गूगल पर साइबर अटैक से 250 करोड़ यूजर्स परेशान, पासवर्ड बदलने के अलावा जानें अकाउंट सिक्योर करने का तरीका

Dablu Kumar | Aug 30, 2025, 16:21 IST
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गूगल पर हुए साइबर अटैक ने 250 करोड़ यूजर्स के अकाउंट्स को प्रभावित किया। इस अटैक से बचाव के लिए गूगल टीम काम कर रही है। साथ ही, लोगों को इनसे बचने के लिए उपाय भी शेयर किए हैं।

गूगल पर साइबर अटैक ने लगभग 250 करोड़ यूजर्स के अकाउंट्स को प्रभावित किया है। यह हमले 8 अगस्त से 18 अगस्त के बीच हुआ है। हैकर्स ने कंप्रोमाइज्ड ओपन ऑथराइजेशन (OAuth) टोकन्स का उपयोग किया है। इस अटैक ने न केवल व्यक्तिगत अकाउंट्स को निशाना बनाया, बल्कि Salesforce के कस्टमर डेटाबेस तक भी पहुंच बनाई। गूगल थ्रेट इंटेलिजेंस ग्रुप (GTIG) ने यह पुष्टि की है कि हमले का उद्देश्य बड़े पैमाने पर डेटा चोरी करना था।

गूगल ने इस हमले के बाद अपने प्रभावित यूजर्स को ईमेल भेजकर उन्हें तुरंत पासवर्ड बदलने और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को सक्रिय करने की सलाह दी है। इसके अलावा यूजर्स को किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने की चेतावनी भी दी गई है।

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UNC6395 हैकर्स ग्रुप का हाथ

गूगल ने इस हमले के बारे में जांच की। इससे पता चला है कि हैकर्स का ग्रुप UNC6395 पहले भी कई बड़े डेटा चोरी अभियानों में शामिल रहा है। इस बार हमले का मुख्य लक्ष्य Salesforce के कस्टमर डेटा को चुराना था। यह Salesloft Drift थर्ड-पार्टी एप्लिकेशन के कंप्रोमाइज्ड OAuth टोकन्स के कारण संभव हुआ। इस खतरे को रोकने के लिए Salesloft ने Drift से जुड़े सभी एक्टिव टोकन्स को रद्द कर दिया है। साथ ही, Salesforce ने Drift को अस्थायी रूप से अपने AppExchange से हटा दिया है।

गूगल पर हुए साइबर अटैक वाली खबर पर एक नजर



  • 8 से 18 अगस्त के बीच हुए साइबर अटैक ने लगभग 2.5 अरब यूजर्स के अकाउंट्स को प्रभावित किया, जिसमें हैकर्स ने OAuth टोकन्स का उपयोग किया।
  • गूगल ने प्रभावित यूजर्स को पासवर्ड बदलने और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को सक्रिय करने की सलाह दी है।
  • UNC6395 हैकर्स ग्रुप ने Salesforce के कस्टमर डेटा को चुराने का प्रयास किया, जिसके लिए Salesloft Drift एप्लिकेशन के कंप्रोमाइज्ड OAuth टोकन्स का इस्तेमाल किया गया।
  • गूगल और Salesforce ने सुरक्षा उपाय के रूप में Drift के टोकन्स रद्द किए और एप्लिकेशन को अस्थायी रूप से हटा दिया।
  • जीमेल अकाउंट की सुरक्षा बढ़ाने के लिए गूगल सिक्योरिटी चेक-अप, पासवर्ड अपडेट, 2FA सक्षम करना और थर्ड-पार्टी एक्सेस हटाने की सलाह दी गई है।

जीमेल अकाउंट को सुरक्षित रखने के उपाय

गूगल सिक्योरिटी चेक-अप करें

अपने Google अकाउंट में जाकर Settings > Security > Security check-up पर क्लिक करें और सभी रेड या एम्बर अलर्ट को ठीक करें। यह चेक-अप आपको सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण मुद्दों की पहचान करने में मदद करेगा और आपके अकाउंट को सुरक्षित बनाएगा।

