बच्चा गोद लेने वाली महिलाओं के लिए सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, मिलेगी इतने हफ्ते की मैटरनिटी लीव
Anjali Dwivedi | Mar 17, 2026, 14:45 IST
maternity-leave-for-adoptive-mothers
सुप्रीम कोर्ट ने मैटरनिटी लीव पर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा है कि बच्चा गोद लेने वाली सभी महिलाओं को भी मातृत्व अवकाश मिलना उनका अधिकार है।
News In Short
- गोद लिए गए बच्चे की मां को भी अब 12 हफ्ते की मैटरनिटी लीव मिलेगी।
- गोद लेने वाली और सरोगेसी से मां बनने वाली महिलाओं को मातृत्व लाभ मिलेगा।
- कोर्ट ने उम्र की शर्त को अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन मानकर रद्द किया है।
- केंद्र सरकार से पिता के लिए भी छुट्टी का कानून बनाने की सिफारिश की गई है।
- मातृत्व लाभ की गणना बच्चे के कानूनी रूप से मिलने की तारीख से की जाएगी।
News In Detail
जस्टिस पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने स्पष्ट किया कि बच्चे की देखभाल पर उम्र की पाबंदियां नहीं थोपी जा सकती हैं। अब गोद लेने वाली हर मां (बच्चे की उम्र चाहे जो भी हो) 12 हफ्ते की मैटरनिटी लीव की हकदार होगी।
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, बच्चे को गोद लेने वाली महिला को भी मैटरनिटी लीव का हक
➡ बच्चे को गोद लेने वाली महिला को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि गोद लेने वाली महिलाओं को भी मातृत्व अवकाश देने से इनकार नहीं किया जा सकता है। गोद… pic.twitter.com/fMiAL99efA
— TheSootr (@TheSootr) March 17, 2026
क्या था वो नियम जिसे कोर्ट ने नकारा?
जस्टिस पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने इस नियम को असंवैधानिक घोषित किया है। कोर्ट ने माना कि यह भेदभाव न केवल बेतुका है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) का सीधा उल्लंघन है।
अब बच्चे की उम्र नहीं, जिम्मेदारी होगी आधार
अब नियम यह होगा कि जिस तारीख से महिला को कानूनी रूप से बच्चा मिलेगा, उसी दिन से उसे 12 हफ्ते की मैटरनिटी लीव का अधिकार होगा। यह नियम सरोगेसी के जरिए मां बनने वाली महिलाओं पर भी समान रूप से लागू होगा।
जज ने इस पर क्या कहा
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सामाजिक सुरक्षा संहिता का मकसद सुरक्षा देना है, न कि मां और बच्चे के बीच उम्र के आधार पर दीवार खड़ी करना।
पिताओं के हक में भी सुप्रीम कोर्ट की पहल
कोर्ट का मानना है कि बच्चे की परवरिश सिर्फ मां की जिम्मेदारी नहीं है, इसलिए छुट्टी का समय ऐसा होना चाहिए जो माता और पिता दोनों की जरूरतों को पूरा कर सके।
ये खबरें भी पढ़ें...
क्यों Gen Z से ज्यादा खुश हैं Baby Boomers? मेंटल हेल्थ रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
क्यों हो जाता है Health Insurance Claim Rejected, रीजनेबल एंड कस्टमरी क्लॉज है बड़ी वजह
World Mental Health Day पर जानें डिजिटल दुनिया कैसे बन रहा हमारी हेल्थ का दुश्मन
अब हर अंडे पर लिखनी होगी एक्सपायरी डेट, योगी सरकार ने जारी किया आदेश
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari