कोलकाता रेप मर्डर केस :कोलकाता मामले में नहीं हुआ गैंगरेप, डीएनए रिपोर्ट में सच आया सामने
Deeksha Nandini Mehra | Aug 22, 2024, 14:58 IST
कोलकाता रेप मर्डर केस cbi report
कोलकाता रेप केस में सीबीआई ने बताया कि अब तक की जांच में यह बात निकलकर आई है कि संजय रॉय ने पीड़िता का बलात्कार किया और फिर हत्या। वहीं डीएनए निष्कर्षों में संजय रॉय की इंवोल्मेंट की पुष्टि हुई है।
CBI Investigation Update in Kolkata Case : कोलकाता बलात्कार और हत्या मामले को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। इस मामले की जांच कर रही सीबीआई (CBI) ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की है। रिपोर्ट के अनुसार, अब तक की जांच में मृतका के बलात्कार और हत्या के मामले में संजय रॉय (Sanjay Roy) की संलिप्तता की ओर इशारा किया गया है। हालांकि जांच अभी जारी है और सीबीआई ने अन्य संभावनाओं को भी खारिज नहीं किया है।
सूत्रों से मिली जानकारी का अनुसार सीबीआई ने फोरेंसिक रिपोर्ट का विश्लेषण किया है, जिसमें संजय रॉय के अपराध में शामिल होने की पुष्टि हुई है। डीएनए रिपोर्ट (DNA findings) और सीसीटीवी फुटेज से भी यही संकेत मिलता है कि संजय रॉय ने ही इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। अब तक की जांच में स्पष्ट हो गया है कि यह बलात्कार और हत्या का मामला है, गैंगरेप (Gangrape) का नहीं, जैसा कि पहले संदेह था।
हालांकि, सीबीआई ने मामले में गैंगरेप के सिद्धांत को पूरी तरह से खारिज नहीं किया है और इस मामले में अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए स्वतंत्र फोरेंसिक विशेषज्ञों (Independent forensic experts) की मदद ली जा सकती है।
सीबीआई की जांच में इस बात के भी सबूत मिले हैं कि बर्खास्त प्रिंसिपल संदीप घोष (Sandeep Ghosh) की ओर से इस मामले में चूक हुई है। जांच में खुलासा हुआ है कि अपराध स्थल से छेड़छाड़ की गई थी और अस्पताल के अधिकारियों ने भी मामले को सही तरीके से नहीं संभाला। ऐसे में संदीप घोष पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।
सीबीआई का मानना है कि प्रोटोकॉल जानते हुए भी, संदीप घोष और अन्य अधिकारियों ने अपराध स्थल की सुरक्षा में लापरवाही बरती। कॉलेज के तत्कालीन प्रिंसिपल संदीप घोष ने हत्या की जानकारी मिलने के बाद भी कोई सक्रिय कदम नहीं उठाया।
सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया है कि अस्पताल में हो रहे रिनोवेशन (Renovation) के काम में भी कई अनियमितताएं हैं, जिन्हें जांच के दायरे में लिया गया है। एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी (Delay in FIR) और कोलकाता पुलिस द्वारा दी गई समयसीमा (Timeline provided by Kolkata Police) की भी गहन जांच हो रही है।
डीएनए और सीसीटी फुटेज से मिली हिंट
हालांकि, सीबीआई ने मामले में गैंगरेप के सिद्धांत को पूरी तरह से खारिज नहीं किया है और इस मामले में अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए स्वतंत्र फोरेंसिक विशेषज्ञों (Independent forensic experts) की मदद ली जा सकती है।
संदीप घोष पर गिर सकती है गाज
प्रोटोकॉल जानते हुए भी संदीप घोष ने बरती लापरवाही
सीबीआई की जांच में यह भी सामने आया है कि अस्पताल में हो रहे रिनोवेशन (Renovation) के काम में भी कई अनियमितताएं हैं, जिन्हें जांच के दायरे में लिया गया है। एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी (Delay in FIR) और कोलकाता पुलिस द्वारा दी गई समयसीमा (Timeline provided by Kolkata Police) की भी गहन जांच हो रही है।
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