पेट्रोल-डीजल का जमाना खत्म! अब ईवी गाड़ियां जमा रहीं मार्केट में धाक
Aman Vaishnav | Aug 10, 2026, 09:00 IST
ईवी गाड़ियां
देशभर में अब ग्राहक सिर्फ माइलेज नहीं, बल्कि गाड़ी खरीदने से लेकर चलाने और मेंटेनेंस के कुल खर्च पर ध्यान दे रहे हैं। यही कारण है कि हाइब्रिड और ईवी की कुल बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 40.59% तक पहुंच गई है।
समझें क्या है पूरा मामला...
अब यह बढ़कर 40.6% हो चुका है। कार खरीदार अब सिर्फ माइलेज नहीं, बल्कि कुल खर्च देख रहे हैं। ईंधन की बढ़ती कीमतें इस बदलाव की बड़ी वजह मानी जा रही हैं।
देश में कार खरीदने का तरीका तेजी से बदल रहा है। पहले लोग सिर्फ माइलेज देखकर गाड़ी खरीदते थे। अब वे यह देखते हैं कि गाड़ी चलाने में कुल कितना खर्च आएगा। इसी सोच ने सीएनजी, हाइब्रिड और ईवी कारों को नई पहचान दी है।
काल जीरो की रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई में इन तीनों तरह की कारों की मिली-जुली बिक्री हिस्सेदारी पेट्रोल कारों के बराबर पहुंच गई है। यह पहली बार हुआ है जब स्वच्छ ईंधन वाली कारें पेट्रोल कारों को इतनी करीबी टक्कर दे रही हैं।
पेट्रोल को मिली बराबर टक्कर
यह आंकड़े बताते हैं कि खरीदारों का भरोसा अब पेट्रोल से हटकर वैकल्पिक ईंधन की तरफ बढ़ रहा है। ऑटो कंपनियां भी इस बदलाव को भांपते हुए नए मॉडल बाजार में उतार रही हैं।
cng-hybrid-ev-sales-equal-to-petrol-cars
5 साल में 4 गुना बढ़ी हिस्सेदारी
वहीं पेट्रोल कारों की हिस्सेदारी लगातार घट रही है। जुलाई 2020 में यह 66.7% थी, जो जुलाई 2026 में घटकर 41.7% रह गई। डीजल कारों की हिस्सेदारी भी 21.5% से घटकर 17.7% पर आ गई है। यह ट्रेंड साफ दिखाता है कि बाजार धीरे-धीरे स्वच्छ ईंधन की तरफ शिफ्ट हो रहा है।
cng-hybrid-ev-sales-equal-to-petrol-cars
सीएनजी की मांग क्यों बढ़ी
साथ ही पार्थो बनर्जी का कहना है कि इसकी सबसे बड़ी वजह ईंधन की बढ़ती कीमतें हैं। साथ ही लोग अब ऐसी गाड़ी चाहते हैं जिसका मेंटेनेंस कम से कम हो।
बनर्जी के मुताबिक खरीदार अब लंबे समय के खर्च को ध्यान में रखकर फैसला ले रहे हैं। सीएनजी गाड़ी शुरुआत में भले महंगी लगे, लेकिन चलाने में यह पेट्रोल से सस्ती पड़ती है। यही सोच सीएनजी कारों की बिक्री बढ़ा रही है।
ईवी की बिक्री में बड़ा उछाल
ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट रवि मलिक का कहना है कि ईवी के कम दाम भी लोगों को लुभा रहे हैं। उनके मुताबिक, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ने से भी मांग बढ़ी है। पेट्रोल-डीजल वाहनों के मुकाबले ईवी अब सस्ता विकल्प बनता जा रहा है।
मलिक ने बताया कि सस्ते मॉडल आने से ईवी अब सिर्फ शहरी जरूरत नहीं रह गई है। आम लोगों का बजट भी अब इसमें फिट बैठने लगा है। कम मेंटेनेंस और कम ईंधन खर्च इसे और आकर्षक बना रहे हैं।
ये खबरें भी पढ़िए...
राशन की 99% चीजों के बढ़े दाम, दाल,तेल, चीनी और दूध सब महंगा
22 साल से पेट्रोल में मिल रहा इथेनॉल, अब गाड़ियों के खराब होने का डर क्यों-गडकरी
पेट्रोल पंप और दुकानों के लिए नए नियम: गलत माप देने पर लगेगा एक लाख का जुर्माना
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari