महर्षि वाल्मीकि जयंती आज, जानें क्या है महत्व और कौन थे महर्षि
Sandeep Kumar | Oct 17, 2024, 24:44 IST
STYLESHEET THESOOTR - 2024-10-17T002800.778
महर्षि वाल्मिकी जयंती 17 अक्टूबर यानी आज गुरुवार को है। महर्षि वाल्मिकी का नाम केवल एक समुदाय तक ही सीमित नहीं है बल्कि उनका ज्ञान और मार्गदर्शन आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा है।
रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मिकी ( Maharishi Valmiki ) को अपने विद्वता और तप के कारण महर्षि की पदवी प्राप्त हुई थी। महर्षि वाल्मिकी के जन्म दिन को ही वाल्मिकी जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस साल वाल्मिकी जयंती 17 अक्टूबर यानी आज गुरुवार को है। महर्षि वाल्मिकी का नाम केवल एक समुदाय तक ही सीमित नहीं है बल्कि उनका ज्ञान और मार्गदर्शन आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा है। आइए विस्तार से जानते हैं वाल्मिकी जयंती का महत्व।
महर्षि वाल्मिकी का जन्म आश्विन मास की शरद पूर्णिमा के दिन हुआ था। इस साल महर्षि वाल्मिकी जयंती अक्टू का समापन 17 अक्टूबर को दोपहर 04 बजकर 55 मिनट पर होगा। ऐसे में वाल्मीकि जयंती गुरुवार, 17 अक्टूबर को मनाई जाएगी।
वाल्मिकी जयंती हर साल महर्षि वाल्मिकी के जन्मदिन पर मनाई जाती है। वाल्मिकी जी को भगवान राम का परम भक्त माना जाता है। महर्षि वाल्मिकी ने ही रामायण ( Ramayana )की रचना की थी। वाल्मिकी जयंती सभी लोग मनाते हैं, लेकिन वाल्मिकी समुदाय के लोगों के लिए वाल्मिकी जयंती विशेष मानी जाती है। वाल्मिकी समुदाय के लोग ऋषि वाल्मिकी को भगवान का रूप मानते हैं और उनकी पूजा करते हैं। इस दिन उनके मंदिरों और स्थानों को फूलों से सजाया जाता है और रामायण की चौपाई गाई जाती हैं।
महान ऋषि बनने से पहले महर्षि वाल्मीकि (Maharishi Valmiki ) एक डाकू थे, जिनका नाम रत्नाकर था। रत्नाकर (Ratnakar ) नाम के इस डाकू ने अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए वन में आने वाले लोगों को लूटा करते थे। एक दिन नारद मुनि (Narad Muni ) से मुलाकात ने उनका जीवन बदल दिया। नारद मुनि ने रत्नाकर से पूछा, क्या तुम्हारा परिवार तुम्हारे पापों (sins ) का भागीदार बनेगा? नारद मुनि की बातों ने रत्नाकर को झकझोर दिया। रत्नाकर ने अपने पापों के लिए पश्चाताप किया और क्षमा याचना के लिए तपस्या में लीन हो गए। उनकी तपस्या इतनी गहरी थी कि उनके चारों ओर चींटियों ने अपना घर बना लिया और वह वाल्मीकि ( चींटी के घर से निकला हुआ ) कहलाने लगे। महर्षि वाल्मीकि की कहानी हमें बताती है कि सच्चे पश्चाताप और तपस्या से इंसान कितना भी बड़ा पापी क्यों न हो, वह मोक्ष प्राप्त कर सकता है।
वाल्मिकी जयंती कब है
क्या है महर्षि वाल्मिकी जयंती का महत्व
महर्षि वाल्मिकी को लेकर ये कहानी प्रचलित है
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari