सावधान! सर्दियों में कोहरा बन सकता है काल, 34 हजार सड़क हादसों और 14 हजार मौतों की यही बनी वजह
Amresh Kushwaha | Oct 21, 2026, 20:54 IST
सफर पर निकलने से पहले जान लें ये 10 जरूरी बातें।
सर्दियों में कोहरा सड़क हादसों का बड़ा खतरा बन जाता है। खासकर हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर परेशानी बढ़ जाती है। घने कोहरे में सामने चल रहे वाहन भी दिखाई नहीं देते। अचानक ब्रेक लगाने से कई वाहन आपस में टकरा जाते हैं। ऐसे हादसों में हर साल हजारों लोगों की जान जाती है।
त्योहारों के दौरान लोग बड़ी संख्या में घर लौटते हैं। कई परिवार कार और बाइक से लंबा सफर करते हैं। दिल्ली-एनसीआर से बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वालों की संख्या भी बढ़ती है। ऐसे में कोहरे के बीच ड्राइविंग करना खतरनाक हो सकता है। इसलिए यात्रा से पहले कुछ जरूरी सावधानियां जानना बेहद जरूरी है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। साल 2023 में देशभर में 4 लाख 80 हजार 583 सड़क हादसे हुए। इन हादसों में एक लाख 72 हजार 890 लोगों की मौत हुई। वहीं चार लाख 62 हजार 825 लोग घायल हुए।
इन आंकड़ों के अनुसार देश में हर दिन औसतन 474 लोगों की जान गई।
मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार साल 2023 में धुंध और कोहरे के दौरान 34 हजार 266 सड़क हादसे हुए थे। इनमें 14 हजार 617 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 30 हजार 646 लोग घायल हुए थे।
देश के कुल सड़क हादसों में इनकी हिस्सेदारी करीब 7.1 प्रतिशत रही। सड़क दुर्घटनाओं में हुई कुल मौतों का लगभग 8.5 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं हादसों से जुड़ा था।
उत्तर प्रदेश में स्थिति ज्यादा चिंताजनक रही। यहां कोहरे और धुंध के दौरान आठ हजार 191 सड़क हादसे दर्ज हुए थे। इनमें चार हजार 408 लोगों की मौत हुई थी।
हालांकि इन सभी हादसों की वजह केवल कोहरा नहीं था। तेज रफ्तार और गलत ओवरटेकिंग से भी खतरा बढ़ता है। सड़क पर खड़े वाहन भी दुर्घटना की वजह बन सकते हैं।
घने कोहरे में गाड़ी की रफ्तार कम रखना जरूरी है। सामने की सड़क कितनी दिखाई दे रही है? इसी आधार पर अपनी स्पीड तय करें।
तेज रफ्तार में अचानक गाड़ी रोकना मुश्किल हो सकता है। इसलिए स्पीड लिमिट के अंदर रहकर भी सावधानी बरतें।
Safe Driving का सबसे जरूरी नियम रफ्तार पर नियंत्रण है। समय पर पहुंचने से ज्यादा जरूरी सुरक्षित पहुंचना है।
कोहरे में कई लोग हाई बीम हेडलाइट जलाते हैं। उन्हें लगता है कि इससे रास्ता साफ दिखाई देगा। लेकिन ऐसा करना खतरनाक हो सकता है।
कोहरे में तेज रोशनी वापस आंखों की ओर लौटती है। इससे सामने का रास्ता और कम दिखाई देता है।
इसलिए हेडलाइट को लो बीम पर रखें। जरूरत पड़ने पर फ्रंट फॉग लैंप का इस्तेमाल करें। पीछे की फॉग लाइट केवल बहुत कम विजिबिलिटी में जलाएं। दृश्यता बेहतर होने पर इसे बंद कर दें।
कोहरे में आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाएं। अचानक ब्रेक लगने पर टक्कर का खतरा बढ़ जाता है।
सामान्य मौसम के मुकाबले ज्यादा दूरी रखना बेहतर होता है। इससे जरूरत पड़ने पर गाड़ी रोकने का समय मिलता है।
आगे चल रही गाड़ी की टेललाइट देखकर ही वाहन न चलाएं। सड़क और आसपास के वाहनों पर भी नजर रखें।
घने कोहरे में ओवरटेक करना खतरनाक साबित हो सकता है। सामने से आने वाला वाहन देर से दिखाई देता है।
तेज रफ्तार में अचानक ब्रेक लगाने से भी बचें। खतरा दिखने पर धीरे-धीरे गाड़ी की गति कम करें।
बिना जरूरत लेन बदलने की कोशिश न करें। खासकर हाईवे पर जल्दबाजी हादसे की वजह बन सकती है।
कोहरे में सड़क की सफेद पट्टियां रास्ता पहचानने में मदद करती हैं। किनारे लगे रिफ्लेक्टर भी उपयोगी होते हैं।
इनकी मदद से अपनी लेन में रहना आसान होता है। लेकिन केवल सड़क की पट्टियों के भरोसे गाड़ी न चलाएं।
आसपास के वाहन और सड़क के संकेत भी देखते रहें। मार्किंग नहीं दिखने पर रफ्तार और कम कर दें।
