ईरान-अमेरिका की बातचीत रुकी, होर्मुज स्ट्रेट बंद करने की तैयारी, और महंगा हो सकता है पेट्रोल-डीजल
Amresh Kushwaha | Jun 02, 2026, 07:47 IST
iran us talks fail strait of hormuz petrol diesel price rise
ईरान-अमेरिका बातचीत विफल होने और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की आशंका से वैश्विक संकट गहरा गया है। तेल की सप्लाई रुकने से भारत सहित दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकते हैं।
Iran Israel War Update: ईरान-इजराइल जंग के 95वें दिन बहुत बड़ी खबर आ रही है। मिडिल ईस्ट में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। लेबनान पर हमलों से ईरान बेहद नाराज है। उसने अमेरिका से सीजफायर की बातचीत रोक दी है।
ईरान अब होर्मुज स्ट्रेट बंद करने की सोच रहा है। इससे दुनिया भर में बड़ी मंदी आ सकती है। कच्चे तेल की सप्लाई रुकने से भारत सहित दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू को फोन किया। ट्रंप ने उन्हें फोन पर जमकर डांट लगाई। ट्रंप ने कहा कि पूरी दुनिया तुमसे नफरत करेगी।
वहीं, इजराइल हमले रोकने को तैयार नहीं है। समंदर में जहाजों पर हमले का बड़ा खतरा है। जहाज अब अपनी लोकेशन छिपाकर निकल रहे हैं। जापान और यूरोप ने शांति की अपील की है। हालात पल-पल और गंभीर होते जा रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन लगाया और लेबनान में इजराइली सेना के एक्शन पर जमकर गुस्सा निकाला। एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने नेतन्याहू को सीधे फटकार लगाते हुए पूछा, तुम आखिर कर क्या रहे हो?
यह तीखी बातचीत तब हुई, जब ईरान ने धमकी दी थी कि अगर लेबनान में हमले नहीं रुके, तो वह अमेरिका के साथ चल रही कूटनीतिक बातचीत को बंद कर देगा। इसके बाद ट्रंप को खुद बीच में कूदना पड़ा।
एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ट्रंप को लग रहा है कि इजराइल जरूरत से ज्यादा आक्रामक हो रहा है। उन्हें इस बात पर सख्त एतराज था कि सिर्फ एक हिजबुल्लाह कमांडर को मारने के लिए इजराइल पूरी की पूरी इमारतें जमींदोज कर रहा है। ट्रंप ने नेतन्याहू से साफ कहा कि इन हरकतों की वजह से पूरी दुनिया में इजराइल की थू-थू हो रही है। ट्रंप के शब्द थे, अब हर कोई तुमसे नफरत करता है। इस वजह से हर कोई इजराइल से नफरत करता है।
हालांकि, इस बातचीत के बाद नेतन्याहू के ऑफिस ने एक बयान जारी कर कहा कि इजराइल अपनी नीति नहीं बदलेगा। रिपोर्ट के अनुसार, फोन कॉल के आखिरी में नेतन्याहू ने कहा, ठीक है, ठीक है, बस यह पक्का करिए कि सब कुछ संभाल लिया जाए।
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जुबानी जंग और समुद्र में बढ़ती हलचल को आप इस आसान रिपोर्ट से समझ सकते हैं:
लेबनान पर इजराइली हमलों के विरोध में ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही सीजफायर (युद्धविराम) की बातचीत को फिलहाल रोक दिया है। ईरानी न्यूज एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, तेहरान ने साफ कर दिया है कि जब तक लेबनान में इजराइल के हमले नहीं थमते, तब तक मध्यस्थों के जरिए भी अमेरिका से कोई बात नहीं होगी।
ईरान का तर्क है कि लेबनान में शांति रखना सीजफायर समझौते की सबसे बड़ी शर्त थी, लेकिन अब लेबनान समेत कई मोर्चों पर इस वादे को तोड़ा जा रहा है। ईरान की मांग है कि इजराइल गाजा और लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई तुरंत रोके और अपनी सेना को लेबनानी इलाके से पूरी तरह बाहर निकाले। तेहरान ने साफ कहा है कि जब तक उसकी और उसके सहयोगियों की ये मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक बातचीत दोबारा शुरू होने का सवाल ही नहीं उठता।
लेबनान पर हो रहे हमलों से नाराज ईरान अब एक बड़ा कदम उठाने की सोच रहा है। तस्नीम न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान और उसके साथी देश 'होर्मुज स्ट्रेट' को पूरी तरह से बंद करने और अन्य मोर्चों को एक्टिव करने के ऑप्शन पर विचार कर रहे हैं।
इसमें लाल सागर (Red Sea) के दक्षिणी हिस्से में मौजूद बाब अल-मंदेब स्ट्रेट भी शामिल है। ईरान का कहना है कि सीजफायर समझौते का उल्लंघन होने की वजह से ही वह अमेरिका के साथ बातचीत रोक रहा है और इन रास्तों को बंद करने की तैयारी कर रहा है।
एक तरफ जहां तनाव बढ़ रहा है, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उम्मीद है कि अगले एक हफ्ते के अंदर होर्मुज स्ट्रेट को खुलवाने के लिए कोई समझौता हो सकता है। सोमवार को एबीसी न्यूज से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अगर यह समझौता हो जाता है, तो यह किसी सैन्य जीत से भी बहुत बड़ी कामयाबी होगी।
ट्रंप ने कहा कि बातचीत अभी भी चल रही है और कूटनीतिक रास्ते से समाधान निकलने की पूरी उम्मीद है। हालांकि, डील को फाइनल करने से पहले उन्हें कुछ और मुद्दों पर सहमति चाहिए। दक्षिणी लेबनान में इजराइल के एक्शन पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा, आज थोड़ी समस्या आई थी, लेकिन मैंने उसे बहुत जल्दी हैंडल कर लिया।
ट्रंप ने यह दावा भी किया कि उन्होंने ही नेतन्याहू को लेबनान की राजधानी बेरूत पर बड़ा हमला करने से रोका था। एक्सियोस न्यूज के मुताबिक, ट्रंप ने नेतन्याहू को फोन पर फटकार लगाने के साथ-साथ यह भी याद दिलाया कि उन्होंने पहले कई बार इजराइल का साथ दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर इजराइल ने लेबनान पर अंधाधुंध बमबारी जारी रखी, तो वह दुनिया में बिल्कुल अकेला पड़ जाएगा।
ट्रंप की चेतावनी और दावों के बावजूद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू टस से मस होने को तैयार नहीं हैं। नेतन्याहू ने साफ कहा कि इजराइली सेना दक्षिणी लेबनान में अपने प्लान के मुताबिक कार्रवाई जारी रखेगी। वहीं, उनके रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने भी दोटूक कहा कि लेबनान में कोई युद्धविराम नहीं हुआ है। यह बयान ट्रंप के उस दावे के बिल्कुल उलट है, जिसमें उन्होंने कहा था कि इजराइल अब लेबनान पर हमले नहीं करेगा।
इस पूरे विवाद से वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है। जापान ने ईरान से कहा है कि वह अमेरिका के साथ समझौते के लिए थोड़ा लचीला रुख अपनाए। जापान ने चेतावनी दी कि अगर होर्मुज का समुद्री रास्ता बंद रहा, तो पूरी दुनिया की सप्लाई चेन ठप हो जाएगी और वैश्विक मंदी आ सकती है।
दूसरी तरफ, यूरोपियन यूनियन (EU) ने इजराइल से अपनी सैन्य कार्रवाई रोकने और लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करने को कहा है। इसी बीच, सऊदी अरब ने कुवैत पर हुए ईरानी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि वहां से गुजरने वाले जहाजों पर ईरानी ड्रोन या मिसाइलों के हमले का खतरा हर वक्त मंडरा रहा है। अगर कोई जहाज ईरान की मर्जी के बिना वहां से गुजरता है, तो उस पर हमला लगभग तय है। न्यूयार्क टाइम्स के मुताबिक, पिछले तीन हफ्तों में अमेरिका ने 70 कॉमर्शियल (व्यापारिक) जहाजों को सुरक्षित निकालने में मदद की है।
रक्षा जानकारों ने बताया कि इन जहाजों को ईरान की सीमा से दूर, ओमान के तट के पास वाले रास्तों से निकाला जा रहा है। इस खतरे से बचने के लिए ज्यादातर जहाजों ने अपने ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) यानी लोकेशन बताने वाले ट्रांसपोंडर बंद कर दिए हैं। समुद्री भाषा में इसे डार्क पैसेज कहा जाता है, ताकि सैटेलाइट ट्रैकिंग के जरिए दुश्मन को जहाजों की सही लोकेशन का पता न चल सके।
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ईरान अब होर्मुज स्ट्रेट बंद करने की सोच रहा है। इससे दुनिया भर में बड़ी मंदी आ सकती है। कच्चे तेल की सप्लाई रुकने से भारत सहित दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू को फोन किया। ट्रंप ने उन्हें फोन पर जमकर डांट लगाई। ट्रंप ने कहा कि पूरी दुनिया तुमसे नफरत करेगी।
वहीं, इजराइल हमले रोकने को तैयार नहीं है। समंदर में जहाजों पर हमले का बड़ा खतरा है। जहाज अब अपनी लोकेशन छिपाकर निकल रहे हैं। जापान और यूरोप ने शांति की अपील की है। हालात पल-पल और गंभीर होते जा रहे हैं।
