मोदी ने कैलाश धाम के दर्शन किए, यहां जाने वाले पहले प्रधानमंत्री, सेना के जवानों से की मुलाकात
Pratibha Rana | Oct 12, 2023, 24:00 IST
मोदी ने कैलाश धाम के दर्शन किए, यहां जाने वाले पहले प्रधानमंत्री, सेना के जवानों से की मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार सुबह उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में कैलाश व्यू पॉइंट से आदि कैलाश के दर्शन किए। यह जोलिंगकोंग इलाके में है, जहां से कैलाश पर्वत साफ नजर आता है।
Pithoragarh. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार सुबह (12 अक्टूबर) उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में कैलाश व्यू पॉइंट से आदि कैलाश के दर्शन किए। यह जोलिंगकोंग इलाके में है, जहां से कैलाश पर्वत साफ नजर आता है। इसके लिए अब चीन के कब्जे वाले तिब्बत जाने की जरूरत नहीं होगी। इसके साथ ही मोदी ने पार्वती कुंड में पूजा-अर्चना की। यहां से 20 किलोमीटर दूर चीन की सीमा शुरू हो जाती है। नरेंद्र मोदी देश के पहले पीएम हैं, जिन्होंने उत्तराखंड से लगी भारत-चीन सीमा पर आदि कैलाश पर्वत का दर्शन किया। इसके बाद पीएम मोदी ने गुंजी गांव में लोगों से मिलने के बाद भारतीय सेना, आईटीबीपी और बीआरओ कर्मियों से बातचीत की। इस मुलाकात की तस्वीर खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साझा की।
सुबह 11:00 बजे : 14000 फीट ऊपर बसे गुंजी गांव पहुंचे मोदी
कैलाश दर्शन के बाद मोदी उत्तराखंड में धारचूला से 70 किमी दूर और 14000 फीट ऊपर बसे गुंजी गांव पहुंचे। यहां उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात की। यह गांव अगले दो साल में बड़े धर्म नगर शिव धाम के रूप में विकसित हो जाएगा। कैलाश व्यू प्वाइंट, ओम पर्वत और आदि कैलाश के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का धारचूला के बाद यही सबसे बड़ा और अहम पड़ाव होगा। यहां बड़े यात्री निवास, होटल बनेंगे। भारतीय टेलीकॉम कंपनियों का नेटवर्क भी मिलेगा। गांव में होम स्टे बढ़ाए जाएंगे।
2:30 बजे पिथौरागढ़ में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे
प्रधानमंत्री दोपहर करीब 12 बजे जागेश्वर, जिला अल्मोड़ा गए और उन्होंने जागेश्वर धाम में दर्शन किए। करीब 6200 फीट की ऊंचाई पर स्थित जागेश्वर धाम में 224 पत्थर के मंदिर हैं। 2:30 बजे पीएम पिथौरागढ़ में ग्रामीण विकास, सड़क, बिजली, सिंचाई, पेयजल, बागवानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों से जुड़ी करीब 4200 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।
कैलाश दर्शन अब भारत से हो सकेंगे
भगवान शिव का घर माने जाने वाले कैलाश पर्वत के दर्शन अब भारत से ही हो सकेंगे। इसके लिए अब चीन के कब्जे वाले तिब्बत जाने की जरूरत नहीं होगी। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले की 18 हजार फीट ऊंची लिपुलेख पहाड़ियों से कैलाश पर्वत साफ दिखाई देता है। यहां से पर्वत की हवाई दूरी 50 किलोमीटर है।
सुबह 11:00 बजे : 14000 फीट ऊपर बसे गुंजी गांव पहुंचे मोदी
कैलाश दर्शन के बाद मोदी उत्तराखंड में धारचूला से 70 किमी दूर और 14000 फीट ऊपर बसे गुंजी गांव पहुंचे। यहां उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात की। यह गांव अगले दो साल में बड़े धर्म नगर शिव धाम के रूप में विकसित हो जाएगा। कैलाश व्यू प्वाइंट, ओम पर्वत और आदि कैलाश के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं का धारचूला के बाद यही सबसे बड़ा और अहम पड़ाव होगा। यहां बड़े यात्री निवास, होटल बनेंगे। भारतीय टेलीकॉम कंपनियों का नेटवर्क भी मिलेगा। गांव में होम स्टे बढ़ाए जाएंगे।
2:30 बजे पिथौरागढ़ में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे
प्रधानमंत्री दोपहर करीब 12 बजे जागेश्वर, जिला अल्मोड़ा गए और उन्होंने जागेश्वर धाम में दर्शन किए। करीब 6200 फीट की ऊंचाई पर स्थित जागेश्वर धाम में 224 पत्थर के मंदिर हैं। 2:30 बजे पीएम पिथौरागढ़ में ग्रामीण विकास, सड़क, बिजली, सिंचाई, पेयजल, बागवानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों से जुड़ी करीब 4200 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।
कैलाश दर्शन अब भारत से हो सकेंगे
भगवान शिव का घर माने जाने वाले कैलाश पर्वत के दर्शन अब भारत से ही हो सकेंगे। इसके लिए अब चीन के कब्जे वाले तिब्बत जाने की जरूरत नहीं होगी। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले की 18 हजार फीट ऊंची लिपुलेख पहाड़ियों से कैलाश पर्वत साफ दिखाई देता है। यहां से पर्वत की हवाई दूरी 50 किलोमीटर है।
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