दिव्यांग कोटे से MBBS सीट पाने युवक ने काट लिया पैर का पंजा, गर्लफ्रेंड ने खोली पोल!

जौनपुर का सूरज भास्कर अपनी एमबीबीएस की चाहत को पूरा करने के लिए खुद ही अपने पैर का पंजा काट लिया । इस पूरी साजिश का खुलासा युवक की प्रेमिका ने किया।

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Sanjay Dhiman
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Jaunpur youth cuts his toe to get MBBS seat from disabled quota

Photograph: (the sootr)

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NEWS IN SHORT

  • सूरज ने एमबीबीएस में एडमिशन के लिए दिव्यांग कोटा का फायदा उठाने की कोशिश की।
  • उसने खुद को दिव्यांग बनाने के लिए अपने पैर का पंजा काट लिया था।
  • पुलिस ने सूरज के झूठे बयान को सर्विलांस और कॉल डिटेल से पकड़ा।
  • सूरज ने पहले दिव्यांग सर्टिफिकेट बनाने की कोशिश की, लेकिन वह असफल रहा।
  • पुलिस ने सूरज को इलाज के बाद कानूनी कार्रवाई के लिए थाने लाने की योजना बनाई।

NEWS IN DETAIL

Jaunpur. जौनपुर के लाइन बाजार थाना क्षेत्र का रहने वाला सूरज भास्कर, नीट(NEET) की तैयारी कर रहा था। उसका सपना था कि 2026 में किसी भी हाल में उसे एमबीबीएस में एडमिशन मिल जाए। इसके लिए उसने एक ऐसी कहानी बनाई कि पुलिस भी उसकी बातों में फंस गई। सूरज ने दावा किया कि कुछ लोगों ने रात को उसकी पिटाई की और सुबह उठने पर पाया कि उसका बाएं पैर का पंजा कट चुका था। 

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि सूरज ने दिव्यांग कोटे से एमबीबीएस में एडमिशन पाने के लिए खुद ही अपने पैर का पंजा काटा था। पुलिस ने इस मामले में सूरज को अस्पताल भेजा। आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जांच शुरु कर दी है।

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कैसे सामने आई सच्चाई?

सूरज के बयान के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। शुरुआती दौर में पुलिस को सूरज का बयान संदिग्ध लगा। बार-बार बयान बदलने के कारण पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने उसकी कॉल डिटेल निकाली, और कुछ हैरान करने वाली जानकारियां सामने आईं। पता चला कि सूरज की एक प्रेमिका है। जिसने बताया कि वह एमबीबीएस में एडमिशन के लिए कुछ भी करने को तैयार था।

दिव्यांग सर्टिफिकेट का खेल

पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि सूरज ने अक्टूबर महीने में वाराणसी स्थित BHU में दिव्यांग सर्टिफिकेट बनाने की कोशिश की थी, लेकिन उसे कोई सफलता नहीं मिली। बाद में, सूरज ने खुद को दिव्यांग बनाने का नाटक किया। उसका मकसद था एमबीबीएस में एडमिशन पाने के लिए दिव्यांग कोटे से प्रवेश हासिल करना।

सीओ सिटी ने बताई सच्चाई

सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने प्रेस को बताया कि सूरज ने खुद ही अपने पैर का पंजा काटने की साजिश रची थी। पुलिस ने सर्विलांस और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के माध्यम से सूरज की झूठी कहानी का पर्दाफाश किया। पता चला कि वह किसी भी कीमत पर दिव्यांग प्रमाणपत्र हासिल करना चाहता था, लेकिन जब वह सफल नहीं हो पाया, तो उसने खुद को नुकसान पहुंचाने का खतरनाक रास्ता चुना।

कैसे की थी साजिश?

सूरज ने खुद ही दर्द से बचने के लिए एनेस्थीसिया के इंजेक्शन लगाए और फिर ग्राइंडर से अपने पैर का पंजा काट दिया। अगले दिन उसने यह कहानी बनानी शुरू की कि रात को अज्ञात लोगों ने उसकी पिटाई की और जब वह सोकर उठा तो उसके बाएं पैर का पंजा गायब था।

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पुलिस का कदम और कार्रवाई

पुलिस ने सूरज को प्राथमिक इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा और बाद में ट्रॉमा सेंटर रेफर किया। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी हालत गंभीर थी, लेकिन उसने खुद को धोखा देने की साजिश रची थी। पुलिस का कहना है कि सूरज का बयान अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद दर्ज किया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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