अमेरिका-भारत ट्रेड डील: भारतीय व्यापारियों की बल्ले-बल्ले, वापस आएंगे 40 हजार करोड़ रुपए!

अमेरिका भारत को 25% पेनल्टी टैरिफ वापस करेगा। इससे भारतीय कारोबारियों को 40 हजार करोड़ रुपए की बड़ी राहत मिलेगी। मोदी-ट्रम्प दोस्ती ने कमाल कर दिया।

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Sanjay Dhiman
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US-India trade deal Indian businessmen are in trouble

Photograph: (the sootr)

NEWS IN SHORT

  • अमेरिका ने रूस से तेल आयात पर पेनल्टी टैरिफ वापस लेने का निर्णय लिया है।
  • भारतीय कारोबारियों को 40 हजार करोड़ की राहत मिलने की संभावना है।
  • रिफंड अमेरिका के कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन से होगा और भारतीय निर्यातकों को मिलेगा।
  • भारत अब उन देशों में शामिल हो गया है जिन पर कम टैरिफ लागू होगा।
  • इस डील से भारतीय किसानों की आय में वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।

NEWS IN DETAIL

भारत को अमेरिका से एक बड़ी राहत मिल रही है। 25% पेनल्टी टैरिफ, जो रूस से तेल आयात के कारण लगाया गया था, अब वापस लिया जा रहा है। व्हाइट हाउस के अनुसार, 27 अगस्त 2025 से 6 फरवरी 2026 के बीच अमेरिका ने जिन वस्तुओं पर यह पेनल्टी लगाई थी, उनका रिफंड दिया जाएगा। इसके साथ ही, अमेरिका ने 50% टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया है।

40 हजार करोड़ रुपए की राहत

इस फैसले से भारतीय कारोबारियों को 40 हजार करोड़ रुपए की राहत मिलने की उम्मीद है। अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन कानून के तहत यह रिफंड जारी होगा। हालांकि, यह राशि सीधे अमेरिकी इम्पोर्टर्स को दी जाएगी और बाद में भारतीय निर्यातकों के बीच बांटी जाएगी।

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अमेरिका के आयात पर टैरिफ और रिफंड

अमेरिका ने 2024 में 79 अरब डॉलर का टैरिफ वसूला, जो 2025 में बढ़कर 194 अरब डॉलर हो गया। भारत का अमेरिका के आयात में 3.5% का हिस्सा है। अमेरिकी निर्यात में 60% हिस्सा टैरिफ दायरे में है, इस हिसाब से अमेरिका ने भारत से आयात पर 50% टैरिफ लगाकर करीब 4 अरब डॉलर यानी 40 हजार करोड़ रुपए अतिरिक्त वसूले हैं।

रूस से तेल आयात पर निगरानी

भारत के रूस से तेल आयात पर अमेरिका ने एक टास्क फोर्स गठित की है, जिसमें वाणिज्य, विदेश और वित्त मंत्री शामिल हैं। अगर भारत फिर से रूस से तेल आयात करता है, तो यह पेनल्टी फिर से लागू हो सकती है।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का बयान

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत ने अमेरिकी बाजार में अपने किसानों को कोई नुकसान नहीं होने दिया। कई कृषि उत्पादों को अमेरिका में एंट्री से बाहर रखा गया है, जैसे बिना छिलके वाले अनाज, आलू, प्याज, खीरा, मशरूम, संतरा, और नीबू।

पीयूष गोयल का बयान

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि अमेरिका से इस समझौते से भारतीय किसानों की आय बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि अगर भारत को अमेरिकी बाजार में सामान भेजना है, तो अमेरिका को भी कुछ देना पड़ेगा।

कम टैरिफ वाले देशों में शामिल हुआ भारत

भारत अब उन देशों में शामिल हो गया है, जिन पर अमेरिका कम टैरिफ लगाता है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि यह डील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच मजबूत दोस्ती का नतीजा है। यह डील दोनों देशों के रिश्तों में नई संभावनाएं खोलने वाली है।

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भारत-अमेरिका ट्रेड डील के प्रभाव

भारत को अब अमेरिका से बहुत कम टैरिफ मिलेगा, जिससे भारतीय निर्यातकों को फायदा होगा। व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने बताया कि यह फैसला दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को और मजबूत करेगा।

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