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Healthy Lifestyle:सुबह अलार्म की चीख, भागते-दौड़ते मेट्रो पकड़ना और फिर ऑफिस की उस आरामदायक घूमने वाली कुर्सी पर 9 घंटे की कैद। सुनने में ये एक सक्सेस कॉर्पोरेट लाइफ लगती है, लेकिन आपकी यही कुर्सी आपके लिवर की सबसे बड़ी दुश्मन बन रही है।
डेडलाइन्स का प्रेशर, बैक-टू-बैक मीटिंग्स। स्ट्रेस दूर करने के लिए बार-बार पी जाने वाली चाय-कॉफी। ये सभी आपके लिवर में धीरे-धीरे चर्बी जमा कर रही है। डॉक्टर्स का कहना है कि ये लाइफस्टाइल लिवर के लिए खतरनाक है।
देश में फैटी लिवर के मरीज बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। ये उन हार्ड-वर्किंग प्रोफेशनल्स को अपना शिकार बना रही है जो दिनभर डेस्क से चिपके रहते हैं। अगर आप भी एक ऑफिस गोअर हैं, तो ये रिपोर्ट आपके लिए एक वेक-अप कॉल है।
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आखिर क्या है ये फैटी लिवर की बीमारी
हमारा लिवर ग्लूकोज को एनर्जी में बदलने का काम करता है। जब हम फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते, तो ये ग्लूकोज नहीं पचता। ये शरीर में चर्बी या फैट के रूप में जमा होने लगता है।
लिवर में ज्यादा चर्बी जमा होना ही फैटी लिवर कहलाता है। ये मेनली दो टाइप का होता है। शराब पीने वालों को अल्कोहलिक फैटी लिवर होता है। बिना शराब पीने वालों को नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर होता है।
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ऑफिस वर्कर्स क्यों हो रहे हैं इसके शिकार
डॉक्टर्स का कहना है कि लगातार 8 से 9 घंटे बैठना मेटाबॉलिज्म को धीमा करता है। आईटी सेक्टर और कॉर्पोरेट जॉब वालों में यह समस्या ज्यादा है। हिलने-डुलने की कमी से शरीर में कैलोरी बर्न नहीं होती।
इसके बाद ऑफिस में बार-बार चाय और कॉफी चलती है। साथ में समोसे, बिस्किट या प्रोसेस्ड स्नैक्स खाए जाते हैं। ये सब मिलकर लिवर पर बहुत ज्यादा दबाव डालते हैं। धीरे-धीरे लिवर के सेल्स के आसपास फैट जमा हो जाता है।
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टेंशन का बड़ा रोल
जल्दबाजी में लोग अक्सर अपना सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं। भूख लगने पर बाहर का ऑयली या फास्ट फूड खाते हैं। कोल्ड ड्रिंक्स और ज्यादा मीठा भी लिवर को नुकसान पहुंचाता है।
काम की डेडलाइन और टारगेट का तनाव हार्मोन बिगाड़ देता है। इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है और वजन बढ़ने लगता है। अधूरी नींद भी लिवर की रिकवरी को पूरी तरह रोक देती है। स्ट्रेस्फुल लाइफ लिवर की बीमारियों का सबसे बड़ा कारण है।
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बिना सिम्पटम्स के बढ़ती है बीमारी
फैटी लिवर की सबसे डरावनी बात इसके लक्षण हैं। फैटी लिवर के लक्षण कई सालों तक शरीर में दिखाई नहीं देते। अक्सर लोग इसे सामान्य थकान समझकर पूरी तरह नजरअंदाज कर देते हैं।
ज्यादातर लोगों को रूटीन चेकअप के दौरान इसका पता चलता है। अल्ट्रासाउंड कराने पर ही फैट जमा होने की बात खुलती है। अगर ध्यान न दें, तो लिवर में सूजन आ जाती है। ये आगे चलकर लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी बन सकती है।
अपनाएं ये आसान लाइफस्टाइल टिप्स...
डॉक्टर्स की सलाह है कि हर घंटे कुर्सी से जरूर उठें।
ऑफिस (corporate job) में थोड़ा वॉक करें और लिफ्ट के बदले सीढ़ियां चढ़ें।
घर का बना फाइबर युक्त सादा खाना ही खाएं।
अपनी डाइट में हरी सब्जियां और ताजे फल बढ़ाएं।
प्रोसेस्ड फूड और ज्यादा चीनी से पूरी दूरी बनाएं।
रोज कम से कम 30 मिनट तक एक्सरसाइज जरूर करें।
साल में एक बार लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) जरूर कराएं।
वजन को कंट्रोल में रखना लिवर (Fatty liver) के लिए सबसे बेस्ट है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
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