"लहर-लहर तूफान मिले और संग-संग मझधार हमें", बजट भाषण में दिखा शायरना अंदाज

राजस्थान विधानसभा में 2026—2027 के लिए पेश हुए बजट में शायरी को भी शामिल किया गया। वित्त मंत्री ने बजट में शायरी और कविता के माध्यम से सरकार की योजनाओं को सदन में रखा।

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Ashish Bhardwaj
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Photograph: (the sootr)

News In Short 

  • दीया कुमारी ने बजट पेश करते हुए कवि सोहनलाल द्विवेदी की पंक्तियां पढ़ी।
  • उन्होंने राजस्थान की सांस्कृतिक परंपरा दिखाते हुए लाल-सफेद फागुनिया साड़ी पहनी।
  • मंत्री ने कांग्रेस विधायकों से कहा, "आपको भी ताली बजानी चाहिए, ये राजस्थान को मिला है।
  • मानसिक स्वास्थ्य सुधार के लिए जिला मुख्यालयों पर मेंटल हेल्थकेयर सेल स्थापित करने की घोषणा की।
  • "तुम चलो तो सही, तुम चलो तो सही" से हुआ बजट का समापन।

News In Detail 

राजस्थान की वित्त मंत्री दीया कुमारी ने राजस्थान विधानसभा में बजट भाषण की शुरुआत कवि सोहनलाल द्विवेदी की पंक्तियों के साथ किया। उन्होंने कहा: “कश्ती चलाने वालों ने जब हार के दी पतवार हमें, लहर-लहर तूफान मिले और संग-संग मझधार हमें।” वित्त मंत्री ने इन पक्तियों के माध्यम से प्रदेश की कठिनाइयों को पार करने का संकल्प जताया। 

बजट की अटैची का नया रंग

इस बार बजट की अटैची का रंग भी अलग था। वित्त मंत्री लाल-सफेद रंग की 'फागुनिया' साड़ी पहनकर विधानसभा पहुंची थी जो राजस्थानी परंपरा और फागुन महीने की पहचान है। इससे पहले भी 19 फरवरी 2025 को उन्होंने इसी प्रकार की साड़ी पहनी थी। उनकी सांस्कृतिक और पारंपरिक जुड़ाव को दर्शाता है।

सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हंसी-ठिठोली

बजट पेश करने के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हंसी-ठिठोली का माहौल भी नजर आया। दीया कुमारी ने कांग्रेस विधायकों से कहा, “आपको भी ताली बजानी चाहिए, ये जो मिला है राजस्थान को मिला है, भारतीय जनता पार्टी को नहीं।” समर्पण भाव से सरकार का कार्यक्षेत्र बढ़ेगा

कवि सोहनलाल द्विवेदी की पंक्तियां

दीया कुमारी ने कवि सोहनलाल द्विवेदी की पंक्तियाँ पढ़ते हुए कहा:
“चलो नई मिसाल हो, जलो नई मिसाल हो, बढ़ो नया कमाल हो, झुको नहीं, रुको नहीं, बढ़े चलो, बढ़े चलो।”

उन्होंने इस कविता के माध्यम से सरकार के समर्पण भाव को दर्शाया और कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए हर कदम उठा रही है।

प्रजा के सुख में राजा का सुख

दीया कुमारी ने 'प्रजासुखे सुखं राज्ञः' का हवाला देते हुए कहा कि "राजा का सुख प्रजा के सुख में है और उसका हित प्रजा के हित में है।" इस सिद्धांत के तहत उनकी सरकार काम कर रही है।

मानसिक स्वास्थ्य का सुधार

बजट में एक नई योजना का ऐलान करते हुए दीया कुमारी ने कहा कि मानसिक रोगों  की शीघ्र पहचान और उपचार के लिए मेंटल हेल्थकेयर सेल जिला मुख्यालयों पर स्थापित किए जाएंगे। हालांकि, इस दौरान विधानसभा में कुछ ठहाके लगे, क्योंकि यह विषय थोड़ा अजीब सा था।

कांग्रेस विधायकों से हंसी-ठिठोली के बीच एक अहम संदेश

वित्त मंत्री ने अपने बयान में कहा, “आपको भी ताली बजानी चाहिए, ये जो मिला है राजस्थान को मिला है, भारतीय जनता पार्टी को नहीं मिला है।” उन्होंने गर्व से कहा कि राजस्थान ने जो हासिल किया है, वह सुधारों और नीतिगत निर्णयों की सफलता का परिणाम है।

बजट का समापन प्रेरक कविता के साथ

बजट का समापन करते हुए वित्त मंत्री ने एक और प्रेरक कविता पेश की:

“राह में मुश्किल होगी हजार, 
तुम दो कदम बढ़ाओ तो सही, 
हो जाएगा हर सपना साकार, 
तुम चलो तो सही, तुम चलो तो सही।”

उन्होंने कहा कि मुश्किलें तो आएंगी, लेकिन उन्हें पार करने के लिए सही दिशा और मेहनत की आवश्यकता है।

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