संसद में सवाल के बदले पैसा मामला; TMC सांसद महुआ मोइत्रा को लोकसभा की आचार समिति ने 31 अक्टूबर को पेश होने को कहा

Jitendra Shrivastava | Oct 26, 2023, 24:00 IST
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संसद में सवाल के बदले पैसा मामला; TMC सांसद महुआ मोइत्रा को लोकसभा की आचार समिति ने 31 अक्टूबर को पेश होने को कहा
संसद में सवाल के बदले पैसा मामला; TMC सांसद महुआ मोइत्रा को लोकसभा की आचार समिति ने 31 अक्टूबर को पेश होने को कहा

लोकसभा की आचार समिति ने सांसद महुआ मोइत्रा को उनके खिलाफ कैश-फॉर-क्वेरी के आरोपों के सिलसिले में 31 अक्टूबर को पेश होने के लिए कहा है।

मिलिंद बायवार, BHOPAL. लोकसभा की आचार समिति ने पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर से तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा को उनके खिलाफ कैश-फॉर-क्वेरी के आरोपों के सिलसिले में 31 अक्टूबर को पेश होने के लिए कहा है। इस मामले में गुरुवार 26 अक्टूबर को लोकसभा की आचार समिति ने पहली सुनवाई की। सुनवाई के दौरान पैनल के प्रमुख और बीजेपी सांसद विनोद कुमार सोनकर ने कहा कि वे तृणमूल सांसद पर लगे आरोपों की जांच के लिए गृह और आईटी मंत्रालय से मदद मांगेंगे।

महुआ मोइत्रा पर किसने-क्या आरोप लगाए

देखा जाए तो महुआ मोइत्रा देश की राजनीति का खूबसूरत और जुझारू चेहरा है, लेकिन झारखंड के गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लिखे पत्र में कहा है कि महुआ मोइत्रा ने हाल ही में सदन में 61 में से 50 सवाल कारोबारी दर्शन हीरानंदानी और उनकी कंपनी के हितों की रक्षा के मकसद से पूछे थे। मोइत्रा के कई सवाल अदाणी ग्रुप को लेकर भी थे। दुबे का दावा है कि हीरानंदानी समूह अदाणी के खिलाफ व्यापारिक बोलियां लगा रहा था। मोइत्रा को संसद में पूछे इन सवालों के बदले में हीरानंदानी ग्रुप से पैसे और गिफ्ट मिले हैं।

नैतिकता का दिखावा...लेकिन आपराधिक साजिश

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा स्पीकर को की गई शिकायत में यह भी कहा है कि महुआ मोइत्रा ने लोकसभा में सवाल पूछने के बदले एक कारोबारी से धन जुटाने और दूसरे कारोबारी समूह को निशाना बनाने की कुत्सित कोशिश की है। निशिकांत दुबे ने अपनी शिकायत में यहां तक लिखा कि महुआ मोइत्रा नैतिकता का दिखावा करती हैं, लेकिन वे आपराधिक साजिश में शामिल हैं।

दर्शन हीरानंदानी कौन हैं?

महुआ मोइत्रा पर लगे आरोप के मामले में कारोबारी दर्शन हीरानंदानी का नाम बार-बार आ रहा है। अब सवाल है कि आखिर दर्शन हीरानंदानी कौन हैं। दरअसल दर्शन हीरानंदानी रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े हीरानंदानी समूह के सीईओ हैं। वे इस समूह के संस्थापक निरंजन हीरानंदानी के बेटे हैं। यह समूह कई राज्यों में कंस्ट्रक्शन, वाणिज्यिक प्रॉपर्टी के लेनदेन, आईटी पार्क डेवलपमेंट और टाउनशिप बनाने के प्रोजेक्ट्स में शामिल है। कारोबारी हीरानंदानी की लिंक्डइन प्रोफाइल बताती है कि उन्होंने न्यूयॉर्क के रोशेस्टर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से बीएस और एमबीए किया है। दर्शन को इस बात का श्रेय जाता है कि उन्होंने हीरानंदानी समूह के रियल एस्टेट बिजनेस को इंटरनेशनल लेवल पर पहुंचाया है। साथ ही अन्य क्षेत्रों जैसे डेटा सेंटर्स की स्थापना, क्लाउड कंप्यूटिंग, उर्जा क्षेत्र, औद्योगिक वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में कदम रखने की पहल दर्शन हीरानंदानी ने की है। कंपनी के कदम आगे बढ़ाने के लिए जाना जाता है।

मामले में यह तकनीकी पहलू भी

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने 15 अक्टूबर को केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव और आईटी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर के नाम भी एक पत्र लिखा। यह पत्र महुआ मोइत्रा पर तकनीकी पहलुओं को लेकर भी आरोप लगाए। दुबे ने इस पत्र में लिखा है कि महुआ ने दर्शन हीरानंदानी को अपनी लोकसभा वेबसाइट का लॉगिन और आईडी पासवर्ड दे दिया। इसका इस्तेमाल हीरानंदानी ग्रुप अपने फायदे के लिए करने लगा। दुबे ने इसे देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बताया है। उन्होंने महुआ मोइत्रा की लॉगिन आईडी की जांच करने की मांग की है।

हीरानंदानी के कथित हलफनामा और मामले में नया मोड़

महुआ मोइत्रा पर लगे आरोपों में नया मोड़ तब आया जब 19 अक्टूबर को कारोबारी दर्शन हीरानंदानी ने एक कथित हलफनामा लोकसभा की एथिक्स कमेटी को लिखा। हीरानंदानी ने आरोप लगाया कि महुआ मोइत्रा देश की सियासत में बहुत जल्द नाम बनाना चाहती थीं। इसलिए उनके दोस्तों और सलाह देने वालों ने उन्हें पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधने की सलाह दी। यही वजह है कि महुआ लगातार कारोबारी गौतम अडानी पर भी सवाल उठाती हैं। इस काम में महुआ मोइत्रा को सुचेता दलाल, शार्दुल श्रॉफ और पल्लवी श्रॉफ जैसे लोग मदद कर रहे थे। दावा यह भी किया जाता है कि महुआ ने इस काम में विदेशी पत्रकारों की भी मदद ली।

यह है महुआ का जवाब

निशिकांत दुबे के आरोपों पर महुआ मोइत्रा ने ट्विटर लिखा था- फर्जी डिग्री वालों के साथ बीजेपी के अन्य सांसदों के खिलाफ भी बहुत सारे ब्रीच ऑफ प्रिविलिज के मोशन संसद में पेंडिंग हैं। मेरे खिलाफ किसी भी मोशन का स्वागत है, अगर स्पीकर उनकी जांचों को पूरा कर लें और इस बात का भी इंतजार है कि ईडी और दूसरी एजेंसियां मेरे दरवाजे पर आने के पहले अडानी कोयला घोटाले में एफआईआर दर्ज करेंगी।

अच्छी नौकरी छोड़ सियासत में आईं महुआ

महुआ मोइत्रा कोलकाता में जन्मी हैं। उन्होंने कोलकाता में हायर एजुकेशन पूरा किया और आगे की पढ़ाई के लिए वे अमेरिका चली गई। अमेरिका में पढ़ाई पूरी करने के बाद वे लंदन की प्रतिष्ठित बैंकिंग कंपनी में नौकरी करने लगी। वे जल्द ही इस बैंकिंग कंपनी की वाइस प्रसिडेंट भी बन गईं। तभी महुआ ने नौकरी को छोड़ बंगाल की सियासत से जुड़ने का फैसला किया। वे बंगाल लौटी और 2016 में करीमपुर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीतीं। 2019 में महुआ टीएमसी के टिकट पर चुनाव लड़कर लोकसभा पहुंची। उन्होंने बीजेपी के कल्याण चौबे को 63 हजार मतों से हराया था।

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