जातिगत जनगणना पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई कल, याचिका में बताए महत्वपूर्ण फायदे

Dolly patil | Sept 01, 2024, 10:45 IST
Share
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

जातिगत जनगणना को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 2 सितंबर को सुनवाई होने वाली है, जिसमें जनहित याचिका के माध्यम से इसके 5 प्रमुख फायदों पर जोर दिया गया है।

जातिगत जनगणना ( Caste Census ) का मुद्दा हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) पहुंच गया है। 2 सितंबर को इस पर सुनवाई होने वाली है। इस याचिका में केंद्र सरकार ( Central Government ) से आग्रह किया गया है कि वह पिछड़े और अन्य हाशिए पर पड़े वर्गों के कल्याण हेतु जातिवार जनगणना ( Caste-wise Census ) का आयोजन करे।

जातिगत जनगणना की मांग और राजनीतिक दबाव

कांग्रेस (Congress) समेत कई विपक्षी दलों ( Opposition Parties ) द्वारा केंद्र सरकार से लगातार जातिगत जनगणना कराने की मांग की जा रही है। जैसे-जैसे समय बीत रहा है, यह मांग और जोर पकड़ रही है। इस बीच, खुद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले एनडीए ( NDA ) के सहयोगी दल भी इस मांग का समर्थन कर रहे हैं। विशेष रूप से, लोक जनशक्ति पार्टी ( एलजेपी-आर ) जैसे सहयोगी दलों ने भी इस मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद की है।

याचिका में जातिगत जनगणना के 5 फायदे

सुप्रीम कोर्ट में दायर जनहित याचिका ( Public Interest Litigation - PIL ) में जातिगत जनगणना के पांच प्रमुख फायदे बताए गए हैं।

  1. वंचित समूहों की पहचान ( Identification of Deprived Groups ) सामाजिक-आर्थिक जातिवार जनगणना से वंचित समूहों की सटीक पहचान करने में सहायता मिलेगी, जिससे इन समूहों के कल्याण के लिए बेहतर योजनाएं बनाई जा सकेंगी।
  2. संसाधनों का समान वितरण ( Equitable Distribution of Resources ) जातिगत जनगणना के माध्यम से संसाधनों का समान वितरण सुनिश्चित किया जा सकेगा, जिससे समाज के सभी वर्गों को समान अवसर मिल सकेंगे।
  3. नीतियों का प्रभावी कार्यान्वयन ( Effective Policy Implementation ) जातिगत जनगणना के आधार पर नीतियों के कार्यान्वयन की निगरानी करना आसान होगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सकेगा कि योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचे।
  4. सटीक आंकड़े ( Accurate Data ) पिछड़े और हाशिए पर पड़े वर्गों का सटीक आंकड़ा सामाजिक न्याय ( Social Justice ) और संवैधानिक उद्देश्यों ( Constitutional Objectives ) को प्राप्त करने के लिए आवश्यक है।
  5. नीति-निर्माण में सहायक ( Aiding in Policy-Making ) डेटा आधारित दृष्टिकोण नीति-निर्माण के लिए जरूरी है, जिससे वंचित समुदायों की भलाई के लिए योजनाएं बनाना और उन्हें लागू करना आसान हो जाएगा।

संविधान के अनुच्छेद 340 का संदर्भ

याचिका में संविधान के अनुच्छेद 340 ( Article 340 ) का उल्लेख किया गया है, जो सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों की जांच के लिए आयोग की नियुक्ति का आदेश देता है। जनगणना न केवल जनसंख्या में हुए बदलावों का ट्रैकर होती है, बल्कि यह देश के लोगों का व्यापक सामाजिक-आर्थिक आंकड़ा ( Socio-Economic Data ) भी उपलब्ध कराती है। इसका इस्तेमाल नीति-निर्माण (Policy-Making), आर्थिक योजना (Economic Planning), और विभिन्न प्रशासनिक उद्देश्यों (Administrative Purposes) के लिए किया जा सकता है।

dolly patil
dolly patil


thesootr links

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

Tags:
  • Backward Classes
  • अनुच्छेद 340
  • Article 340
  • पिछड़े वर्ग
  • वंचित समूह
  • Deprived Groups
  • Caste-wise Census
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा