अगर आप भी दान करते हैं, तो फॉर्म 10BE लेना न भूलें... मिलेगी टैक्स में छूट
Aparajita Priyadarshini | May 28, 2024, 09:52 IST
DFDAFA
अगर आपने ऐसे किसी ट्रस्ट या संस्था को दान दिया है, जो आयकर अधिनियम की धारा 80जी के तहत कर छूट का लाभ दिलाते हैं तो आपको उनसे फॉर्म 10बीई जरूर ले लेना चाहिए।फॉर्म 10BE में किए गए डोनेशन से जुड़ी सभी डिटेल्स मौजूद होती हैं।
क्या आप भी ट्रस्ट या संस्था को दान देते रहते हैं, तो यह खबर आपके बहुत काम की है। इस बार आपको दान ( MONEY DONATION) देने के बाद उनसे फॉर्म 10बीई जरूर ले लेना चाहिए। अगर दान देने से पहले इस फॉर्म को फिल नहीं किया तो एक पैसे की छूट नहीं मिलेगी। क्या है फॉर्म10BE आइए समझते हैं...
यदि आपने धारा 80G के तहत टैक्स छूट के लिए योग्य पात्र ट्रस्टों और संस्थानों को दान दिया है, तो आपको उनसे फॉर्म 10BE प्राप्त करना होगा। पहले दानकर्ताओं को केवल प्राप्तकर्ता संगठन से प्रमाण के रूप में रसीद प्रदान करने की आवश्यकता होती थी। 2022-23 से, दानकर्ता को फॉर्म 10BE प्रदान करना होगा। दान प्राप्त करने वाली संस्था को फॉर्म 10बीडी के जरिये दानकर्ता का विवरण भी देना होगा।
फॉर्म 10BE की सबसे अहम बातों में से एक है कि इसमें किए गए डोनेशन से जुड़ी सभी डिटेल्स मौजूद होती हैं। इसमें डोनी (जिसे डोनेशन मिला) की डिटेल्स होती है, साथ ही डोनर और डोनेशन की पूरी जानकारी होती है। डोनी की डिटेल्स में परमानेंट अकाउंट नंबर (PAN), संस्थान का नाम, पता और यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर शामिल होता है। इसके साथ डोनर का पैन नंबर, नाम और पता, डोनेशन की राशि के साथ-साथ जिस वित्त वर्ष में यह डोनेशन माना जाएगा, उसकी जानकारी होगी।
फॉर्म 10BE पर एक ARN की डिटेल भी होगी, यह एक यूनिक नंबर है, जो सर्टिफिकेट के जारी होने पर जेनरेट होता है। ये बेहद अहम जरूरी चीज है, जिसे डोनर को डोनेशन का क्रेडिट मिलने के लिए टैक्स रिटर्न में डालना जरूरी होता है।
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यह विवरण है, जिसमें किसी संस्था को मिले दान का पूरा ब्योरा दिया जाता है। इस फॉर्म में दान देने वाले, दान के प्रकार (नकद या अन्य) तथा दान दी गई राशि का पूरा ब्योरा इलेक्ट्रॉनिक रूप में होता है। संस्था को जिस वित्त वर्ष में दान मिला है, उसके अगले वित्त वर्ष की 31 मई तक उस संस्था को डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट या इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड का इस्तेमाल कर वह फॉर्म ऑनलाइन दाखिल करना होता है।
किसी वित्त वर्ष के दौरान अगर दान में कुछ भी नहीं मिला है तो फॉर्म 10बीडी दाखिल करने की जरूरत नहीं होती। फॉर्म 10बीडी के जरिये सरकार और आयकर विभाग दान के दावों की सच्चाई जांच पाते हैं।
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फॉर्म 10बीई में दी गई जानकारी को अनुसूची 80जी ( SECTION 80G) में बताई गई जगहों पर ठीक से भरें। इसमें संस्था का नाम, पंजीयन क्रमांक और दान दी गई राशि भरनी होती है। इसके अलावा अपने रिकॉर्ड और दस्तावेज के लिए दान रसीदों की प्रतियां संभालकर रख लें। साथ ही आपने जिस साल में दान के बदले कर छूट का दावा किया है, उसके बाद कम से कम चार साल के बैंक स्टेटमेंट भी आपके पास होने चाहिए।
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इस फॉर्म की जरूरत क्यों पड़ी ?
यदि आपने धारा 80G के तहत टैक्स छूट के लिए योग्य पात्र ट्रस्टों और संस्थानों को दान दिया है, तो आपको उनसे फॉर्म 10BE प्राप्त करना होगा। पहले दानकर्ताओं को केवल प्राप्तकर्ता संगठन से प्रमाण के रूप में रसीद प्रदान करने की आवश्यकता होती थी। 2022-23 से, दानकर्ता को फॉर्म 10BE प्रदान करना होगा। दान प्राप्त करने वाली संस्था को फॉर्म 10बीडी के जरिये दानकर्ता का विवरण भी देना होगा।
फॉर्म 10BE क्या है
फॉर्म 10BE की सबसे अहम बातों में से एक है कि इसमें किए गए डोनेशन से जुड़ी सभी डिटेल्स मौजूद होती हैं। इसमें डोनी (जिसे डोनेशन मिला) की डिटेल्स होती है, साथ ही डोनर और डोनेशन की पूरी जानकारी होती है। डोनी की डिटेल्स में परमानेंट अकाउंट नंबर (PAN), संस्थान का नाम, पता और यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर शामिल होता है। इसके साथ डोनर का पैन नंबर, नाम और पता, डोनेशन की राशि के साथ-साथ जिस वित्त वर्ष में यह डोनेशन माना जाएगा, उसकी जानकारी होगी।
फॉर्म 10BE पर एक ARN की डिटेल भी होगी, यह एक यूनिक नंबर है, जो सर्टिफिकेट के जारी होने पर जेनरेट होता है। ये बेहद अहम जरूरी चीज है, जिसे डोनर को डोनेशन का क्रेडिट मिलने के लिए टैक्स रिटर्न में डालना जरूरी होता है।
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क्या है फॉर्म 10BD?
यह विवरण है, जिसमें किसी संस्था को मिले दान का पूरा ब्योरा दिया जाता है। इस फॉर्म में दान देने वाले, दान के प्रकार (नकद या अन्य) तथा दान दी गई राशि का पूरा ब्योरा इलेक्ट्रॉनिक रूप में होता है। संस्था को जिस वित्त वर्ष में दान मिला है, उसके अगले वित्त वर्ष की 31 मई तक उस संस्था को डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट या इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड का इस्तेमाल कर वह फॉर्म ऑनलाइन दाखिल करना होता है।
किसी वित्त वर्ष के दौरान अगर दान में कुछ भी नहीं मिला है तो फॉर्म 10बीडी दाखिल करने की जरूरत नहीं होती। फॉर्म 10बीडी के जरिये सरकार और आयकर विभाग दान के दावों की सच्चाई जांच पाते हैं।
ये भी देखें...
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किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है?
फॉर्म 10बीई में दी गई जानकारी को अनुसूची 80जी ( SECTION 80G) में बताई गई जगहों पर ठीक से भरें। इसमें संस्था का नाम, पंजीयन क्रमांक और दान दी गई राशि भरनी होती है। इसके अलावा अपने रिकॉर्ड और दस्तावेज के लिए दान रसीदों की प्रतियां संभालकर रख लें। साथ ही आपने जिस साल में दान के बदले कर छूट का दावा किया है, उसके बाद कम से कम चार साल के बैंक स्टेटमेंट भी आपके पास होने चाहिए।
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