार मूल्य करीब 45 करोड़ रुपए है।
डमी ग्राहकों के नाम पर लिया लोन
कई मामलों में न तो वाहन खरीदे गए और न ही उनकी डिलीवरी हुई। ऋण की रकम को आरोपी ने अपने अन्य व्यवसायों, परिवारजनों के खातों और निजी उपयोग में लगाया। डमी उधारकर्ताओं के नाम पर लिए गए लोन की राशि भी हड़प ली गई। इससे केनरा बैंक, जबलपुर को लगभग 18.32 करोड़ रुपए (ब्याज अलग) का नुकसान हुआ।
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