वन नेशन वन इलेक्शन का मसौदा तैयार, सहमति बनी तो 2029 से लागू होगा प्लान, 25 राज्यों के विधानसभा चुनाव 2026 तक कराना जरूरी
BP Shrivastava | Dec 24, 2023, 24:00 IST
वन नेशन वन इलेक्शन का मसौदा तैयार, सहमति बनी तो 2029 से लागू होगा प्लान, 25 राज्यों के विधानसभा चुनाव 2026 तक कराना जरूरी
वन नेशन वन इलेक्शन पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली कमेटी विचार कर रही है। कमेटी के पास इसका मसौदा तैयार है। विधि आयोग के इस प्रस्ताव पर सभी दल सहमत हुए तो यह प्लान 2029 से लागू हो सकता है।
NEW DELHI. वन नेशन वन इलेक्शन पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली कमेटी विचार कर रही है। कमेटी के पास इसका मसौदा तैयार है। विधि आयोग के इस प्रस्ताव पर सभी दल सहमत हुए तो यह प्लान 2029 से लागू हो सकता है। इसके लिए जरुरी है दिसंबर 2026 तक 25 राज्यों में विधानसभा चुनाव करा लिए जाएं।
इन राज्यों का कार्यकाल 6 महीने बढ़ाया जाएगा
मध्यप्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और मिजोरम इसमें शामिल नहीं हैं, क्योंकि इन राज्यों में इसी महीने विधानसभा चुनावी नतीजे आए हैं। इसलिए इन विधानसभाओं का कार्यकाल 6 महीने बढ़ाकर जून 2029 तक किया जाएगा। उसके बाद सभी राज्यों में एक साथ विधानसभा-लोकसभा चुनाव कराए जाएंगे।
वन नेशन वन इलेक्शन कमेटी-
पहला चरणः 8 राज्य, वोटिंग जून 2024 में
पूर्व राष्ट्रपति कोविंद की अगुआई में हुई कमेटी की पहली बैठक
दिल्ली के जोधपुर ऑफिसर्स हॉस्टल में वन नेशन-वन इलेक्शन कमेटी की पहली बैठक 23 सितंबर को हुई थी। कमेटी अध्यक्ष पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समेत बाकी सदस्य शामिल हुए। पूर्व राष्ट्रपति की अध्यक्षता में 2 सितंबर को बनी इस कमेटी में गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व सांसद गुलाम नबी आजाद समेत 8 मेंबर हैं। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल कमेटी के स्पेशल मेंबर बनाए गए हैं।
इन राज्यों का कार्यकाल 6 महीने बढ़ाया जाएगा
मध्यप्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और मिजोरम इसमें शामिल नहीं हैं, क्योंकि इन राज्यों में इसी महीने विधानसभा चुनावी नतीजे आए हैं। इसलिए इन विधानसभाओं का कार्यकाल 6 महीने बढ़ाकर जून 2029 तक किया जाएगा। उसके बाद सभी राज्यों में एक साथ विधानसभा-लोकसभा चुनाव कराए जाएंगे।
वन नेशन वन इलेक्शन कमेटी-
- अध्यक्ष: रामनाथ कोविंद (पूर्व राष्ट्रपति),
- सदस्य: हरीश साल्वे (वरिष्ठ अधिवक्ता),
- सदस्य: अमित शाह (गृह मंत्री, बीजेपी),
- सदस्य: अधीर रंजन चौधरी (कांग्रेस नेता),
- सदस्य गुलाम नबी आजाद (डीपीए पार्टी),
- सदस्य: एनके सिंह (15वें वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष),
- सदस्य: डॉ. सुभाष कश्यप (पूर्व अधिकारी),
- सदस्य: संजय कोठारी (पूर्व मुख्य सतर्कता आयुक्त)।
पहला चरणः 8 राज्य, वोटिंग जून 2024 में
- आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किमः इनका कार्यकाल जून 2024 में ही पूरा हो रहा है।
- हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्लीः इनके कार्यकाल में 5-8 महीने कटौती करनी होगी। फिर जून 2029 तक इन राज्यों में विधानसभाएं पूरे 5 साल चलेंगी।
- बिहारः मौजूदा कार्यकाल पूरा होगा। बाद का साढ़े तीन साल ही रहेगा।
- असम, केरल, तमिलनाडु, प. बंगाल और पुद्दुचेरीः मौजूदा कार्यकाल 3 साल 7 महीने घटेगा। उसके बाद का कार्यकाल भी साढ़े 3 साल होगा।
- उत्तर प्रदेश, गोवा, मणिपुर, पंजाब व उत्तराखंडः मौजूदा कार्यकाल 3 से 5 महीने घटेगा। उसके बाद सवा दो साल रहेगा।
- गुजरात, कर्नाटक, हिमाचल, मेघालय, नगालैंड, त्रिपुराः मौजूदा कार्यकाल 13 से 17 माह घटेगा। बाद का सवा दो साल रहेगा।
पूर्व राष्ट्रपति कोविंद की अगुआई में हुई कमेटी की पहली बैठक
दिल्ली के जोधपुर ऑफिसर्स हॉस्टल में वन नेशन-वन इलेक्शन कमेटी की पहली बैठक 23 सितंबर को हुई थी। कमेटी अध्यक्ष पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समेत बाकी सदस्य शामिल हुए। पूर्व राष्ट्रपति की अध्यक्षता में 2 सितंबर को बनी इस कमेटी में गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व सांसद गुलाम नबी आजाद समेत 8 मेंबर हैं। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल कमेटी के स्पेशल मेंबर बनाए गए हैं।
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