minor mode infographic
मोबाइल की लत से बच्चों को बचाएगा माइनर मोड, जानें क्या है
thesootr Desk | Jul 20, 2026, 13:31 IST
minor mode for children phone addiction
आजकल बच्चों में फोन की लत तेजी से बढ़ रही है और यह बड़ी चिंता बनती जा रही है। इसी समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार 'माइनर मोड' लाने पर विचार कर रही है। इसके जरिए बच्चों के फोन और सोशल मीडिया इस्तेमाल पर माता-पिता ज्यादा आसानी से नजर और नियंत्रण रख सकेंगे।
इन दिनों सोशल मीडिया पर कई ऐसी रील्स वायरल हो रही हैं, जिनमें बच्चों की फोन की लत साफ दिखाई देती है। एक वायरल रील में 10 साल का बच्चा अपनी मां को सिर्फ इसलिए पीटता नजर आता है, क्योंकि उसने उसके हाथ से फोन ले लिया था। यह कोई अकेला मामला नहीं है। देशभर में आए दिन ऐसी घटनाएं सामने आती रहती हैं, जहां फोन की लत की वजह से बच्चे गुस्सा करने लगते हैं और कई बार उनका व्यवहार हिंसक भी हो जाता है।
बच्चों में बढ़ती इसी फोन की लत को देखते हुए केंद्र सरकार 'माइनर मोड' लाने पर विचार कर रही है। माना जा रहा है कि इससे बच्चों के फोन इस्तेमाल पर नियंत्रण रखा जा सकेगा और उनकी मोबाइल की लत कम करने में भी मदद मिलेगी।
इसके तहत स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर कुछ सीमाएं तय की जा सकती हैं। आगे चलकर देश में बिकने वाले सभी स्मार्टफोन में 'माइनर मोड' देना जरूरी भी किया जा सकता है।
इस मोड के जरिए मोबाइल कंपनियों और ऐप बनाने वाली कंपनियों को बच्चों की सुरक्षा से जुड़े खास फीचर जोड़ने पड़ सकते हैं। हालांकि, पढ़ाई और इमरजेंसी में संपर्क करने जैसी जरूरी सुविधाएं चालू रहेंगी।
माइनर मोड के जरिए माता-पिता बच्चों के फोन इस्तेमाल को नियंत्रित कर सकेंगे। वे तय कर सकेंगे कि उनका बच्चा कितनी देर फोन इस्तेमाल कर सकता है। इसके साथ ही फोन का स्क्रीन टाइम भी तय किया जा सकेगा।
माता-पिता सोशल मीडिया के ज्यादा इस्तेमाल को भी नियंत्रित कर सकेंगे। इसके अलावा बच्चों के लिए हानिकारक ऐप्स के इस्तेमाल पर रोक लगाई जा सकेगी।
![minor mode infographic]()
माइनर मोड फोन में मिलने वाला एक खास सेफ्टी फीचर है। इसका मकसद बच्चों के मोबाइल और सोशल मीडिया इस्तेमाल पर नियंत्रण रखना है। भारत सरकार भी इस तरह का फीचर लागू करने पर विचार कर रही है, ताकि बच्चों में बढ़ती फोन की लत को कम किया जा सके।
यदि यह मोड फोन में लागू होता है, तो इसमें कई तरह की पाबंदियां और फीचर्स देखने को मिल सकते हैं।
स्क्रीन टाइम पर लॉक:उम्र के हिसाब से बच्चों के लिए रोजाना screen time and kids फोन इस्तेमाल करने का समय तय किया जा सकेगा। उदाहरण के लिए, एक या दो घंटे की समय सीमा तय की जा सकती है। समय सीमा खत्म होने के बाद संबंधित ऐप्स बंद हो सकते हैं।
