ये 4 चार देश करेंगे भारत में अरबों डॉलर का निवेश, मिलेंगे लाखों JOBS
Dr Rameshwar Dayal | Mar 11, 2024, 13:14 IST
FOREGIN JOBS
भारत सरकार के सूत्रों के मुताबिक कई और देशों और ऐसे ही संगठनों के बीच कई दौर की बातचीत चल रही है। संभव है कि लोकसभा चुनाव के बाद यह बातचीत समझौतों में बदल जाए।
यूरोप ( Europe ) के चार देशों ( 4 countries ) ने भारत ( India ) पर विशेष मेहरबानी कर दी है। इन चार देशों के संगठन यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन ( European Free Trade Association - EFTA ) ने घोषणा की है कि वह आगामी 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश करेगा। इन देशों का यह भी कहना है कि इस कवायद से करीब 10 लाख लोगों के लिए रोजगार का रास्तार खुल सकता है। इनमें स्वास्थ्य, फूड व फार्मा सेक्टर आदि शामिल हैं।
इस मसले पर भारत और चार देश आइसलैंड, नार्वे, स्विटजरलैंड व लिकटेंस्टीन की इस एसोशिएन EFTA ने एक डील पर हस्ताक्षर किए हैं। नई दिल्ली में रविवार को हुए इस कारोबारी समझौते में केंद्र सरकार के मंत्री पीयूष गोयल व इन देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे। वैसे यह निवेश का मसला वर्ष 2008 में शुरू हुआ था। पांच साल तक संगठन व भारत सरकार के बीच 13 दौर की बातचीत चलने के बाद रुक गई। साल 2016 में बाचतीत शुरू हुई और अब 21 दौर की लंबी चर्चा के बाद यह डील फाइनल हो गई है।
इस समझौते के तहत आगामी 15 सालों तक 100 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा। इसके तहत जिन सेक्टर में निवेश किया जाएगा, वहां लाखों युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुल जाएंगे। भारत सरकार इस डील को बेहद खास मान रही है। उसका कहना है कि आत्मनिर्भर भारत के लिए ऐसी योजनाओं को सिरे चढ़ाया जाना जरूरी है। डील में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए भारत ने इन देशों के लिए आयात शुल्क को कम करने का निर्णय भी लिया है। सूत्र बताते हैं कि इस समझौते में फिलहाल कृषि, डेयरी व कोयला सेक्टर को फिलहाल शामिल नहीं किया गया है। आपको बता दें कि भारत और EFTA के बीच फिलहाल 18.66 अरब डॉलर का कारोबार चल रहा है, जो अब बढ़ जाएगा। वैसे इस समझौते को अमली जामा पहनाने के लिए इन देशों की संसद से मंजूरी मिलना जरूरी है।
भारत सरकार के सूत्रों के मुताबिक कई और देशों और ऐसे ही संगठनों के बीच कई दौर की बातचीत चल रही है। संभव है कि लोकसभा चुनाव के बाद यह बातचीत समझौतों में बदल जाए। जिन देशों से बातचीत चल रही है, उनमें ब्रिटेन, यूरोपियन यूनियन, ओमान आदि शामिल है। इनमें पहला समझौता ब्रिटेन के साथ होना बताया जा रहा है। जिन सेक्टर के कारोबार को भारत आगे बढ़ाना चाहते हैं, नमें ऑटोमोबाइल, मीट प्रॉडक्ट, लिकर आदि ट्रेड शामिल हैं।
निवेश का मसला सालों पहले शुरू हुआ था
इस मसले पर भारत और चार देश आइसलैंड, नार्वे, स्विटजरलैंड व लिकटेंस्टीन की इस एसोशिएन EFTA ने एक डील पर हस्ताक्षर किए हैं। नई दिल्ली में रविवार को हुए इस कारोबारी समझौते में केंद्र सरकार के मंत्री पीयूष गोयल व इन देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे। वैसे यह निवेश का मसला वर्ष 2008 में शुरू हुआ था। पांच साल तक संगठन व भारत सरकार के बीच 13 दौर की बातचीत चलने के बाद रुक गई। साल 2016 में बाचतीत शुरू हुई और अब 21 दौर की लंबी चर्चा के बाद यह डील फाइनल हो गई है।
भारत के लिए यह समझौता बेहद खास
इस समझौते के तहत आगामी 15 सालों तक 100 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा। इसके तहत जिन सेक्टर में निवेश किया जाएगा, वहां लाखों युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते खुल जाएंगे। भारत सरकार इस डील को बेहद खास मान रही है। उसका कहना है कि आत्मनिर्भर भारत के लिए ऐसी योजनाओं को सिरे चढ़ाया जाना जरूरी है। डील में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए भारत ने इन देशों के लिए आयात शुल्क को कम करने का निर्णय भी लिया है। सूत्र बताते हैं कि इस समझौते में फिलहाल कृषि, डेयरी व कोयला सेक्टर को फिलहाल शामिल नहीं किया गया है। आपको बता दें कि भारत और EFTA के बीच फिलहाल 18.66 अरब डॉलर का कारोबार चल रहा है, जो अब बढ़ जाएगा। वैसे इस समझौते को अमली जामा पहनाने के लिए इन देशों की संसद से मंजूरी मिलना जरूरी है।
अन्य देशों के साथ भी समझौते संभव
भारत सरकार के सूत्रों के मुताबिक कई और देशों और ऐसे ही संगठनों के बीच कई दौर की बातचीत चल रही है। संभव है कि लोकसभा चुनाव के बाद यह बातचीत समझौतों में बदल जाए। जिन देशों से बातचीत चल रही है, उनमें ब्रिटेन, यूरोपियन यूनियन, ओमान आदि शामिल है। इनमें पहला समझौता ब्रिटेन के साथ होना बताया जा रहा है। जिन सेक्टर के कारोबार को भारत आगे बढ़ाना चाहते हैं, नमें ऑटोमोबाइल, मीट प्रॉडक्ट, लिकर आदि ट्रेड शामिल हैं।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari