पूर्व क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी का निधन, 22 टेस्ट में भारत के कप्तान रहे, 1975 वर्ल्ड कप भी खेले
BP Shrivastava | Oct 23, 2023, 24:00 IST
पूर्व क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी का निधन, 22 टेस्ट में भारत के कप्तान रहे, 1975 वर्ल्ड कप भी खेले
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान बिशन सिंह बेदी का सोमवार, 23 अक्टूबर को निधन हो गया। वे 77 साल के थे। बेदी ने 1975 वर्ल्ड कप (इंग्लैंड) में टीम इंडिया से दो मैच खेले थे।
NEW DELHI.भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान बिशन सिंह बेदी का सोमवार, 23 अक्टूबर को निधन हो गया। वे 77 साल के थे। बेदी ने 1975 वर्ल्ड कप (इंग्लैंड) में टीम इंडिया से दो मैच खेले थे। यह उनका पहला और अखिरी वर्ल्ड कप था। लेफ्ट आर्म स्पिनर बेदी ने भारत के लिए 1967 से 1979 तक 67 टेस्ट मैच खेले और 266 विकेट लिए। वनडे क्रिकेट में उन्होंने 10 मैचों में 7 विकेट लिए। बेदी 1970 के दशक में स्पिन गेंदबाजी की मशहूर चौकड़ी (बेदी, प्रसन्ना, चंद्रशेखर, राघवन) का हिस्सा रहे। उनका जन्म 25 सितंबर 1946 को अमृतसर में हुआ था। वे बाएं हाथ के स्पिनर थे। उन्होंने 22 टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी की थी। उन्होंने 1560 विकेटों के साथ अपना फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर खत्म किया था।
1975 वर्ल्ड कप में दो मैच खेले
बेदी ने 1975 वर्ल्ड कप में भारत की ओर से 2 मैच भी खेले थे। इंग्लैंड में 1975 वनडे वर्ल्ड कप में उन्होंने ईस्ट अफ्रीका और न्यूजीलैंड के खिलाफ हुए मैचों में हिस्सा लिया और दोनों मैचों में 1-1 विकेट लिया। यह बेदी का पहला और आखिरी वर्ल्ड कप था। बेदी क्रिकेट को जेंटलमैन तरीके से खेलने के हिमायती रहे।
मनिंदर और मुरली कार्तिक के गुरु भी रे बेदी
बिशन सिंह बेदी के परिवार में पत्नी अंजू, बेटा अंगद और बेटी नेहा हैं। वह राष्ट्रीय चयनकर्ता होने के साथ मनिंदर सिंह और मुरली कार्तिक जैसे कई प्रतिभाशाली स्पिनरों के गुरु भी थे।
फ्लाइटेड लेग ब्रेक के जाल में बड़े-बड़े दिग्गजों को उलझाया
बाएं हाथ के दिग्गज स्पिनर बेदी भारतीय क्रिकेट का वह चेहरा रहे, जो न सिर्फ मैदान पर अपने प्रदर्शन से चमके... बल्कि अपने नेतृत्व से मिसाल कायम की और साथ ही अपने विचार रखने में कभी संकोच नहीं किया। बेदी ने 1960-70 के दशक में बल्लेबाजों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी थी। भारतीय जमीन से लेकर विदेशों में भी उन्होंने अपनी फ्लाइटेड लेग ब्रेक के जाल में बड़े-बड़े दिग्गजों को उलझाया।
बिशन सिंह बेदी ने पारी में 14 बार 5 विकेट झटके
स्पिनर बेदी ने पारी में 14 बार पांच विकेट और मैच में एक बार 10 विकेट चटकाने का कारनामा किया।