ट्रंप ने नेतन्याहू को फोन पर डांटा
यह तीखी बातचीत तब हुई, जब ईरान ने धमकी दी थी कि अगर लेबनान में हमले नहीं रुके, तो वह अमेरिका के साथ चल रही कूटनीतिक बातचीत को बंद कर देगा। इसके बाद ट्रंप को खुद बीच में कूदना पड़ा।
एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ट्रंप को लग रहा है कि इजराइल जरूरत से ज्यादा आक्रामक हो रहा है। उन्हें इस बात पर सख्त एतराज था कि सिर्फ एक हिजबुल्लाह कमांडर को मारने के लिए इजराइल पूरी की पूरी इमारतें जमींदोज कर रहा है। ट्रंप ने नेतन्याहू से साफ कहा कि इन हरकतों की वजह से पूरी दुनिया में इजराइल की थू-थू हो रही है। ट्रंप के शब्द थे, अब हर कोई तुमसे नफरत करता है। इस वजह से हर कोई इजराइल से नफरत करता है।
हालांकि, इस बातचीत के बाद नेतन्याहू के ऑफिस ने एक बयान जारी कर कहा कि इजराइल अपनी नीति नहीं बदलेगा। रिपोर्ट के अनुसार, फोन कॉल के आखिरी में नेतन्याहू ने कहा, ठीक है, ठीक है, बस यह पक्का करिए कि सब कुछ संभाल लिया जाए।
इजराइल ईरान युद्ध : 01 - 02 जून 2026 के बड़े अपडेट्स
1. ईरान का अमेरिका को झटका
ईरान का तर्क है कि लेबनान में शांति रखना सीजफायर समझौते की सबसे बड़ी शर्त थी, लेकिन अब लेबनान समेत कई मोर्चों पर इस वादे को तोड़ा जा रहा है। ईरान की मांग है कि इजराइल गाजा और लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई तुरंत रोके और अपनी सेना को लेबनानी इलाके से पूरी तरह बाहर निकाले। तेहरान ने साफ कहा है कि जब तक उसकी और उसके सहयोगियों की ये मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक बातचीत दोबारा शुरू होने का सवाल ही नहीं उठता।
2. समंदर में नया संकट, होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद करने की तैयारी
इसमें लाल सागर (Red Sea) के दक्षिणी हिस्से में मौजूद बाब अल-मंदेब स्ट्रेट भी शामिल है। ईरान का कहना है कि सीजफायर समझौते का उल्लंघन होने की वजह से ही वह अमेरिका के साथ बातचीत रोक रहा है और इन रास्तों को बंद करने की तैयारी कर रहा है।
3. इसी हफ्ते हो सकता है ईरान से बड़ा समझौता- ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि बातचीत अभी भी चल रही है और कूटनीतिक रास्ते से समाधान निकलने की पूरी उम्मीद है। हालांकि, डील को फाइनल करने से पहले उन्हें कुछ और मुद्दों पर सहमति चाहिए। दक्षिणी लेबनान में इजराइल के एक्शन पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा, आज थोड़ी समस्या आई थी, लेकिन मैंने उसे बहुत जल्दी हैंडल कर लिया।
ट्रंप ने यह दावा भी किया कि उन्होंने ही नेतन्याहू को लेबनान की राजधानी बेरूत पर बड़ा हमला करने से रोका था। एक्सियोस न्यूज के मुताबिक, ट्रंप ने नेतन्याहू को फोन पर फटकार लगाने के साथ-साथ यह भी याद दिलाया कि उन्होंने पहले कई बार इजराइल का साथ दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर इजराइल ने लेबनान पर अंधाधुंध बमबारी जारी रखी, तो वह दुनिया में बिल्कुल अकेला पड़ जाएगा।
4. चाहे जो हो, लेबनान में हमले जारी रहेंगे- नेतन्याहू
5. जापान, सऊदी और यूरोप ने की शांति की अपील
दूसरी तरफ, यूरोपियन यूनियन (EU) ने इजराइल से अपनी सैन्य कार्रवाई रोकने और लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करने को कहा है। इसी बीच, सऊदी अरब ने कुवैत पर हुए ईरानी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है।
6. समंदर में डार्क पैसेज का खेल
रक्षा जानकारों ने बताया कि इन जहाजों को ईरान की सीमा से दूर, ओमान के तट के पास वाले रास्तों से निकाला जा रहा है। इस खतरे से बचने के लिए ज्यादातर जहाजों ने अपने ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS) यानी लोकेशन बताने वाले ट्रांसपोंडर बंद कर दिए हैं। समुद्री भाषा में इसे डार्क पैसेज कहा जाता है, ताकि सैटेलाइट ट्रैकिंग के जरिए दुश्मन को जहाजों की सही लोकेशन का पता न चल सके।
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