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News in Short
- पीएम मोदी और पीएम मार्क कार्नी ने भारत-कनाडा के व्यापार और निवेश पर चर्चा की।
- दोनों देशों के बीच सिविल न्यूक्लियर ऊर्जा पर ऐतिहासिक समझौता हुआ।
- यूरेनियम आपूर्ति पर 10 साल का समझौता, 3 अरब डॉलर की डील।
- भारत-कनाडा रक्षा संवाद और सैन्य सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
- दोनों देशों का सलाना व्यापार 21 अरब डॉलर से ज्यादा है।
News in Detail
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के पीएम मार्क कार्नी की मुलाकात सोमवार को हैदराबाद हाउस में हुई। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और कनाडा के बीच निवेश और व्यापार समझौते पर बातचीत हुई है। दोनों देशों के बीच सिविल न्यूक्लियर डील पर एक ऐतिहासिक समझौता हुआ है।
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यूरेनियम में आपूर्ति पर भी समझौता
यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति पर भी समझौता किया गया है। दोनों देशों ने कई क्षेत्रों में एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके साथ ही, छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर और उन्नत रिएक्टर प्रौद्योगिकियों के विकास पर सहयोग होगा। कृषि, कृषि प्रौद्योगिकी और खाद्य सुरक्षा में भी मूल्यवर्धन पर ध्यान दिया जाएगा। पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में ईरान-वार पर चिंता व्यक्त की और कहा कि भारत शांति और स्थिरता चाहता है।
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भारत-कनाडा रक्षा संवाद
पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरता दोनों देशों और मानवता के लिए गंभीर समस्याएं हैं। वैश्विक शांति के लिए इन खतरों से निपटना जरूरी है। भारत और कनाडा का घनिष्ठ सहयोग इस उद्देश्य में महत्वपूर्ण है। भारत में भारत-कनाडा पल्स प्रोटीन उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा। दोनों देशों के बीच रक्षा उद्योग, समुद्री जागरूकता और सैन्य आदान-प्रदान बढ़ाने पर काम होगा। इसके लिए भारत-कनाडा रक्षा संवाद शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
कनाडा बड़ा यूरेनियम उत्पादक देश
पीएम कार्नी का भारत दौरा मुख्य रूप से 10 साल के यूरेनियम सप्लाई समझौते के लिए है। यह डील करीब 3 अरब डॉलर की हो सकती है। कनाडा दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा यूरेनियम उत्पादक देश है। भारत और कनाडा के बीच न्यूक्लियर कोऑपरेशन एग्रीमेंट 2013 में लागू हुआ था। इसके बाद कनाडा ने भारत को यूरेनियम सप्लाई शुरू की थी। भारत अपने बढ़ते परमाणु ऊर्जा क्षेत्र के लिए अधिक यूरेनियम खरीदना चाहता है।
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भारत-कनाडा के बीच सलाना व्यापार 21 अरब डॉलर
भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। कनाडा के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार 21 अरब डॉलर से ज्यादा है। भारत में 600 से अधिक कनाडाई कंपनियां काम कर रही हैं। भारत से कनाडा को मुख्य निर्यात दवाइयां, रत्न-आभूषण और समुद्री उत्पाद हैं। कनाडा के पेंशन फंड ने भारत में रियल एस्टेट और लॉजिस्टिक्स में निवेश किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने भारत में 100 बिलियन डॉलर का निवेश किया है। अब कनाडा इस निवेश को बढ़ाना चाहता है। पीएम मार्क कार्नी का कहना है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, कनाडा भारत का भरोसेमंद साझेदार बनेगा।
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