नाइट कर्फ्यू:रात के समय बच्चों के इंटरनेट और ऐप्स के इस्तेमाल पर रोक लगाई जा सकती है। इसके लिए रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक का समय तय किया जा सकता है।
कंटेंट फिल्टरिंग:screen time and kids उनकी उम्र के अनुकूल कंटेंट दिखाने की व्यवस्था हो सकती है। हानिकारक, एडल्ट या हिंसक कंटेंट को फिल्टर किया जा सकेगा।
ऐप डाउनलोड पर रोक:बच्चे माता-पिता की अनुमति के बिना नया ऐप या गेम डाउनलोड नहीं कर सकेंगे।
भारत सरकार अभी माइनर मोड लाने पर विचार कर रही है। हालांकि, अगर आप अपने बच्चों की फोन की लत को कम करना चाहते हैं, तो मौजूदा समय में भी कुछ टूल्स और फीचर्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।
Google Family Link:एंड्रॉइड फोन के लिए गूगल का यह पैरेंटल कंट्रोल टूल है। इसकी मदद से माता-पिता बच्चे के स्क्रीन टाइम और ऐप्स के इस्तेमाल को नियंत्रित कर सकते हैं।
Digital Wellbeing (Android):फोन की सेटिंग्स में मौजूद इस फीचर की मदद से किसी भी ऐप, जैसे यूट्यूब या गेम्स, के इस्तेमाल के लिए रोजाना की समय सीमा तय की जा सकती है।
Screen Time (iPhone/iOS):अगर बच्चा आईफोन इस्तेमाल करता है, तो सेटिंग्स में जाकर 'Screen Time' फीचर की मदद से ऐप्स, कंटेंट और डाउनलोड को नियंत्रित किया जा सकता है।
चॉकलेट-चिप्स बच्चों के लिए खतरा, एमपी में 35 लाख से ज्यादा बच्चे एनीमिया पीड़ित
ऐसे में स्कूल नहीं छोड़ेंगे तो क्या करेंगे बच्चे ! इतनी बुरी स्थिति में कैसे पढ़ेंगे, कैसे बढ़ेंगे ?
मोबाइल फोन की लत बच्चों को बना रही दिमागी रूप से कमजोर, जानिए कैसे देर होने से पहले बचाएं
अब बच्चे नहीं, घर और बाजार के फाइनेंशियल बॉस बन रहे हैं Gen Alpha Generation, जानें कैसे
बच्चों में बढ़ती इसी फोन की लत को देखते हुए केंद्र सरकार 'माइनर मोड' लाने पर विचार कर रही है। माना जा रहा है कि इससे बच्चों के फोन इस्तेमाल पर नियंत्रण रखा जा सकेगा और उनकी मोबाइल की लत कम करने में भी मदद मिलेगी।
केंद्र कर रही है विचार
इस मोड के जरिए मोबाइल कंपनियों और ऐप बनाने वाली कंपनियों को बच्चों की सुरक्षा से जुड़े खास फीचर जोड़ने पड़ सकते हैं। हालांकि, पढ़ाई और इमरजेंसी में संपर्क करने जैसी जरूरी सुविधाएं चालू रहेंगी।
माता-पिता कर सकेंगे नियंत्रित
माता-पिता सोशल मीडिया के ज्यादा इस्तेमाल को भी नियंत्रित कर सकेंगे। इसके अलावा बच्चों के लिए हानिकारक ऐप्स के इस्तेमाल पर रोक लगाई जा सकेगी।
क्या है माइनर मोड
माइनर मोड फोन में मिलने वाला एक खास सेफ्टी फीचर है। इसका मकसद बच्चों के मोबाइल और सोशल मीडिया इस्तेमाल पर नियंत्रण रखना है। भारत सरकार भी इस तरह का फीचर लागू करने पर विचार कर रही है, ताकि बच्चों में बढ़ती फोन की लत को कम किया जा सके।
माइनर मोड के मुख्य फीचर्स
स्क्रीन टाइम पर लॉक:उम्र के हिसाब से बच्चों के लिए रोजाना screen time and kids फोन इस्तेमाल करने का समय तय किया जा सकेगा। उदाहरण के लिए, एक या दो घंटे की समय सीमा तय की जा सकती है। समय सीमा खत्म होने के बाद संबंधित ऐप्स बंद हो सकते हैं।
नाइट कर्फ्यू:रात के समय बच्चों के इंटरनेट और ऐप्स के इस्तेमाल पर रोक लगाई जा सकती है। इसके लिए रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक का समय तय किया जा सकता है।
कंटेंट फिल्टरिंग:screen time and kids उनकी उम्र के अनुकूल कंटेंट दिखाने की व्यवस्था हो सकती है। हानिकारक, एडल्ट या हिंसक कंटेंट को फिल्टर किया जा सकेगा।
ऐप डाउनलोड पर रोक:बच्चे माता-पिता की अनुमति के बिना नया ऐप या गेम डाउनलोड नहीं कर सकेंगे।
इन ऐप्स में मौजूद हैं ऐसे फीचर्स
Google Family Link:एंड्रॉइड फोन के लिए गूगल का यह पैरेंटल कंट्रोल टूल है। इसकी मदद से माता-पिता बच्चे के स्क्रीन टाइम और ऐप्स के इस्तेमाल को नियंत्रित कर सकते हैं।
Digital Wellbeing (Android):फोन की सेटिंग्स में मौजूद इस फीचर की मदद से किसी भी ऐप, जैसे यूट्यूब या गेम्स, के इस्तेमाल के लिए रोजाना की समय सीमा तय की जा सकती है।
Screen Time (iPhone/iOS):अगर बच्चा आईफोन इस्तेमाल करता है, तो सेटिंग्स में जाकर 'Screen Time' फीचर की मदद से ऐप्स, कंटेंट और डाउनलोड को नियंत्रित किया जा सकता है।
ये भी पढ़ें...
ऐसे में स्कूल नहीं छोड़ेंगे तो क्या करेंगे बच्चे ! इतनी बुरी स्थिति में कैसे पढ़ेंगे, कैसे बढ़ेंगे ?
मोबाइल फोन की लत बच्चों को बना रही दिमागी रूप से कमजोर, जानिए कैसे देर होने से पहले बचाएं
अब बच्चे नहीं, घर और बाजार के फाइनेंशियल बॉस बन रहे हैं Gen Alpha Generation, जानें कैसे
वेतन, बोनस और भुगतान के नियम बदले: अब हर कर्मचारी को मिलेगी वेतन पर्ची; शादी के बाद नॉमिनी भी बदलना होगा
By VINAY VERMA
गैर-RAS अफसरों के IAS चयन पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार को 15 दिन में फैसला लेने के निर्देश
By Mukesh Sharma
महादेव सट्टा किंग सौरभ चंद्राकर को 2 दिन की ट्रांजिट रिमांड, 4 नवंबर तक रायपुर की CBI कोर्ट में करना होगा पेश
By VINAY VERMA
ड्यूटी पर निकले, मौत मिली! MP में अफसरों का हत्यारा माफिया! कितने मामलों में हुई सजा?
By Atul Dwivedi
2027 तक के लिए प्रशासनिक आदेश: जनगणना के बीच अफसर-कर्मचारियों के ट्रांसफर पर GAD ने लगाई रोक, बदल पाएंगे तैनाती
By VINAY VERMA
बिना कोचिंग के पहले ही प्रयास में पाई AIR 138, IAS रविंद्र कुमार मेघवाल की कहानी
By Jageshwar Prasad
छत्तीसगढ़ जीएसटी विभाग में 42 कर्मचारियों की पदोन्नति पर हाईकोर्ट की मुहर, निरीक्षक पद से लौटना होगा लिपिक की जिम्मेदारी पर
By Umeshwari Baghel