भारत ने अमेरिका जाने वाली डाक सेवाओं पर लगाई रोक, टैरिफ विवाद बना बड़ा कारण

Jitendra Shrivastava | Aug 30, 2025, 18:33 IST
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india post services suspended
Photograph: (THESOOTR)

भारत ने अमेरिका जाने वाली सभी डाक सेवाओं की बुकिंग बंद कर दी है। यह निर्णय अमेरिकी कस्टम नियमों में अस्पष्टता और शिपमेंट ले जाने वाली कंपनियों को परेशानी के कारण लिया गया है।

भारत ने अमेरिका जाने वाली सभी प्रकार की डाक सेवाओं की बुकिंग तत्काल प्रभाव से रोक दी है। संचार मंत्रालय द्वारा जारी किए गए एक नोटिस के मुताबिक, यह निर्णय अमेरिकी कस्टम नियमों में अस्पष्टता और डाक कंपनियों को हो रही परेशानियों के कारण लिया गया है।

इससे पहले, अमेरिकी प्रशासन द्वारा जारी किए गए नए नियमों में स्पष्टता की कमी थी, जिससे अमेरिकी कस्टम विभाग और डाक परिवहन कंपनियों को कठिनाई हो रही थी।

अमेरिका से जुड़े यह नए कस्टम नियम 30 जुलाई 2025 को जारी किए गए थे, और 29 अगस्त 2025 से इन नियमों का पालन अनिवार्य कर दिया गया। इसके अंतर्गत, 100 डॉलर तक के उपहार और दस्तावेजों पर शुल्क लगाने की अनुमति थी, लेकिन अब इसे पूरी तरह से रोक दिया गया है।

50% टैरिफ विवाद और शिपमेंट पर असर

अमेरिका और भारत के बीच बढ़ते टैरिफ विवाद के चलते अमेरिकी डाक सेवा पर रोक का कदम उठाया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामानों पर 50% तक टैरिफ बढ़ा दिया था, जिससे भारत पर दबाव बढ़ा था। इसके अतिरिक्त, अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर 25% जुर्माना भी लगाया है।

इस विवाद का असर अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक संबंधों पर पड़ सकता है। भारत की ओर से यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब अमेरिकी कस्टम विभाग ने अतिरिक्त शिपमेंट ड्यूटी लगाने की योजना बनाई है। नए नियमों के अनुसार, भारत, ब्राजील, कनाडा, और चीन जैसे देशों के लिए शिपमेंट्स पर 200 डॉलर तक की ड्यूटी लगाई जा सकती है।

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अमेरिकी कस्टम नियमों में कन्फ्यूजन

अमेरिका द्वारा लागू किए गए कस्टम नियमों में अस्पष्टता के कारण भारतीय डाक विभाग को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। 23 अगस्त को खबर आई थी कि अमेरिकी हवाई कैरियर डाक परिवहन करने से इनकार कर रहे थे, क्योंकि उनके पास उन नए कस्टम नियमों के पालन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं थे। इससे भारतीय डाक विभाग ने अमेरिका जाने वाली डाक सेवाओं पर पूरी तरह से रोक लगाने का फैसला लिया।

पार्सल और शिपमेंट्स पर नई ड्यूटी

अमेरिका ने अब पार्सल आयात पर भी ड्यूटी लगाने का फैसला किया है। अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन एजेंसी ने एक नया नियम लागू किया है, जिसके तहत अब 800 डॉलर से कम कीमत वाले सभी पैकेज पर ड्यूटी लगेगी।

यह ड्यूटी अब सामान की कीमत, उसकी उत्पत्ति या मार्ग से परे, सभी देशों से आने वाले सामान पर लागू होगी। विशेष रूप से, भारत, ब्राजील, कनाडा, और चीन जैसे देशों के लिए यह ड्यूटी 200 डॉलर तक हो सकती है।

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व्यापारिक संबंधों में और बढ़ सकता तनाव

अमेरिका द्वारा लगाए गए कस्टम ड्यूटी और भारत द्वारा डाक सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंध से दोनों देशों के बीच व्यापार पर असर पड़ेगा। दोनों देशों के बीच टैरिफ विवाद से व्यापारिक संबंधों में तनाव बढ़ सकता है। भारतीय शिपमेंट कंपनियों को अमेरिका में डाक सेवाओं की रुकावट का सामना करना पड़ेगा, जिससे भारतीय कारोबारियों को नुकसान हो सकता है।

FAQ

  1. भारत ने अमेरिका जाने वाली डाक सेवाएं क्यों बंद कीं?
    भारत ने अमेरिका जाने वाली डाक सेवाओं की बुकिंग को बंद कर दिया है क्योंकि अमेरिकी कस्टम नियमों में अस्पष्टता और शिपमेंट कंपनियों को समस्याएं आ रही थीं। इसके साथ ही, दोनों देशों के बीच टैरिफ विवाद भी एक कारण बना है।
  2. अमेरिका द्वारा लागू किए गए कस्टम नियमों का क्या असर होगा?
    अमेरिका द्वारा लागू किए गए कस्टम नियमों के बाद अब 100 डॉलर से ज्यादा मूल्य की चीजों पर ड्यूटी लगेगी। इसके अलावा, अब 800 डॉलर से कम कीमत वाले सभी पैकेज पर ड्यूटी लगेगी, जो भारतीय शिपमेंट पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।
  3. इस कदम से भारत और अमेरिका के व्यापारिक संबंधों पर क्या असर पड़ेगा?
    भारत द्वारा डाक सेवाएं रोकने और अमेरिका द्वारा टैरिफ बढ़ाने से दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों में तनाव आ सकता है। इससे भारतीय कारोबारियों को नुकसान हो सकता है, खासकर जब अमेरिका से सामान भेजने पर अतिरिक्त शुल्क लगने लगेगा।

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