RBI रिपोर्ट : हर भारतीय पर औसतन 4.8 लाख का कर्ज, दो साल 90 हजार बढ़ा
Jitendra Shrivastava | Jul 01, 2025, 22:42 IST
Photograph: (THESOOTR)
भारत में कर्ज का आंकड़ा बढ़कर हर व्यक्ति पर औसतन 4.8 लाख रुपए हो गया है। 2 साल में 23% की वृद्धि हुई है, जानें इसका असर। RBI की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का कुल कर्ज GDP का 42% है।
भारत में कर्ज का स्तर बढ़ रहा है। सवाल खड़ा होता है कि एक भारतीय पर कितना कर्ज है। भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI रिपोर्ट के अनुसार जून 2025 तक हर भारतीय पर औसतन 4.8 लाख रुपए का कर्ज है। मार्च 2023 में यह 3.9 लाख रुपए था। पिछले दो सालों में कर्ज में 23% की वृद्धि हुई है। इसका मतलब है कि हर व्यक्ति पर 90,000 रुपए का कर्ज और बढ़ा है। RBI की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का कुल कर्ज GDP का 42% है। यह आंकड़ा उभरती अर्थव्यवस्थाओं से कम है।
इसका मतलब है कि लोग पहले से ज्यादा उधार ले रहे हैं। इसमें होम लोन, पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड का बकाया और अन्य रिटेल लोन शामिल हैं। नॉन-हाउसिंग रिटेल लोन, जैसे पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड बकाया में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। ये लोन कुल डोमेस्टिक लोन का 54.9% हिस्सा हैं।
ये खबरें भी पढ़ें...
MP Top News: मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें
मौसम पूर्वानुमान (2 जुलाई) : MP में बारिश के साथ पड़ेगी तेज गर्मी, उत्तर भारत में आंधी की आशंका
RBI के मुताबिक, भारत का कुल कर्ज GDP का 42% है, जबकि उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में यह 46.6% तक है। इसका मतलब यह है कि भारत में कर्ज का स्तर अभी कंट्रोल में है। अधिकांश कर्ज लेने वाले अच्छी क्रेडिट रेटिंग वाले हैं, जिससे कर्ज डूबने का जोखिम कम है।
माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में कर्ज लेने वालों की एवरेज लायबिलिटी 11.7% कम हुई है, लेकिन 2025 की दूसरी छमाही में स्ट्रेस्ड असेट्स की संख्या बढ़ी है। RBI ने कहा है कि माइक्रोफाइनेंस कंपनियां ज्यादा ब्याज दरें और मार्जिन वसूल कर रही हैं, जो कर्ज लेने वालों के लिए चुका पाना मुश्किल बना रही हैं।
ये खबरें भी पढ़ें...
मोदी कैबिनेट : ईएलआई स्कीम मंजूर, पहली बार नौकरी करने वालों को मिलेंगे 15,000 रुपए
10 साल पुराने वाहन में नहीं दे रहे पेट्रोल-डीजल, सीसीटीवी कैमरों के बताते ही गाड़ी सीज
मार्च 2025 तक भारत पर बाहरी कर्ज 736.3 बिलियन डॉलर था, जो पिछले साल की तुलना में 10% ज्यादा है। यह GDP का 19.1% है। इसका बड़ा हिस्सा नॉन-फाइनेंस कॉर्पोरेशन्स और डिपॉजिट लेने वाली संस्थाओं का है।
आम लोगों के लिए इसका मतलब है कि कर्ज लेना अब पहले से ज्यादा आसान हो गया है, लेकिन कर्ज का बोझ भी बढ़ रहा है। अगर आप कर्ज ले रहे हैं, तो अपनी चुकाने की क्षमता का ध्यान रखें। RBI की फ्लेक्सिबल मॉनेटरी पॉलिसी से ब्याज दरें कम हो सकती हैं, जिससे कर्ज चुकाना आसान हो सकता है। हालांकि, माइक्रोफाइनेंस लोन लेते समय सावधानी बरतें क्योंकि इनकी ब्याज दरें ज्यादा हो सकती हैं।
कर्ज बढ़ने का मतलब
ये खबरें भी पढ़ें...
MP Top News: मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें
मौसम पूर्वानुमान (2 जुलाई) : MP में बारिश के साथ पड़ेगी तेज गर्मी, उत्तर भारत में आंधी की आशंका
GDP के मुकाबले कर्ज
माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में कर्ज
ये खबरें भी पढ़ें...
मोदी कैबिनेट : ईएलआई स्कीम मंजूर, पहली बार नौकरी करने वालों को मिलेंगे 15,000 रुपए
10 साल पुराने वाहन में नहीं दे रहे पेट्रोल-डीजल, सीसीटीवी कैमरों के बताते ही गाड़ी सीज
बाहरी कर्ज इतना है भारत पर
आम लोगों पर कर्ज का फर्क
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA