बापू के निबंध ने दिलाई राहत : 12 साल जेल में बदली उम्रकैद की सजा

बॉम्बे हाई कोर्ट ने नाबालिग लड़की से रेप के आरोपी की उम्रकैद को घटाकर 12 साल कर दिया। इसकी वजह बना आरोपी का गांधी पर लिखा निबंध और सुधार की कोशिशें।

author-image
Sanjay Dhiman
New Update
Bapus essay brought relief 12 years in jail changed to life imprisonment

Photograph: (the sootr)

Mumbai. बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक गंभीर मामले में नाबालिग से रेप के आरोपी की सजा को कम कर दिया है। 2016 में हुए इस अपराध में आरोपी ने पांच साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया था। हालांकि, कोर्ट ने उसकी सजा को उम्रकैद से घटाकर 12 साल कर दिया। इस फैसले का कारण बना एक निबंध जो आरोपी ने जेल में महात्मा गांधी पर लिखा था।

कोर्ट का फैसला

बॉम्बे हाई कोर्ट की बेंच ने आरोपी की ओर से दी गई सजा को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला सुनाया। कोर्ट ने माना कि आरोपी की उम्र इस समय सिर्फ 20 साल थी और उसका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी ने सुधार के लिए कुछ प्रयास किए थे। खासकर उसने जेल में महात्मा गांधी पर निबंध लिखा था।

निबंध ने बदला फैसला

कोर्ट ने इस बात का भी जिक्र किया कि आरोपी ने अपनी शिक्षा में भी ध्यान दिया। जेल में निबंध प्रतियोगिता में भाग लेते हुए उसने महात्मा गांधी पर निबंध लिखा था। यह देखकर कोर्ट ने माना कि आरोपी का मानसिक रूप से सुधार होने की संभावना है, और उसे पुनः एक मौका दिया गया।

यह खबरें भी पढ़ें..

मार्कफेड गोदामों में 14 करोड़ का कचरा, 6 करोड़ का किराया, सरकारी लापरवाही या खुली लूट

ऑडिट से ठीक पहले रायपुर के आबकारी भवन में लगी आग, सरकार की सफाई, नहीं जले दस्तावेज

घटना की जानकारी

यह घटना 9 दिसंबर 2016 की है। उस दिन पांच साल की बच्ची पानी लेने के लिए पड़ोसी के घर गई थी, जहां आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। बच्ची ने तुरंत इस घटना को अपने परिवार को बताया, जिसके बाद परिवार ने आरोपी पकड़ा। फिर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई। बच्ची की गवाही पर कोर्ट ने विश्वास किया और उसे पूरी तरह सुसंगत पाया।

कोर्ट के विचार

कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी ने जेल में बिताए गए समय को उसकी कम सजा में शामिल किया जाएगा। साथ ही, कोर्ट ने यह भी कहा कि 12 साल की सजा से न्याय का उद्देश्य पूरा होगा।

यह फैसला निश्चित रूप से समाज में इस तरह के अपराधियों को सुधारने के एक नए तरीके का प्रतीक बन सकता है, जहां शैक्षिक गतिविधियां और सुधारात्मक उपायों को अहमियत दी जाती है।

यह खबरें भी पढ़ें..

"लहर-लहर तूफान मिले और संग-संग मझधार हमें", बजट भाषण में दिखा शायरना अंदाज

छत्तीसगढ़ में नई औद्योगिक नीति से रोजगार और निवेश को रफ्तार, उद्योगों के लिए खुले नए रास्ते

आपराधिक रिकॉर्ड महात्मा गांधी उम्रकैद नाबालिग से रेप बॉम्बे हाई कोर्ट
Advertisment