आईपीएस अफसरों के लिए अब AI और साइबर सिक्योरिटी की पढ़ाई जरूरी, हर साल करना होगा कोर्स, प्रमोशन पर पड़ेगा असर
Sourabh Bhatnagar | Oct 08, 2026, 14:21 IST
आईपीएस अफसरों के लिए साइबर सुरक्षा और एआई ऑनलाइन ट्रेनिंग
देश के आईपीएस अफसरों को अब पुलिसिंग के साथ नई तकनीक की पढ़ाई भी करनी होगी। उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और ChatGPT जैसे टूल्स के बारे में सीखना होगा। केंद्र सरकार ने इसके लिए 24 ऑनलाइन कोर्स तय किए हैं। हर साल अफसरों को अपनी नौकरी के अनुभव के हिसाब से कोर्स पूरे करने होंगे।
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यह फैसला कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के निर्देशों के बाद लिया गया है। सरकार चाहती है कि पुलिस अफसर बदलती तकनीक के साथ खुद को भी अपडेट रखें।
दरअसल, अब अपराध के तरीके भी बदल रहे हैं। ऑनलाइन ठगी से लेकर साइबर अपराध तक के मामले सामने आते रहते हैं। ऐसे में पुलिस अफसरों को नई तकनीक की जानकारी होना जरूरी है।
24 कोर्स तय, तीन करना जरूरी
बता दें कि ये सभी कोर्स सरकार के iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे। अफसरों को हर साल निर्धारित ट्रेनिंग पूरी करनी होगी। इसकी जानकारी उनकी सालाना परफॉर्मेंस रिपोर्ट में भी शामिल की जाएगी।
9 साल तक की नौकरी वाले अफसर क्या सीखेंगे?
इसके अलावा तलाशी लेने और सामान जब्त करने की कानूनी प्रक्रिया से जुड़े कोर्स भी करने होंगे। इस ट्रेनिंग से अफसरों को जांच के दौरान तकनीक और कानूनी प्रक्रियाओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।
16 साल तक के अनुभव वालों को अलग ट्रेनिंग
आसान भाषा में समझें तो यह ऐसी व्यवस्था है, जिसके जरिए पुलिस, अदालत, जेल और दूसरी संबंधित संस्थाओं के बीच अपराध से जुड़ी जानकारी साझा की जा सकती है। अफसरों को बताया जाएगा कि यह सिस्टम कैसे काम करता है और इसका इस्तेमाल किस तरह किया जाता है।
16 से 25 साल वाले अफसर सीखेंगे ChatGPT चलाना
अफसरों को यह भी सिखाया जाएगा कि किसी बात को प्रभावी तरीके से कैसे समझाया और पेश किया जाए। इसे आर्ट ऑफ स्टोरीटेलिंग कहा जाता है। इस ट्रेनिंग का मकसद अफसरों को नई तकनीक समझाना और उनके कामकाज को बेहतर बनाने में मदद करना है।
25 साल से ज्यादा अनुभव वालों को भी करना होगा कोर्स
इसमें शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बातें शामिल होती हैं। इसका मकसद अफसरों को अपनी सेहत और काम के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद करना है।
क्या है iGOT कर्मयोगी प्लेटफॉर्म?
अब आईपीएस अफसरों को भी इसी प्लेटफॉर्म पर तय किए गए कोर्स पूरे करने होंगे। सरकार का मकसद है कि अफसर नौकरी के दौरान भी लगातार कुछ नया सीखते रहें।
पुलिस अफसरों को AI सीखने की जरूरत क्यों पड़ी?
AI की मदद से असली जैसे दिखने वाले नकली फोटो और वीडियो भी बनाए जा सकते हैं। ऐसे में पुलिस अफसरों के लिए इन तकनीकों को समझना जरूरी हो गया है।
इसके अलावा साइबर अपराधों की जांच में डिजिटल सबूतों की अहम भूमिका होती है। इन सबूतों को समझने और सुरक्षित रखने के लिए तकनीकी जानकारी काम आती है। सरकार की कोशिश है कि पुलिस अफसर इन बदलावों को समझें और नई चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकें।
FAQ
- आईपीएस अफसरों के लिए नई तकनीक की पढ़ाई क्यों आवश्यक है?
आईपीएस अफसरों के लिए नई तकनीक की पढ़ाई आवश्यक है क्योंकि अपराधों के तरीके बदल रहे हैं, जैसे ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध। नई तकनीक की जानकारी से अफसर इन्हें बेहतर ढंग से समझ सकते हैं और इनसे निपटने में सक्षम होंगे। - आईपीएस अफसरों को कितने ऑनलाइन कोर्स करने होंगे और उनकी संरचना क्या है?
आईपीएस अफसरों को हर साल कुल 24 ऑनलाइन कोर्स में से तीन कोर्स करने होंगे, जिन्हें नौकरी के अनुभव के आधार पर चार श्रेणियों में बांटा गया है। - iGOT कर्मयोगी प्लेटफार्म क्या है और यह आईपीएस अफसरों के लिए कैसे उपयोगी है?
iGOT कर्मयोगी केंद्र सरकार का ऑनलाइन ट्रेनिंग प्लेटफॉर्म है, जहां आईपीएस अफसरों को नई तकनीक और अन्य आवश्यक विषयों से जुड़े कोर्स पूरे करने होंगे, जिसका उद्देश्य उन्हें नौकरी के दौरान निरंतर सीखने में मदद करना है।
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