सर्दियों में कार के शीशों पर धुंध जम सकती है। अंदर और बाहर के तापमान में अंतर इसकी वजह बनता है।
इससे ड्राइवर को सामने का रास्ता साफ नहीं दिखता। ऐसी स्थिति में कार का डिफॉगर चालू करें।
जरूरत के अनुसार एसी का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इससे कार के अंदर की नमी कम होती है।
यात्रा से पहले वाइपर और विंडशील्ड जरूर साफ करें। यह Fog Safety के लिए जरूरी सावधानी है।
कोहरे में कुछ ड्राइवर भारी वाहनों के पीछे चलते हैं। वे आगे चल रहे वाहन की टेललाइट देखते रहते हैं।
लेकिन यह तरीका सुरक्षित नहीं माना जा सकता। ट्रक या बस अचानक ब्रेक लगा सकती है। ऐसे में पीछे चल रही कार उससे टकरा सकती है।
इसलिए भारी वाहनों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। अपनी गाड़ी की रफ्तार भी नियंत्रण में रखें।
घने कोहरे में सड़क दिखाई देना बंद हो सकती है। ऐसी स्थिति में सबसे पहले गाड़ी की रफ्तार कम करें।
लेकिन हाईवे की चलती लेन में अचानक वाहन न रोकें। पीछे से आ रही गाड़ियां उससे टकरा सकती हैं।
आगे बढ़ना सुरक्षित नहीं है तो निर्धारित सुरक्षित जगह तलाशें। संभव हो तो सर्विस एरिया या सुरक्षित पार्किंग में रुकें। जरूरत पड़ने पर वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोककर हजार्ड लाइट जलाएं।
लंबी यात्रा पर निकलने से पहले वाहन की जांच जरूरी है। छोटी तकनीकी खराबी भी कोहरे में परेशानी बढ़ा सकती है।
हेडलाइट और टेललाइट सही काम करनी चाहिए। ब्रेक और टायर की स्थिति भी जांचें।
फॉग लैंप और डिफॉगर भी चेक करें। गाड़ी में फर्स्ट एड किट रखना न भूलें। वाहन के जरूरी दस्तावेज भी साथ रखें।
यह सामान्य Road Safety तैयारी का अहम हिस्सा है।
लंबे सफर में थकान और नींद बड़ा खतरा बन सकती है। कई लोग रातभर गाड़ी चलाकर जल्दी घर पहुंचना चाहते हैं।
लेकिन लगातार ड्राइविंग करने से ध्यान कमजोर हो सकता है। आंखें भारी होना और बार-बार जम्हाई आना इसके संकेत हैं।
ऐसा होने पर सुरक्षित जगह गाड़ी रोककर आराम करें। संभव हो तो दूसरा व्यक्ति गाड़ी चलाए।
चाय या कॉफी पीना पर्याप्त नींद का विकल्प नहीं है।
कोहरे में ड्राइवर का पूरा ध्यान सड़क पर होना चाहिए। मोबाइल पर बात करना या मैसेज पढ़ना खतरनाक है।
यात्रा शुरू करने से पहले मोबाइल में रास्ता तय कर लें। नेविगेशन के लिए ऑडियो निर्देशों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
रास्ता बदलना हो तो सुरक्षित जगह गाड़ी रोकें। इसके बाद ही मोबाइल का इस्तेमाल करें।
लंबे सफर से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें। मौसम विभाग की चेतावनी और ट्रैफिक एडवाइजरी भी देखें।
बहुत घना कोहरा होने की आशंका है तो यात्रा टालना बेहतर है। संभव हो तो रात और सुबह जल्दी निकलने से बचें।
इन दोनों समय कोहरा ज्यादा घना हो सकता है। सफर के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें।
कोहरा बाइक सवारों के लिए भी खतरनाक होता है। ठंडी हवा और कम दृश्यता से परेशानी बढ़ती है।
इसलिए हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाला हेलमेट पहनें। हेलमेट का वाइजर साफ होना चाहिए।
चमकीले कपड़े या रिफ्लेक्टिव जैकेट पहनना उपयोगी हो सकता है। बाइक की हेडलाइट और टेललाइट चालू रखें।
भारी वाहनों के ज्यादा करीब न जाएं। अपनी लेन में रहकर नियंत्रित रफ्तार में बाइक चलाएं।
दिवाली और छठ जैसे त्योहारों पर लोग परिवार से मिलने जाते हैं। इस दौरान जल्दबाजी करना भारी पड़ सकता है।
सरकारी आंकड़े बताते हैं कि कोहरे के दौरान हजारों हादसे होते हैं। इनमें बड़ी संख्या में लोगों की जान चली जाती है।
सभी हादसों की वजह ड्राइवर की गलती नहीं होती। फिर भी सावधानी बरतकर कई खतरों को कम किया जा सकता है।
इसलिए गाड़ी की रफ्तार कम रखें। दूसरे वाहनों से पर्याप्त दूरी बनाएं। मौसम खराब होने पर यात्रा का समय बदल दें।
याद रखें कि मंजिल पर देर से पहुंचना बेहतर है। सबसे जरूरी अपने परिवार के पास सुरक्षित पहुंचना है।
साल 2023 में कितने हादसे हुए?
इन आंकड़ों के अनुसार देश में हर दिन औसतन 474 लोगों की जान गई।
कोहरे में 14 हजार से ज्यादा मौतें
देश के कुल सड़क हादसों में इनकी हिस्सेदारी करीब 7.1 प्रतिशत रही। सड़क दुर्घटनाओं में हुई कुल मौतों का लगभग 8.5 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं हादसों से जुड़ा था।
उत्तर प्रदेश में स्थिति ज्यादा चिंताजनक रही। यहां कोहरे और धुंध के दौरान आठ हजार 191 सड़क हादसे दर्ज हुए थे। इनमें चार हजार 408 लोगों की मौत हुई थी।
हालांकि इन सभी हादसों की वजह केवल कोहरा नहीं था। तेज रफ्तार और गलत ओवरटेकिंग से भी खतरा बढ़ता है। सड़क पर खड़े वाहन भी दुर्घटना की वजह बन सकते हैं।
1. कोहरे में स्पीड कम रखें
तेज रफ्तार में अचानक गाड़ी रोकना मुश्किल हो सकता है। इसलिए स्पीड लिमिट के अंदर रहकर भी सावधानी बरतें।
Safe Driving का सबसे जरूरी नियम रफ्तार पर नियंत्रण है। समय पर पहुंचने से ज्यादा जरूरी सुरक्षित पहुंचना है।
2. हाई बीम लाइट इस्तेमाल न करें
कोहरे में तेज रोशनी वापस आंखों की ओर लौटती है। इससे सामने का रास्ता और कम दिखाई देता है।
इसलिए हेडलाइट को लो बीम पर रखें। जरूरत पड़ने पर फ्रंट फॉग लैंप का इस्तेमाल करें। पीछे की फॉग लाइट केवल बहुत कम विजिबिलिटी में जलाएं। दृश्यता बेहतर होने पर इसे बंद कर दें।
3. आगे वाली गाड़ी से दूरी रखें
सामान्य मौसम के मुकाबले ज्यादा दूरी रखना बेहतर होता है। इससे जरूरत पड़ने पर गाड़ी रोकने का समय मिलता है।
आगे चल रही गाड़ी की टेललाइट देखकर ही वाहन न चलाएं। सड़क और आसपास के वाहनों पर भी नजर रखें।
4. ओवरटेकिंग करने से बचें
तेज रफ्तार में अचानक ब्रेक लगाने से भी बचें। खतरा दिखने पर धीरे-धीरे गाड़ी की गति कम करें।
बिना जरूरत लेन बदलने की कोशिश न करें। खासकर हाईवे पर जल्दबाजी हादसे की वजह बन सकती है।
5. सड़क के रिफ्लेक्टर देखें
इनकी मदद से अपनी लेन में रहना आसान होता है। लेकिन केवल सड़क की पट्टियों के भरोसे गाड़ी न चलाएं।
आसपास के वाहन और सड़क के संकेत भी देखते रहें। मार्किंग नहीं दिखने पर रफ्तार और कम कर दें।
6. विंडशील्ड पर धुंध न जमने दें
इससे ड्राइवर को सामने का रास्ता साफ नहीं दिखता। ऐसी स्थिति में कार का डिफॉगर चालू करें।
जरूरत के अनुसार एसी का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इससे कार के अंदर की नमी कम होती है।
यात्रा से पहले वाइपर और विंडशील्ड जरूर साफ करें। यह Fog Safety के लिए जरूरी सावधानी है।
7. ट्रक और बस के पीछे न चलें
लेकिन यह तरीका सुरक्षित नहीं माना जा सकता। ट्रक या बस अचानक ब्रेक लगा सकती है। ऐसे में पीछे चल रही कार उससे टकरा सकती है।
इसलिए भारी वाहनों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। अपनी गाड़ी की रफ्तार भी नियंत्रण में रखें।
8. हाईवे पर अचानक गाड़ी न रोकें
लेकिन हाईवे की चलती लेन में अचानक वाहन न रोकें। पीछे से आ रही गाड़ियां उससे टकरा सकती हैं।
आगे बढ़ना सुरक्षित नहीं है तो निर्धारित सुरक्षित जगह तलाशें। संभव हो तो सर्विस एरिया या सुरक्षित पार्किंग में रुकें। जरूरत पड़ने पर वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोककर हजार्ड लाइट जलाएं।