पासवर्ड को अपडेट करें

आपका पासवर्ड आपके अकाउंट की सुरक्षा का पहला स्तर होता है। गूगल ने सलाह दी है कि आप अपने पासवर्ड को यूनिक, स्ट्रॉन्ग और अल्फान्यूमेरिक बनाएं। इसमें कैपिटल लेटर्स, नंबर्स और स्पेशल कैरेक्टर्स शामिल हों। इसके लिए आपको Security > Password > Set a new password पर जाकर नया पासवर्ड सेट करना होगा।

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टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) ऑन करें

टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) आपके अकाउंट की सुरक्षा को एक और स्तर पर ले जाता है। इसे चालू करने के लिए आपको Security > 2-Step Verification पर जाकर पासकी जोड़नी होगी। आप चाहें तो Authenticator App का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आपकी सुरक्षा में और सुधार होगा।

डिवाइस और एक्टिव सेशंस चेक करें

अपने अकाउंट के सुरक्षा के लिए यह जरूरी है कि आप अपने सभी डिवाइस और एक्टिव सेशंस की जांच करें। Security > Your devices में जाकर आप देख सकते हैं कि कौन-कौन से डिवाइस लॉग-इन हैं। यदि कोई भी अनजान या पुराना डिवाइस दिखाई दे, तो उसे तुरंत साइन-आउट कर दें।

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थर्ड-पार्टी एक्सेस हटाएं

अगर आपने अपने अकाउंट को किसी थर्ड-पार्टी एप्लिकेशन से लिंक किया है, तो आपको इन एप्लिकेशनों को हटा देना चाहिए। इनका अब आपको उपयोग नहीं है। इसके लिए आपको Security > Third-party access में जाकर एप्लिकेशन को हटा देना होगा।

हालिया लॉगिन एक्टिविटी मॉनिटर करें

आपको अपने अकाउंट की हालिया लॉगिन एक्टिविटी भी मॉनिटर करनी चाहिए। इसके लिए Gmail वेबपेज पर जाकर दाईं ओर नीचे Details पर क्लिक करें, ताकि आप देख सकें कि आपका अकाउंट कहां से एक्सेस किया गया है और क्या कोई संदिग्ध गतिविधि तो नहीं हो रही है।

फिशिंग से बचें

फिशिंग एक सामान्य साइबर हमला है। इसमें हैकर्स आपको धोखा देकर आपके निजी डेटा को चुराने की कोशिश करते हैं। किसी भी अज्ञात ईमेल से आए लिंक या अटैचमेंट पर क्लिक न करें। यदि कोई परिचित ईमेल भी संदिग्ध लगे, तो पहले दूसरे माध्यम से उसे सत्यापित करें।

FAQ

  1. गूगल पर हुआ साइबर अटैक किस प्रकार का है?
    गूगल पर हुआ यह साइबर अटैक एक OAuth टोकन्स से संबंधित है। इसमें हैकर्स ने कंप्रोमाइज्ड टोकन्स का उपयोग कर व्यक्तिगत अकाउंट्स और Salesforce के कस्टमर डेटा को निशाना बनाया। गूगल ने प्रभावित यूजर्स को पासवर्ड बदलने और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को सक्रिय करने की सलाह दी है।
  2. OAuth टोकन्स क्या होते हैं और उनका उपयोग क्यों किया गया?
    OAuth टोकन्स एक प्रकार का सुरक्षा प्रोसेस होते हैं जो थर्ड-पार्टी एप्लिकेशनों को गूगल अकाउंट्स तक पहुंचने का अधिकार देते हैं। इस साइबर अटैक में हैकर्स ने कंप्रोमाइज्ड OAuth टोकन्स का उपयोग करके यूजर्स के अकाउंट्स और Salesforce के डेटा को चुराया।

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