बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला : पति को सेक्स करने से नहीं रोक सकती पत्नी और दोस्तों के सामने भी...

Jitendra Shrivastava | Jul 19, 2025, 18:56 IST
Share
high-court-decision
Photograph: (THESOOTR)

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि पत्नी का सेक्स संबंध से इनकार और पति को दोस्तों के सामने अपमानित करना मानसिक क्रूरता (Mental cruelty) है। यह हिंदू विवाह अधिनियम के तहत तलाक (Divorce) का आधार है। कोर्ट ने सुलह की कोशिशों के बावजूद महिला की अपील खारिज कर दी।

बॉम्बे हाईकोर्ट ( Bombay High Court) ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि पत्नी द्वारा सेक्स संबंध से इनकार और पति को अपमानित करना क्रूरता (Cruelty) है। यह तलाक (Divorce) का उचित आधार बनता है। कोर्ट ने महिला की अपील खारिज करते हुए भरण-पोषण की मांग भी अस्वीकार कर दी।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि अगर पत्नी अपने पति को दोस्तों के सामने अपमानित करती है, सेक्स संबंध से इनकार करती है और बेबुनियाद एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के आरोप लगाती है, तो यह क्रूरता है। हिंदू विवाह अधिनियम के तहत यह तलाक का उचित आधार बनता है।
न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति डॉ. नीला गोकले की खंडपीठ ने गुरुवार को यह निर्णय सुनाया। यह फैसला एक महिला की याचिका पर दिया गया, जिसमें उसने पुणे पारिवारिक न्यायालय के 2019 के फैसले को चुनौती दी थी। पुणे न्यायालय ने पति को तलाक देने की अनुमति दी थी।

ये खबर भी पढ़ें...

एसआई ने युवक को कार से 200 मीटर तक घसीटा, वीडियो वायरल होते ही DGP एक्शन में...

विवाह के एक साल बाद ही अलग

यह दंपति दिसंबर 2013 में विवाह बंधन में बंधा था, लेकिन एक साल के भीतर ही आपसी मतभेदों के कारण दोनों अलग हो गए। जुलाई 2015 में महिला ने अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज की थी, जिसमें मानसिक प्रताड़ना, स्त्रीधन रखने और घर से निकालने के आरोप लगाए थे।

फिर भी, महिला ने पारिवारिक न्यायालय में 'वैवाहिक अधिकारों की पुनर्स्थापना' की याचिका दायर की, जिसमें उसने कहा कि वह शादी को खत्म नहीं करना चाहती। इसके विपरीत, पति ने क्रूरता और परित्याग के आधार पर तलाक की अर्जी दी।

ये खबर भी पढ़ें...

सिर्फ रजिस्ट्री से नहीं बन जाते प्रॉपर्टी का मालिक, यह दस्तावेज और प्रक्रिया भी है जरूरी

पति के गंभीर आरोप

पति ने अदालत में कहा कि पत्नी न केवल सेक्स संबंध बनाने से इनकार करती थी, बल्कि दोस्तों के सामने उसका अपमान भी करती थी और उस पर झूठे एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के आरोप लगाती थी।

पति ने अदालत में यह भी आरोप लगाया कि पत्नी उसकी दिव्यांग बहन के साथ अमानवीय व्यवहार करती थी, जिससे उसकी सेहत बिगड़ी। इसके अलावा, पत्नी ने कार्यालय के कर्मचारियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया, जिससे पति को मानसिक पीड़ा हुई।

ये खबर भी पढ़ें...

ADR की रिपोर्ट: गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की इनकम 223% बढ़ी, जानें देश में कहां कितने दल

हाईकोर्ट ने पत्नी की अपील खारिज की

पुणे पारिवारिक न्यायालय ने 2019 में पत्नी की याचिका खारिज कर दी और पति को तलाक दे दिया। महिला ने 2021 में बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील की और 10,000 रुपए प्रति माह के भरण-पोषण की मांग की। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को समझौते के लिए कई बार मध्यस्थता के जरिए सुलह कराने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी।

अदालत ने स्पष्ट किया कि दोनों के बीच सुलह की कोई संभावना नहीं है और पत्नी के आरोपों को अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर झूठा पाया। इसके बाद, अदालत ने पारिवारिक न्यायालय के फैसले को सही ठहराते हुए महिला की अपील खारिज कर दी और भरण-पोषण की मांग को अस्वीकार कर दिया।

ये खबर भी पढ़ें...

NHAI का बड़ा फैसला, ब्लैकलिस्ट होगा Loose FASTag, जानिए क्या होता है

अदालत ने ये कहा

अदालत ने कहा, "पति के कर्मचारियों के साथ पत्नी का व्यवहार, दोस्तों के सामने पति का अपमान और झूठे एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के आरोप निश्चित रूप से मानसिक पीड़ा पहुंचाने वाले हैं और क्रूरता की श्रेणी में आते हैं। पति के साथ सेक्स संबंध से इनकार करना और दिव्यांग बहन के प्रति उदासीनता भी मानसिक यंत्रणा का कारण है।"

thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧👩

बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला



Tags:
  • Bombay High Court
  • तलाक
  • बॉम्बे हाईकोर्ट
  • एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर
  • बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला
  • सेक्स संबंध
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज