ईरान के नए प्लान से भड़का अमेरिका, ट्रम्प बोले- युद्ध के अलावा कोई रास्ता नहीं!

Aman Vaishnav | May 23, 2026, 10:08 IST
Share
iran oman hormuz strait transit fee us tension global oil crisis
iran oman hormuz strait transit fee us tension global oil crisis

ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर सर्विस फीस वसूलने की तैयारी कर रहा है। अमेरिका ने इस पर तीखी आपत्ति जताई है। इससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। साथ ही वैश्विक तेल संकट गहराने की आशंका है।

5 प्वाइंट में समझें पूरा मामला...

  • ईरान और ओमान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर फीस वसूलने पर बातचीत कर रहे हैं।
  • ईरान सीधे जहाजों से ट्रांजिट फीस, पर्यावरण शुल्क और अन्य सर्विस फीस लेने की योजना बना रहा है।
  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसका कड़ा विरोध किया है।
  • इस विवाद के चलते ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है।
  • कई खाड़ी देशों ने अमेरिका से अपील की है कि वे ईरान पर कूटनीति का रास्ता अपनाएं।

क्या है ईरान का नया प्लान?

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने हाल ही में एक नई संस्था बनाई है। इस संस्था का कहना है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट के मैनेजमेंट सुपरविजन एरिया यानी प्रबंधन निगरानी क्षेत्र की सीमाएं तय कर दी हैं।

अब इस तय सीमा के अंदर से गुजरने वाले किसी भी जहाज के लिए परमिट लेना जरूरी होगा।

शुरुआती चर्चाओं के अनुसार ईरान जहाजों से सीधे कोई टोल नहीं वसूलेगा। इसके बजाय वह एक सर्विस फीस मॉडल पर काम कर रहा है। इसके तहत जहाजों से इन चीजों के नाम पर पैसे लिए जा सकते हैं।

  • ट्रांजिट फीस: रास्ते के इस्तेमाल का शुल्क
  • पर्यावरण शुल्क: पर्यावरण सुरक्षा के नाम पर
  • अन्य सेवाएं: जहाजों को दी जाने वाली अन्य मदद

क्यों शुरू हुआ यह विवाद?

इस पूरे विवाद की जड़ें इस साल फरवरी में हुए अमेरिका और इजराइल के हमलों से जुड़ी हैं। इन हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल ट्रैफिक को लगभग पूरी तरह रोक दिया था।

रास्ता रुकने से दुनिया भर की शिपिंग प्रभावित हुई और ऊर्जा की कीमतें अचानक बढ़ गईं। इसके बाद से ही ईरानी अधिकारियों ने इस जलमार्ग से कमाई जुटाने के अलग-अलग तरीकों पर विचार करना शुरू कर दिया है।

क्यों खास है होर्मुज स्ट्रेट?

दुनिया का करीब 20% समुद्री तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई इसी अकेले होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से होती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का टैक्स, फीस या पाबंदी लगने का सीधा असर पूरी दुनिया के एनर्जी मार्केट और शिपिंग बिजनेस पर पड़ेगा।

ईरान- अमेरिका युद्ध: 22 मई 2026 के बड़े अपडेट्स

1. अमेरिका ने दी चेतावनी

अमेरिका ने ईरान के इस कदम का खुलकर विरोध किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ कहा है कि, होर्मुज स्ट्रेट एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है। यहां किसी भी तरह का टोल मंजूर नहीं किया जाएगा।

मार्को रुबियो ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने जहाजों से टोल वसूला, तो अमेरिका-ईरान के बीच कोई भी समझौता होना नामुमकिन हो जाएगा।

वहीं दूसरी तरफ ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए अमेरिका के पास जंग के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था। उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज में फंसे 1600 तेल के जहाज जल्द ही बाहर निकलेंगे इससे तेल के दाम नीचे आएंगे।

इसके जवाब में ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है। ईरानी सैन्य सूत्रों का कहना है कि उनके पास अभी कई आधुनिक और अनटेस्टेड सीक्रेट हथियार मौजूद हैं। अगर अमेरिका ने दोबारा हमला किया तो बिना किसी संयम के बेहद आक्रामक जवाब दिया जाएगा।

2. खाड़ी देशों की कूटनीति

यूएई, सऊदी अरब और कतर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से अपील की है कि, वे ईरान पर दोबारा हमला न करें। इन तीनों देशों का मानना है कि नए सैन्य अभियान से अमेरिका का पुराना मकसद हासिल नहीं होगा।

इससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव और आर्थिक संकट बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा। यूएई के राष्ट्रपति सलाहकार अनवर गरगाश के मुताबिक अभी अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने की संभावना 50-50% है।

3. फ्रांस का नया प्लान

फ्रांस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक नया प्रस्ताव पेश करने की तैयारी की है। फ्रांस का प्लान है कि होर्मुज स्ट्रेट में एक अंतरराष्ट्रीय मिशन तैनात किया जाए, ताकि जहाजों की आवाजाही बिना किसी रोक-टोक के सुरक्षित तरीके से चलती रहे।

4. अमेरिका और बहरीन का प्रस्ताव

अमेरिका और बहरीन पिछले दो हफ्तों से एक अलग प्रस्ताव पर काम कर रहे हैं। इसमें मांग की गई है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट में हमले करना और समुद्री माइंस बिछाना बंद करे।

हालांकि रूस और चीन ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह ईरान के खिलाफ बताते हुए वीटोकरने के संकेत दिए हैं। अमेरिका अब लगभग 140 देशों को इस प्रस्ताव का सह-प्रायोजक बनाकर रूस और चीन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।

ग्लोबल मार्केट पर असर

इस जंग के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है।अमेरिकी तेल भंडारों में आई गिरावट ने इस चिंता को और ज्यादा बढ़ा दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तनाव लंबे समय तक चला, तो इसका सबसे बड़ा नुकसान खाड़ी देशों और यूरोप के व्यापारिक सुरक्षा तंत्र को उठाना पड़ेगा

ये खबरें भी पढ़िए...

इजराइल ईरान युद्ध: अमेरिका ने कहा, जब्त संपत्ति का 25% ही मिलेगा, रखी 5 शर्तें

ईरान पर आज होने वाला हमला टाला, ट्रंप ने कहा- बड़ी डील को लेकर चल रही बातचीत

Iran Israel war update: ट्रंप ने किया युद्ध खत्म करने का दावा, कहा- ईरान थक चुका है

ईरान-इजराइल युद्ध: अमेरिका करेगा ईरान पर हमला! 50 हजार सैनिक तैनात

Tags:
  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
  • अमेरिका
  • ईरान
  • इजराइल ईरान युद्ध
  • ईरान-इजराइल युद्ध
  • Iran Israel war update
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा