मणिपुर के जिरीबाम में CRPF ने 11 कुकी उग्रवादियों को मार गिराया

Ravi Singh | Nov 11, 2024, 19:34 IST
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Violence again in Manipur
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मणिपुर में सुरक्षा बलों और कुकी उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। जिसमें सुरक्षा बलों ने 11 उग्रवादियों को मार गिराया। उग्रवादियों ने सीआरपीएफ कैंप पर हमला किया था।

मणिपुर से एक बार फिर हिंसा की खबर आई है। जिरीबाम जिले में सुरक्षा बलों और कुकी उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिससे इलाके में तनाव फैल गया। सुरक्षा बलों ने कम से कम 11 कुकी उग्रवादियों को मार गिराया। वहीं उग्रवादियों के हमले में एक जवान भी घायल हुआ है। इलाके में तनाव को देखते हुए चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की चौकसी बढ़ा दी गई है।

उग्रवादियों ने किया पहले हमला

जानकारी के अनुसार उग्रवादियों ने सबसे पहले सीआरपीएफ कैंप पर हमला किया। इसके बाद दोनों तरफ से मुठभेड़ शुरू हो गई। अचानक हुए इस हमले में एक जवान भी घायल हुआ है। जवान को एयरलिफ्ट कर अस्पताल ले जाया गया है। वहीं सीआरपीएफ जवानों ने 11 कुकी उग्रवादियों को मार गिराया।

उग्रवादियों की गोलीबारी में किसान घायल

मणिपुर के इंफाल पूर्वी जिले में उग्रवादियों की गोलीबारी में खेत में काम कर रहा एक किसान घायल हो गया। जातीय हिंसा की आग में जल रही मणिपुर की इंफाल घाटी में किसानों पर लगातार तीसरे दिन पहाड़ी इलाकों से आए उग्रवादियों ने हमला किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हमलों के कारण घाटी के बाहरी इलाकों में रहने वाले कई किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं और इससे धान की फसल की कटाई प्रभावित हो रही है।

पिछले साल मई में इंफाल घाटी में रहने वाले मैतेई समुदाय और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले कुकी समुदाय के बीच जातीय हिंसा भड़क उठी थी। इस हिंसा और आगजनी में 200 से ज्यादा लोग मारे गए और हजारों लोग बेघर हो गए।

कौन है कुकी उग्रवादी

यूपीएफ मणिपुर में रहने वाले कुकी लोगों के लिए एक पहाड़ी स्वायत्त राज्य की मांग कर रहा है, वहीं केएनओ एक विशेष कुकी राज्य की मांग कर रहा है। कुकी उग्रवादी समूहों के दो समूहों, यूपीएफ और केएनओ द्वारा उठाई गई प्राथमिक मांगें न केवल एसओओ समझौते के सिद्धांतों के खिलाफ हैं, बल्कि अस्थिर और अव्यवहारिक भी हैं।

अलग राज्य की मांग के लिए बना संगठन

कुकी राष्ट्रीय सेना का गठन 1958 में किया गया। अन्य जातीय विद्रोहों की तरह कुकी उग्रवाद खंडित था। हर समूह एक अलग उद्देश्य से लड़ रहा था। 1974 में नागा बहुल सेनापति जिले में संगठन बना और अलग राज्य की मांग शुरू हुई। इसके बाद कुकी नेशनल फ्रंट का गठन 18 मई 1988 को हुआ था। रैनको थांगबोई कुकी के नेतृत्व में यह संगठन खड़ा हुआ। कुकी आबादी वाले क्षेत्रों के लिए अलग राज्य की मांग इस संगठन की ओर से की जा रही है।

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