यूपी में कब्जा कर बनाई इस मस्जिद पर उठा विवाद, पाकिस्तान का भी नाम आया

Sandeep Kumar | Dec 08, 2024, 17:53 IST
Share
liaquat ali khan
liaquat ali khan

मुजफ्फरनगर में पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली खान की पुश्तैनी संपत्ति पर मस्जिद और चार दुकानें बनी हुई हैं। मुस्लिम पक्ष इसे वक्फ की संपत्ति बता रहा है, जबकि प्रशासन इसके अधिग्रहण के लिए कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली खान की पुश्तैनी संपत्ति को लेकर विवाद गहरा गया है। यह संपत्ति शत्रु संपत्ति के रूप में घोषित की गई है। जिस पर मस्जिद और चार दुकानें बनी हुई हैं। मुस्लिम पक्ष इसे वक्फ की संपत्ति बता रहा है, जबकि जांच में यह साफ हुआ कि यह शत्रु संपत्ति है। अब प्रशासन इसके अधिग्रहण के लिए कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। इस विवाद ने एक बार फिर शत्रु संपत्ति के मुद्दे को गरमा दिया है।

अयोध्या में नहीं बनी 'बाबरी' मस्जिद, सरकार ने दी है 5 एकड़ जमीन

लियाकत अली खान की संपत्ति का विवाद

पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली खान की मुजफ्फरनगर स्थित संपत्ति शत्रु संपत्ति के रूप में घोषित की गई है। यह जमीन मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन के पास स्थित मस्जिद और दुकानों के नीचे थी। मुस्लिम पक्ष इसे वक्फ की संपत्ति बताता है, जांच में यह साबित हुआ कि यह पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री रहे लियाकत अली खान की संपत्ति है। जिसे विभाजन के बाद शत्रु संपत्ति घोषित किया गया था।

मुजफ्फरनगर में विवाद कैसे शुरू हुआ?

करीब डेढ़ साल पहले हिंदू सनातन संगठन के संयोजक संजय अरोड़ा ने प्रशासन से इस जमीन को शत्रु संपत्ति घोषित करने का आग्रह किया। उनका कहना था कि इस पर मस्जिद और दुकानें अवैध तरीके से बनाई गई हैं। इसके बाद प्रशासन ने इसकी जांच शुरू की और पाया कि यह संपत्ति वास्तव में लियाकत अली खान की थी, जिसे शत्रु संपत्ति के रूप में दर्ज किया गया।

संभल हिंसा का PAK कनेक्शन! मस्जिद के पास पुलिस को मिला बड़ा सबूत

कानूनी कार्रवाई की तैयारी

अब, चूंकि यह संपत्ति शत्रु संपत्ति घोषित हो चुकी है। प्रशासन इसे अधिग्रहित करने के लिए कानूनी कार्रवाई तेज करने की योजना बना रहा है। इस बीच, मस्जिद के मालिक और दुकानदार इसका विरोध कर रहे हैं। उनका दावा है कि यह संपत्ति वक्फ की है और शत्रु संपत्ति का दावा गलत है। अब आगे की कानूनी प्रक्रिया में यह मामला और उलझ सकता है।

बीजेपी नेता नाजिया बोलीं- वक्फ बोर्ड लैंड माफिया,संशोधन नहीं खत्म करें

शत्रु संपत्ति क्या है?

शत्रु संपत्ति वह संपत्ति होती है, जो विभाजन के समय पाकिस्तान भाग गए व्यक्तियों के परिवारों द्वारा छोड़ी गई होती है। 1968 में भारतीय सरकार ने ऐसी संपत्तियों को शत्रु संपत्ति घोषित किया। अब शत्रु संपत्ति का प्रशासन द्वारा अधिग्रहण किया जाता है, और इसे आम तौर पर नीलाम किया जाता है।

thesootr links

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

Tags:
  • भारत
  • यूपी न्यूज
  • लियाकत अली खान
  • शत्रु संपत्ति
  • भारत में शत्रु संपत्ति
  • यूपी मस्जिद विवाद
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा