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डॉक्टर की पर्ची बिना नहीं मिलेगा कफ सिरप, केंद्र सरकार ने बदले नियम
Aman Vaishnav | Jun 16, 2026, 12:18 IST
डॉक्टर की पर्ची बिना नहीं मिलेगा कफ सिरप
केंद्र सरकार ने ड्रग्स रूल्स 1945 में बड़ा बदलाव किया है। अब देश में कफ सिरप समेत सभी औषधीय सिरप खरीदने के लिए डॉक्टर की पर्ची जरूरी होगी। सरकार ने कफ सिरप और अन्य औषधीय सिरप को ओवर-द-काउंटर की कैटेगरी से बाहर कर दिया है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- केंद्र सरकार ने कफ सिरप को ओवर-द-काउंटर लिस्ट से हटा दिया है।
- कफ सिरप या कोई भी औषधीय सिरप खरीदने के लिए डॉक्टर की पर्ची जरूरी होगी।
- यह फैसला मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में कफ सिरप से बच्चों की हुई मौत के बाद आया है।
- यह नया नियम तुरंत पूरे देश में लागू हो गया है।
क्या था छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड ?
जब इस मामले की बारीकी से जांच हुई तो पता चला कि उस सिरप में एक खतरनाक औद्योगिक विलायक मिला हुआ था।
छिंदवाड़ा की इस दर्दनाक घटना ने सरकार और स्वास्थ्य विभागों को हिलाकर रख दिया था। इसके बाद से ही सिरप बनाने और उसकी बिक्री पर कड़ा कंट्रोल रखने की मांग लगातार उठ रही थी।
इसी का नतीजा है कि अब केंद्र सरकार ने कफ सिरप बेचने के नियमों को पूरी तरह बदल दिया है।
क्या है नया नियम और कब से हुआ लागू?
यह बदलाव ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940के तहत किया गया है। यह नया नियम सरकारी गजट में छपते ही पूरे देश में तुरंत प्रभावी हो गया है।
ड्रग्स रूल्स में क्या बदलाव किया गया?
अब इस लिस्ट से सिरप शब्द हटने के कारण, कोई भी सिरप ओवर-द-काउंटर दवाओं की केटेगरी में नहीं रहेगा। इसका सीधा मतलब यह है कि अब कफ सिरप या कोई भी औषधीय सिरप बेचने पर सरकार का सख्त नियंत्रण रहेगा।
नए और पुराने नियम में क्या अंतर?
खरीदने का तरीका
दवाओं की केटेगरी
फार्मेसी की जिम्मेदारी
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