10 सालों में माननीयों के खिलाफ 8,360 शिकायतें, सदन में कानून मंत्री ने दी जानकारी

पिछले 10 सालों में भारतीय न्यायपालिका के जजों के खिलाफ 8,360 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। लोकसभा में केंद्रीय कानून मंत्री ने जानकारी दी। कार्रवाई पर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

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Sanjay Dhiman
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8360 complaints against honorable people in 10 years information given in the House

Photograph: (the sootr)

केंद्र सरकार ने लोकसभा में जजों से जुड़े कुछ हैरान करने वाले आंकड़े पेश किए हैं। कानून मंत्रालय ने बताया कि पिछले 10 सालों में जजों के खिलाफ शिकायतों का ढेर लग गया है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के पास कुल 8,360 शिकायतें पहुंची हैं। यह काफी बड़ा आंकड़ा है। ये आंकड़े सुनकर आम आदमी के मन में कई गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

लोकसभा में सांसद के सवाल पर सरकार का जवाब

द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के सांसद मथेश्वरन वीएस ने संसद में सवाल पूछा था। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों के खिलाफ मिली शिकायतों की लिस्ट मांगी थी। सांसद जानना चाहते थे कि आखिर जजों पर किस तरह के आरोप लग रहे हैं। इसके जवाब में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने डेटा पेश किया। उन्होंने बताया कि 2016 से 2025 के बीच शिकायतों की संख्या 8,360 तक पहुंच गई है।

भ्रष्टाचार और यौन दुर्व्यवहार जैसे गंभीर आरोप

इन शिकायतों में केवल छोटी-मोटी गलतियां नहीं, बल्कि बहुत ही गंभीर आरोप शामिल हैं। सांसद ने पूछा था कि भ्रष्टाचार, यौन दुर्व्यवहार और अन्य गड़बड़ियों की कितनी शिकायतें आई हैं। हालांकि, रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इनमें से कितने आरोप सच साबित हुए। 

क्या शिकायतों पर क्या एक्शन लिया गया?

सांसद मथेश्वरन ने पूछा कि क्या इन 8,360 शिकायतों पर कोई कड़ी कार्रवाई की गई है? कानून मंत्रालय ने कोई ठोस जबाव नहीं दिया। सरकार ने यह नहीं बताया कि शिकायतों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है। शिकायतों के निपटारे का कोई साफ रिकॉर्ड संसद के सामने नहीं रखा जा सका है।

क्या सरकार जवाबदेही के नए नियम बनाएगी?

इस बहस में एक बड़ा सवाल यह भी था कि क्या सरकार कोई नई गाइडलाइन लाएगी। सांसद ने पूछा था कि क्या जजों की जवाबदेही तय करने के लिए कोई नया सिस्टम बनेगा? इस पर भी सरकार की तरफ से कोई सीधा या ठोस जवाब नहीं मिल पाया है। फिलहाल पूरी प्रक्रिया ज्यूडिशियरी के अपने आंतरिक नियमों (Internal Rules) के तहत होती है।

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