9. सफर से पहले गाड़ी चेक करें
हेडलाइट और टेललाइट सही काम करनी चाहिए। ब्रेक और टायर की स्थिति भी जांचें।
फॉग लैंप और डिफॉगर भी चेक करें। गाड़ी में फर्स्ट एड किट रखना न भूलें। वाहन के जरूरी दस्तावेज भी साथ रखें।
यह सामान्य Road Safety तैयारी का अहम हिस्सा है।
10. नींद आने पर ड्राइविंग न करें
लेकिन लगातार ड्राइविंग करने से ध्यान कमजोर हो सकता है। आंखें भारी होना और बार-बार जम्हाई आना इसके संकेत हैं।
ऐसा होने पर सुरक्षित जगह गाड़ी रोककर आराम करें। संभव हो तो दूसरा व्यक्ति गाड़ी चलाए।
चाय या कॉफी पीना पर्याप्त नींद का विकल्प नहीं है।
ड्राइविंग के दौरान मोबाइल से बचें
यात्रा शुरू करने से पहले मोबाइल में रास्ता तय कर लें। नेविगेशन के लिए ऑडियो निर्देशों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
रास्ता बदलना हो तो सुरक्षित जगह गाड़ी रोकें। इसके बाद ही मोबाइल का इस्तेमाल करें।
मौसम देखकर ही यात्रा शुरू करें
बहुत घना कोहरा होने की आशंका है तो यात्रा टालना बेहतर है। संभव हो तो रात और सुबह जल्दी निकलने से बचें।
इन दोनों समय कोहरा ज्यादा घना हो सकता है। सफर के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलें।
बाइक चलाने वाले भी ध्यान दें
इसलिए हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाला हेलमेट पहनें। हेलमेट का वाइजर साफ होना चाहिए।
चमकीले कपड़े या रिफ्लेक्टिव जैकेट पहनना उपयोगी हो सकता है। बाइक की हेडलाइट और टेललाइट चालू रखें।
भारी वाहनों के ज्यादा करीब न जाएं। अपनी लेन में रहकर नियंत्रित रफ्तार में बाइक चलाएं।
सुरक्षित घर पहुंचना सबसे जरूरी
सरकारी आंकड़े बताते हैं कि कोहरे के दौरान हजारों हादसे होते हैं। इनमें बड़ी संख्या में लोगों की जान चली जाती है।
सभी हादसों की वजह ड्राइवर की गलती नहीं होती। फिर भी सावधानी बरतकर कई खतरों को कम किया जा सकता है।
इसलिए गाड़ी की रफ्तार कम रखें। दूसरे वाहनों से पर्याप्त दूरी बनाएं। मौसम खराब होने पर यात्रा का समय बदल दें।
याद रखें कि मंजिल पर देर से पहुंचना बेहतर है। सबसे जरूरी अपने परिवार के पास सुरक्षित पहुंचना है।
टीईटी पास नहीं तो नौकरी और प्रमोशन पर असर! शिक्षकों के लिए विशेष परीक्षा कराएगी सरकार
By Arun Tiwari
MP में डॉक्टरों की नौकरी पर हाईकोर्ट का फैसला, 65 साल की उम्र तक सेवा में कर सकेंगे, 20 साल की क्लिनिकल सेवा पूरी करने वाले को लाभ
By Arohi Raj
Rajasthan Top News: कोटा नहर हादसे में 18 घंटे बाद मिले चारों युवकों के शव, दुर्गा विसर्जन के दौरान पलटी थी नाव
By Jageshwar prasad
पोषण माह 2026 में राजस्थान का राष्ट्रीय स्तर पर परचम, पूरे भारत में हासिल किया द्वितीय स्थान; जोधपुर रहा प्रदेश में अव्वल
By Jageshwar prasad
चंडीगढ़ के ताज होटल में छत्तीसगढ़ के कारोबारी की संदिग्ध मौत, रात में कमरे में आई युवती से पूछताछ
By Umeshwari Baghel
MP में 3 IAS अधिकारियों के तबादले, भोपाल नगर निगम को मिले नए अपर आयुक्त, जानें किसे कहां मिली जिम्मेदारी
By Sumit Kumar
एमपी में सरकारी नौकरियों की हकीकत: दो विभागों में हजारों पद, बाकी विभागों में वैकेंसी का इंतजार!
By Atul Dwivedi