पंजाब से क्रिकेट करियर की शुरुआत करने वाले बिशन सिंह बेदी ने अपना ज्यादा वक्त भारतीय टीम के अलावा दिल्ली की रणजी टीम के साथ बिताया, जिससे वह 1968 में जुड़े थे। बेदी का इंटरनेशनल क्रिकेट करियर करीब 12 साल का रहा। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता (उन दिनों कलकत्ता) टेस्ट मैच से इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था। यह मैच 31 दिसंबर 1966 से 5 जनवरी 1967 तक खेला गया था। तब उन्हें सिर्फ एक पारी में गेंदबाजी करने का मौका मिला और उन्होंने दो विकेट लिए थे। इसके बाद उन्होंने पहला वनडे मैच 13 जुलाई 1974 को इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स में खेला था। बेदी ने अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच इंग्लैंड के खिलाफ लंदन टेस्ट मैच खेला था। यह मैच 30 सितंबर से 4 सितंबर 1979 तक चला था।
1975 वर्ल्ड कप में दो मैच खेले
बेदी ने 1975 वर्ल्ड कप में भारत की ओर से 2 मैच भी खेले थे। इंग्लैंड में 1975 वनडे वर्ल्ड कप में उन्होंने ईस्ट अफ्रीका और न्यूजीलैंड के खिलाफ हुए मैचों में हिस्सा लिया और दोनों मैचों में 1-1 विकेट लिया। यह बेदी का पहला और आखिरी वर्ल्ड कप था। बेदी क्रिकेट को जेंटलमैन तरीके से खेलने के हिमायती रहे।
मनिंदर और मुरली कार्तिक के गुरु भी रे बेदी
बिशन सिंह बेदी के परिवार में पत्नी अंजू, बेटा अंगद और बेटी नेहा हैं। वह राष्ट्रीय चयनकर्ता होने के साथ मनिंदर सिंह और मुरली कार्तिक जैसे कई प्रतिभाशाली स्पिनरों के गुरु भी थे।
फ्लाइटेड लेग ब्रेक के जाल में बड़े-बड़े दिग्गजों को उलझाया
बाएं हाथ के दिग्गज स्पिनर बेदी भारतीय क्रिकेट का वह चेहरा रहे, जो न सिर्फ मैदान पर अपने प्रदर्शन से चमके... बल्कि अपने नेतृत्व से मिसाल कायम की और साथ ही अपने विचार रखने में कभी संकोच नहीं किया। बेदी ने 1960-70 के दशक में बल्लेबाजों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी थी। भारतीय जमीन से लेकर विदेशों में भी उन्होंने अपनी फ्लाइटेड लेग ब्रेक के जाल में बड़े-बड़े दिग्गजों को उलझाया।
बिशन सिंह बेदी ने पारी में 14 बार 5 विकेट झटके
स्पिनर बेदी ने पारी में 14 बार पांच विकेट और मैच में एक बार 10 विकेट चटकाने का कारनामा किया।
- टेस्ट मैच- 67, विकेट- 266
- वनडे मैच- 10, विकेट-7
- फर्स्ट क्लास मैच- 370, विकेट- 1560
पंजाब से क्रिकेट करियर की शुरुआत करने वाले बिशन सिंह बेदी ने अपना ज्यादा वक्त भारतीय टीम के अलावा दिल्ली की रणजी टीम के साथ बिताया, जिससे वह 1968 में जुड़े थे। बेदी का इंटरनेशनल क्रिकेट करियर करीब 12 साल का रहा। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता (उन दिनों कलकत्ता) टेस्ट मैच से इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था। यह मैच 31 दिसंबर 1966 से 5 जनवरी 1967 तक खेला गया था। तब उन्हें सिर्फ एक पारी में गेंदबाजी करने का मौका मिला और उन्होंने दो विकेट लिए थे। इसके बाद उन्होंने पहला वनडे मैच 13 जुलाई 1974 को इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स में खेला था। बेदी ने अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच इंग्लैंड के खिलाफ लंदन टेस्ट मैच खेला था। यह मैच 30 सितंबर से 4 सितंबर 1979 तक चला था।
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