वो गोबर से लिपे आंगन, पकवानों की सुगंध और मेल-मेलाप... सब भूल गए हम

Ravi Singh | Oct 30, 2024, 15:46 IST
Share
diwali laxmi puja
diwali laxmi puja

पुराने समय की दिवाली और आज की दिवाली, दोनों में जो अंतर है, वह हमें हमारे अतीत की मिठास और नए जमाने की सुविधाओं के बीच झूलता महसूस कराता है। आईए, आज हम आपको आपको बताते हैं वो वाली दिवाली और ये वाली दिवाली...

Bhopal : दिवाली ऐसा त्योहार है, जिसका हर कोई सालभर इंतजार करता है। यह केवल एक पर्व नहीं, बल्कि ऐसा अहसास है, जिसमें रिश्तों की मिठास, खुशियों की रौनक और अपनत्व का अलग रंग होता है। बदलते वक्त के साथ दिवाली के जश्न का तरीका भी बदला है, लेकिन इसकी भावना, इसकी रौनक आज भी वैसी ही है। पुराने समय की दिवाली और आज की दिवाली, दोनों में जो अंतर है, वह हमें हमारे अतीत की मिठास और नए जमाने की सुविधाओं के बीच झूलता महसूस कराता है। आईए, आज हम आपको आपको बताते हैं वो वाली दिवाली और ये वाली दिवाली...

रेडिमेड की रौनक, पर सिलवाने की सजीवता

पहले दिवाली पर नए कपड़ों का इंतजार महीनों चलता था। सिलवाने के लिए दर्जी के पास भेजे गए कपड़े वापस घर आएं, इसकी बेसब्री का अलग ही मजा था। घर में बच्चों की खुशी, नए कपड़ों का अहसास- ये सब दिवाली की तैयारियों का हिस्सा थे। आज रेडिमेड कपड़ों का जमाना है, बस ट्राइ करो और खरीद लो। अब ऑनलाइन शॉपिंग, फेस्टिव डिस्काउंट और स्पेशल ऑफर्स का वेट करना नई दिवाली का हिस्सा है। सुविधाएं हैं, पर सिलवाने की जो अपनत्व भरी प्रतीक्षा थी, वह कहीं खो सी गई है।

mp quiz 68 ka mp
mp quiz 68 ka mp


क्विज के लिए इस लिंक पर क्लिक करें...

अगर दिवाली को मनाना चाहते हैं शुभ ज़रूर करें ये काम...होंगी मां लक्ष्मी खुश

सफाई की धूल, जो अब ऐप्स ने बदल दी

पहले दिवाली का मतलब घर की सफाई का महोत्सव। महीना भर पहले सफाई शुरू होती थी, दीवारें पुताई जाती थीं और घर का हर कोना चमकता था। पूरा परिवार जुटता और हर कोई अपना-अपना कोना सहेजता। बार—बार चाय की चुस्कियां, एक दूसरे की टांग खिंचाई और ढेर सारा प्यार होता था। आज, बस ऐप पर क्लिक करो और सफाई कर्मचारी हाजिर। घर नए जैसा तो दिखता है, पर उस धूल के पीछे जो मेहनत, अपनापन और उत्साह था, वह कहीं पीछे छूट गया है।

दिवाली पर करें ये सामान दान, मिलेगी मां लक्ष्मी की कृपा

पकवानों की सुगंध से अब स्पेशल पैकेट्स का सहारा

दिवाली के दिनों में रसोई से आने वाली मिठास की सुगंध गली-मोहल्लों तक जाती थी। पकवानों का लेन—देन और अपनेपन की थाली में सजाए जाने वाले व्यंजनों की जगह​ गिफ्ट पैकेट्स ने ले ली है। पकवान बाजार से आते हैं, रिश्तों में मिठास अब थालियों की जगह डिब्बों में सिमट गई है। अपनत्व का वो सुखद एहसास अब कम हो गया है, पर आधुनिकता की सुविधा ने त्योहारों को सरल भी बना दिया है।

दिवाली पर पटाखे जलाते समय रखें ध्यान, ऐसे करें अपनी सुरक्षा

अब फोटो लाइक्स से तय होती खुशियां

पहले दिवाली की शाम को दीप जलाकर मिलने-जुलने का जो रिवाज था, अब वह सोशल मीडिया पर पोस्ट करने और लाइक्स पाने तक सीमित रह गया है। हाथों से दीप जलाने का उत्साह अब हाथों में मोबाइल पकड़े तस्वीरें लेने में बदल गया है। आज के युवा आतिशबाजी से बचते हैं, पर्यावरण का भी ख्याल रखता हैं, जो सराहनीय है। दीपक की जगह अब डेकोरेटिव लाइट्स ने ले ली है और मिलने की जगह फोटो शेयरिंग ने। बदलाव जरूरी है, पर पुराने तरीके का अपनापन आज भी याद आता है।

बुराई पर विजय का पर्व आज, जानें नरक चौदस से जुड़ी सारी जानकारी

संयुक्त परिवार का उल्लास, कॉलोनियों के आयोजनों में सिमटा

पहले दिवाली का मतलब था दादा-दादी या नाना-नानी के घर जाना, पूरा परिवार का एक साथ मिलकर त्योहार मनाना। संयुक्त परिवार के बीच त्योहार का जो उल्लास होता था, वो अब कॉलोनियों के सामूहिक आयोजनों में बदल गया है। वहां भी खुशी है, पर वह बचपन की मस्ती और रतजगा अब कम दिखता है।

गोबर से लिपे आंगन पर रंगोली का आनंद

गांवों में गोबर से लिपे आंगन में बनाई गई रंगोली की खूबसूरती, उसकी सुगंध और अपनापन आज भी स्मृतियों में बसता है। अब शहरीकरण और आधुनिकता ने वह अंदाज बदल दिया है। रंगोली आज भी बनती है, पर इटालियन मार्बल की चिकने फर्शों पर। वहीं, गांवों में भी अब आधुनिकता ने अपनी जगह बना ली है। उन पुराने आंगनों की जगह आज के चमचमाते फर्श ने ले ली है और रिश्तों की वह गर्माहट कहीं खो गई है।

वह एक दिया पड़ोसी के घर रखने का रिवाज

पहले दिवाली की रात एक दिया पड़ोसी के दरवाजे पर रखना परंपरा थी। इससे पड़ोसियों के रिश्तों में भी गर्माहट बनी रहती थी। आज शायद ही कोई ऐसा रिवाज निभाता हो। अब हर कोई अपने घर में सीमित हो गया है। रिश्तों का वह खास कनेक्शन कहीं गुम हो गया। दीये की वह रोशनी जो कभी हर दरवाजे तक पहुंचती थी, अब महज एक याद बन गई है।

Tags:
  • Diwali
  • दिवाली
  • दीपावली
  • लक्ष्मी पूजा
  • Diwali 2024
  • दीपावली 2024
  • गोवर्धन पूजा
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती