India–US ट्रेड डील: डेयरी-पोल्ट्री से लेकर सोयाबीन-मक्का-चावल तक… शिवराज ने गिनाए किसानों के फायदे

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए रेड लाइन तय की है। साथ ही, जीएम (जेनेटिकली मॉडिफाइड) उत्पादों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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Amresh Kushwaha
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भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में जो अंतरिम ट्रेड डील (Interim Trade Deal) हुई है, उसने देश के कृषि क्षेत्र में काफी चर्चा छेड़ दी है। इस मुद्दे पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। इसको लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज, 8 फरवरी को भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने विपक्ष के सवालों का जवाब दिया और बताया कि यह डील किसानों के हित में है।

उन्होंने भरोसे के साथ कहा कि यह सिर्फ एक व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया को यह संदेश दे रहा है कि भारत अपनी शर्तों पर व्यापार करता है। मंत्री शिवराज ने यह भी कहा कि भारत ने इस डील में अपनी रेड लाइन (Red Line) तय कर दी है। यानी किसानों के हितों के साथ कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा।

जीएम कृषि उत्पादों की अनुमति नहीं

शिवराज सिंह चौहान ने यह भी साफ किया कि भारत में किसी भी प्रकार के आनुवंशिक रूप से संशोधित (GM) कृषि उत्पादों की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसे भारतीय कृषि के लिए बेहद अहम फैसला बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे भारतीय मिट्टी, स्वदेशी बीज और कृषि की शुद्धता सुरक्षित रहेगी।

प्रमुख अनाज पूरी तरह रखे गए हैं सुरक्षा

कृषि मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस डील में सभी संवेदनशील कृषि उत्पादों को पूरी तरह बाहर रखा गया है। सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, मोटे अनाज, पोल्ट्री, डेयरी, केले, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, एथेनॉल और तंबाकू जैसे उत्पादों पर कोई टैरिफ छूट नहीं दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे प्रमुख अनाज पूरी तरह सुरक्षित रखे गए हैं।

विदेशी डेयरी उत्पादों पर लगी है रोक

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दुग्ध उत्पादों में भी भारत ने अपनी सीमाएं स्पष्ट कर दी हैं। अमेरिका से लिक्विड दूध, मिल्क पाउडर, क्रीम, योगर्ट, बटरमिल्क, मक्खन, घी, बटर ऑयल, पनीर और चीज को भारत में प्रवेश नहीं मिलेगा। इससे भारतीय डेयरी सेक्टर और किसानों की आजीविका पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।

भारत के उत्पादों को मिलेगा शून्य शुल्क

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इस समझौते के तहत भारतीय कृषि उत्पादों को अमेरिका में बिना किसी शुल्क के भेजा जाएगा, लेकिन अमेरिकी उत्पादों को भारत में कोई रियायत नहीं मिलेगी। अमेरिका ने कई कृषि उत्पादों पर टैक्स को 50% से घटाकर जीरो कर दिया है। उन्होंने ये भी बताया कि भारत के मसाला निर्यात में 88% की बढ़ोतरी हुई है, और अब भारतीय मसाले 200 देशों में पहुंच चुके हैं।

पीएम मोदी का नेतृत्व में हुए 9 फ्री ट्रेड एग्रीमेंट

शिवराज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम ने साफ किया था कि किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उनके नेतृत्व में अब तक 9 फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) हो चुके हैं। इसमें अमेरिका, यूएई, ओमान, न्यूजीलैंड और यूके जैसे देशों से समझौते शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन समझौतों से भारतीय अर्थव्यवस्था, किसानों, मजदूरों, निर्यातकों और निर्माताओं को फायदा होगा।

टेक्सटाइल और MSME को मिलेगा फायदा

कृषि मंत्री ने कहा कि इस समझौते से भारत के टेक्सटाइल सेक्टर को काफी फायदा होगा, क्योंकि अब भारत का टैक्स दर बाकी देशों के मुकाबले काफी कम, सिर्फ 18% रह गया है। इससे कपास किसानों, टेक्सटाइल निर्माताओं, जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर, ऑटो पार्ट्स, इंजीनियरिंग सामान और MSME सेक्टर को नई ताकत मिलेगी। साथ ही महिला स्वयं सहायता समूहों की आजीविका भी इस समझौते से मजबूत होगी।

इन उतपादों पर नहीं दी गई छूट

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस डील में किसान परिवारों की आजीविका सुरक्षित रखी गई है। उन्होंने बताया कि इस डील में अमेरिका को कई उत्पादों पर टैरिफ छूट नहीं दी गई है। इनमें मांस, पोल्ट्री, डेयरी, सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी और मोटे अनाज शामिल हैं। इसके अलावा, केले, स्ट्रॉबेरी, चेरी, खट्टे फल, हरी मटर, काबुली चना, मूंग, तिलहन, एथेनॉल और तंबाकू जैसे उत्पाद भी शामिल हैं। इसके साथ ही, छिलका रहित अनाज, आटा, आलू, प्याज, मटर, बीन्स, खीरा, मशरूम, संतरे, अंगूर, नींबू और मिक्स डिब्बाबंद सब्जियां भारत में नहीं आएंगी।

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