जम्मू कश्मीर चुनाव : BJP ने जारी की 15 उम्मीदवारों की नई सूची
Pratibha ranaa | Aug 26, 2024, 13:24 IST
BJP ने नए सिरे से जारी की लिस्ट
बीजेपी ने जम्मू-कश्मीर चुनावों ( jammu kashmir elections ) के लिए नई उम्मीदवार सूची जारी कर दी है। इस लिस्ट में 15 कैंडिडेट का ऐलान किया गया है।
जम्मू कश्मीर चुनाव ( Jammu and Kashmir Elections ) ने कैंडिडेट की लिस्ट वापस लेने के बाद अब बीजेपी ने नई लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में 15 कैंडिडेट ( J&K bjp candidates list ) की घोषणा की गई है।
बता दें, जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने सोमवार सुबह अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की, लेकिन इसे महज दो घंटे बाद ही वापस ले लिया। सुबह 10 बजे जारी की गई 44 नामों की इस सूची को दोपहर करीब 12 बजे पार्टी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X से डिलीट कर दिया।
हटाई गई सूची में तीन चर्चित चेहरे- पूर्व डिप्टी CM निर्मल सिंह, कविंद्र गुप्ता और जम्मू-कश्मीर के पार्टी अध्यक्ष रविंद्र रैना का नाम नहीं था।
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जम्मू-कश्मीर में 3 चरणों में चुनाव होंगे। पहला चरण 18 सितंबर, दूसरा 25 सितंबर और तीसरा 1 अक्टूबर को होगा। वहीं वोटों की गिनती 4 अक्टूबर को होगी। जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव का शेड्यूल जारी करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि हमारी टीम ने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया है इसके बाद ही चुनाव की तारीखों का ऐलान किया है। लोकसभा चुनाव के बाद राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर हमारी तैयारियां पूरी हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में कुल 90 विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें से 74 सामान्य, एससी-7 और एसटी-9 हैं। यहां कुल 87.09 लाख मतदाता हैं इनमें से 44.46 लाख पुरुष, 42.62 लाख महिलाएं, 3.71 लाख पहली बार मतदाता और 20.7 लाख युवा मतदाता हैं। अमरनाथ यात्रा 19 अगस्त को समाप्त होगी और अंतिम मतदाता सूची 20 अगस्त को प्रकाशित की जाएगी।
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मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि हमने जम्मू-कश्मीर दौरा कर चुनाव की तैयारियों को लेकर जायजा लिया है। लोगों में चुनाव को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया और वे चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेना चाहते हैं।
लोग चाहते हैं कि जल्द से जल्द चुनाव कराए जाएं। लोकसभा चुनाव के दौरान जम्मू-कश्मीर में केंद्रों पर मतदान के लिए लगी लंबी-लंबी कतारें इस बात का सबूत हैं कि लोग न केवल बदलाव चाहते हैं बल्कि, उस बदलाव का हिस्सा बनना चाहते हैं। लोग अपनी किस्मत खुद लिखना चाह रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के लोगों ने लोकसभा चुनाव के दौरान बुलेट के बजाय बैलेट को चुना।
जून 2018 से जम्मू और कश्मीर में कोई चुनी हुई सरकार नहीं है। बीजेपी ने जब पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ गठबंधन तोड़ा तो महबूबा मुफ्ती को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। उस समय तत्कालीन राज्यपाल सत्यपाल मलिक राज्य का नेतृत्व कर रहे थे।
मलिक ने 28 नवंबर, 2018 को जम्मू-कश्मीर विधानसभा भंग कर दी थी। इसके बाद 19 दिसंबर, 2018 को भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अनुच्छेद 356 के तहत जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की घोषणा की अधिसूचना जारी कर दी। आठ महीने बाद 5 अगस्त, 2019 को केंद्र में बीजेपी सरकार ने जम्मू-कश्मीर को स्पेशल स्टेट देने वाली धारा 370 को निरस्त कर दिया और जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया।
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बता दें, जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने सोमवार सुबह अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की, लेकिन इसे महज दो घंटे बाद ही वापस ले लिया। सुबह 10 बजे जारी की गई 44 नामों की इस सूची को दोपहर करीब 12 बजे पार्टी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X से डिलीट कर दिया।
हटाई गई सूची में तीन चर्चित चेहरे- पूर्व डिप्टी CM निर्मल सिंह, कविंद्र गुप्ता और जम्मू-कश्मीर के पार्टी अध्यक्ष रविंद्र रैना का नाम नहीं था।
ये खबर भी पढ़िए...बीजेपी ने जम्मू-कश्मीर चुनाव के लिए 44 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की, फिर हटाई, सूची में शामिल थे 14 मुसलमान
यहां देखें लिस्ट
लिस्ट
तीन चरणों में होगी वोटिंग
जम्मू-कश्मीर में कितने मतदाता
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लोग बदलाव का हिस्सा बनना चाहते हैं
लोग चाहते हैं कि जल्द से जल्द चुनाव कराए जाएं। लोकसभा चुनाव के दौरान जम्मू-कश्मीर में केंद्रों पर मतदान के लिए लगी लंबी-लंबी कतारें इस बात का सबूत हैं कि लोग न केवल बदलाव चाहते हैं बल्कि, उस बदलाव का हिस्सा बनना चाहते हैं। लोग अपनी किस्मत खुद लिखना चाह रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के लोगों ने लोकसभा चुनाव के दौरान बुलेट के बजाय बैलेट को चुना।
जम्मू-कश्मीर में लगा था राष्ट्रपति शासन
मलिक ने 28 नवंबर, 2018 को जम्मू-कश्मीर विधानसभा भंग कर दी थी। इसके बाद 19 दिसंबर, 2018 को भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अनुच्छेद 356 के तहत जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की घोषणा की अधिसूचना जारी कर दी। आठ महीने बाद 5 अगस्त, 2019 को केंद्र में बीजेपी सरकार ने जम्मू-कश्मीर को स्पेशल स्टेट देने वाली धारा 370 को निरस्त कर दिया और जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया।
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