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Photograph: (the sootr)
NEWS IN SHORT
- मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक भर्ती में वेटिंग लिस्ट से 1000 अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा।
- 800 चयनित अभ्यर्थी मेडिकल टेस्ट और दस्तावेज सत्यापन में अनुपस्थित रहे हैं।
- चयनित अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने से खाली पदों को वेटिंग लिस्ट से भरा जाएगा।
- पुलिस विभाग ने वेटिंग लिस्ट से 379 अभ्यर्थियों को नियुक्ति के लिए नोटिस भेजा।
- भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़े के कारण चयनित अभ्यर्थियों का गायब होना अधिकारियों के लिए चिंता का कारण है।
NEWS IN DETAIL
BHOPAL. आरक्षक भर्ती-2023 की वेटिंग लिस्ट पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 800 से ज्यादा चयनित अभ्यर्थियों के मेडिकल टेस्ट और दस्तावेज सत्यापन कराने न आने के बाद पुलिस की चयन शाखा ने 379 वेटिंग अभ्यर्थियों को अवसर दिया है। जबकि 400 वेटिंग अभ्यर्थियों की सूची भी तैयार की जा रही है। छह माह बाद वेटिंग से चयन सूची में नाम आने से अभ्यर्थियों में उत्साह है। पुलिस की प्रशिक्षण इकाइयां भी नव आरक्षकों को प्रशिक्षित करने की तैयारी में जुट गई हैं।
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अगस्त 2023 में हुई थी एमपी पुलिस आरक्षक परीक्षा
मध्य प्रदेश पुलिस ने आरक्षकों के 7500 पदों पर 12 अगस्त 2023 से ऑनलाइन परीक्षा शुरू की थी। जिसका परिणाम मार्च 2024 में जारी किया गया था। इनमें 7411 पद जनरल ड्यूटी और 321 पद तकनीकी आरक्षकों के लिए थे।
भर्ती परीक्षा के परिणाम के बाद पुलिस मुख्यालय की चयन शाखा द्वारा ओबीसी आरक्षण के तहत 13 फीसदी पदों को होल्ड कर 6420 पदों पर चयन सूची जारी की थी। अगले दो महीनों में इन अभ्यर्थियों को मेडिकल टेस्ट और दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया गया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद 5000 नियुक्ति पत्र जारी किए गए लेकिन इनमें से 800 से 1000 अभ्यर्थी प्रशिक्षण लेने ही नहीं पहुंचे।
प्रशिक्षण से गायब एक हजार अभ्यर्थी
पुलिस की इंदौर प्रशिक्षण इकाई में 996, पीटीएस सागर में 305, पीटीएस तिगरा में 554, पीटीएस उमरिया में 232, पीटीएस रीवा में 472, पीटीएस पचमढ़ी में 207, पीटीएस उज्जैन में 206 और भोपाल के भौंरी स्थिति पुलिस प्रशिक्षण शाला में 526 नव आरक्षक प्रशिक्षण ले रहे हैं।
1000 से ज्यादा अभ्यर्थियों को चयन शाखा दो से तीन बार नोटिस जारी कर चुकी है। ये पद चयनित अभ्यर्थियों के गायब रहने से पद खाली हैं। वेटिंग अभ्यर्थी इन खाली पदों पर नियुक्ति के अवसर की आस लगाए बैठे हैं। हांलाकि बीते दिनों चयन शाखा ने 379 अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दी है। इन अभ्यर्थियों को मेडिकल परीक्षण और दस्तावेज सत्यापन के लिए नोटिस जारी किया है।
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वेटिंग लिस्ट से जल्द भरे जाएंगे खाली पद
चयन शाखा प्रभारी एडीजी शाहिद अबसार ने द सूत्र को बताया कि मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक भर्ती 2023 में स्वीकृत पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। जिन पदों पर सूचना के बावजूद चयनित अभ्यर्थियों ने प्रशिक्षण इकाइयों में आमद नहीं दी अथवा मेडिकल और दस्तावेज परीक्षण से गायब रहे उन पदों को वेटिंग लिस्ट से भरा जा रहा है। इसके लिए पहली सूची जारी कर दी गई है।
जल्द ही दूसरी सूची जारी कर दी जाएगी। इस पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि चयन शाखा इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने में जुटी है। ताकि मध्य प्रदेश पुलिस आरक्षक भर्ती 2025 की चयन सूची आते ही उस पर नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
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फर्जीवाड़े में फंसने से गायब होने का अंदेशा
चयन सूची में पहले ही चरण में 6420 अभ्यर्थियों ने जगह बनाई थी, लेकिन इनमें से 1000 अभ्यर्थी गायब हो गए। जिन 5000 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी किए गए थे उनमें से भी 800 से 1000 अभ्यर्थी प्रशिक्षण में शामिल नहीं हुए हैं। अभ्यर्थियों का इतनी बड़ी संख्या में चयन के बाद गायब होना अधिकारियों की आशंका की वजह बना हुआ है।
आरक्षक भर्ती परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों को पास कराने के फर्जीवाड़े के मामले आए थे। भर्ती परीक्षा में धांधली की शिकायतों पर बायोमैट्रिक डेटा से छेड़छाड़ और अभ्यर्थी की जगह सॉल्वर बैठाने की भी शिकायतें हुई थीं। जांच में सिलिकॉन फिंगरप्रिंट क्लोनिंग, आधार कार्ड में फोटो अपडेट कर सॉल्वर बैठाए गए थे। ग्वालियर, भिंड और मुरैना में सक्रिय गिरोह 5 से 10 लाख रुपए में फर्जी चयन का खेल हुआ था।
चयन के बाद पहली बार इतने अभ्यर्थी गायब :
पुलिस मुख्यालय की चयन शाखा के अनुसार मध्य प्रदेश में यह पहला मौका है जब चयन सूची में जगह बनाने के बाद हजार से डेढ़ हजार अभ्यर्थी गायब हैं। चयन सूची से लगभग 25 फीसदी अभ्यर्थियों का नौकरी छोड़ देना भी सवाल खड़े कर रहा है। इससे पहले कभी भी इतनी बड़ी संख्या में चयनित अभ्यर्थी दस्तावेज सत्यापन और प्रशिक्षण में शामिल होने से गायब नहीं हुए हैं। जबकि अधिकांश भर्तियों में तो वेटिंग लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों को मौका ही नहीं मिल पाता है।
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