मॉनसून 2026 : केरल में 25 मई तक पहुंचने के संकेत, जानें पूरा अपडेट

Pawan Modiya | May 12, 2026, 17:46 IST
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मॉनसून 2026 इस बार तय समय से पहले केरल पहुंच सकता है। IMD के अनुसार 25 से 27 मई के बीच केरल तट पर दस्तक संभव है। बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर बना है। उत्तर, दक्षिण और पूर्वी भारत के कई राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मॉनसून 2026 इस बार 25 से 27 मई के बीच केरल पहुंच सकता है।
  • आमतौर पर मॉनसून केरल में 1 जून को आता है।
  • बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया बन गया है।
  • IMD (India Meteorological Department) ने कई राज्यों में बारिश का अलर्ट दिया है।
  • उत्तर भारत में आंधी और दक्षिण में भारी बारिश का अनुमान है।

मॉनसून 2026 की जल्दी एंट्री

इस साल देश को भीषण गर्मी से जल्दी राहत मिल सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मॉनसून 2026 तय वक्त से काफी पहले दस्तक दे सकता है। आमतौर पर दक्षिण-पश्चिम मॉनसून हर साल 1 जून तक केरल के तट पर पहुंचता है। लेकिन इस बार यह 25 से 27 मई के बीच ही केरल में आ सकता है।

IMD ने बताया है कि दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में मॉनसून के लिए हालात बहुत अनुकूल बन रहे हैं। इस हफ्ते के आखिर तक दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में मॉनसून की एंट्री हो सकती है। मौसम विशेषज्ञ इसे एक सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।

बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर

बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में एक कम दबाव का क्षेत्र यानी लो प्रेशर एरिया बन गया है। यह सिस्टम श्रीलंका के उत्तरी तट के पास से उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है। आने वाले कुछ घंटों में यह और मजबूत होने की संभावना है। इसी के चलते देश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय हो गया है और बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान (पूर्वानुमान) है।

इस सिस्टम के असर से अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और पूर्वी भारत के बड़े हिस्से में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। मॉनसून भी इसी सिस्टम की मदद से उत्तर दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।

उत्तर भारत में आंधी-बारिश का अलर्ट

उत्तर भारत में भी मौसम बदल रहा है। यूपी, बिहार, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली समेत पांच राज्यों में आज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार और उत्तराखंड के सभी जिलों में बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश के 38 जिलों में भी बारिश का अनुमान है।

एक पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी हवाओं में चक्रवाती रूप में बना हुआ है। इसके असर से 12 से 15 मई के बीच दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। गरज-चमक के साथ हवाओं की रफ्तार 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका है। पूर्वी राजस्थान में धूल भरी आंधी भी चल सकती है।

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में आंधी-तूफान और बारिश से पहले ही जनजीवन प्रभावित है। IMD ने अगले दो दिन के लिए हिमाचल में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में भी बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है। कुछ जगहों पर ओलावृष्टि से फलों और सब्जियों की फसलों को नुकसान होने की आशंका है।

दक्षिण और पूर्वोत्तर में भारी बारिश

दक्षिण भारत में मॉनसून से पहले की बारिश जोर पकड़ रही है। केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 14 से 17 मई के बीच भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं।

पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। असम, मेघालय और मणिपुर सहित कई पूर्वोत्तर राज्यों में अच्छी बारिश की उम्मीद है। ओडिशा में बंगाल की खाड़ी में बने इस सिस्टम का असर साफ दिखेगा। राज्य के कई हिस्सों में अगले 6 दिनों तक बारिश का अनुमान है। ओडिशा के 20 जिलों में बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अगले कुछ दिन बारिश और तेज हवाओं का दौर रहेगा। बिहार में ओलावृष्टि हो सकती है। सिक्किम और उत्तर बंगाल के पर्वतीय इलाकों में 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी है।

कहां है गर्मी का कहर

एक तरफ जहां कई राज्यों में बारिश से राहत मिल रही है, वहीं राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में गर्मी का प्रकोप अभी भी जारी है। पश्चिम राजस्थान और गुजरात में 12 से 17 मई के बीच लू चलने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में तापमान ऊंचा बना रह सकता है।

मौसम विभाग की सलाह है कि खराब मौसम में खुले में निकलने से बचें। आंधी और बारिश के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर पहाड़ी इलाकों में।

IMD का क्या कहना है

IMD के मुताबिक देश के अलग-अलग हिस्सों में अगले कुछ दिन बारिश, आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि का मिला-जुला मौसम रहेगा। मॉनसून की समय से पहले आने की संभावना ने किसानों और आम लोगों में उम्मीद जगाई है। खासकर उन इलाकों में जहां इस साल अब तक भीषण गर्मी और लू का कहर जारी है।

महाराष्ट्र के सांगली में आंधी-बारिश से दीवार गिरी, 6 मौतें

महाराष्ट्र के सांगली में तेज आंधी और बारिश के दौरान एक मंदिर की दीवार गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई। 14 लोग घायल हुए हैं। मौसम विभाग ने मानसून के 4-6 दिन पहले आने का अनुमान जताया है। राजस्थान के बाड़मेर में पारा 47.3°C तक पहुंचा, हीटवेव जारी है। यूपी-बिहार समेत 5 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। बिहार और उत्तराखंड के सभी जिलों में बारिश हो सकती है।

यह खबर क्यों जरूरी है

मॉनसून भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। देश की करीब 60 फीसदी खेती अभी भी बारिश पर निर्भर है। मॉनसून का जल्दी आना किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है क्योंकि बुवाई का समय तय होता है। इसके अलावा भीषण गर्मी और लू से जनजीवन पर पड़ रहे असर को देखते हुए यह खबर हर वर्ग के पाठक के लिए अहम है। पानी की किल्लत, बिजली की मांग और स्वास्थ्य से जुड़े सवाल सब मॉनसून से जुड़े हैं। IMD की भविष्यवाणियां और मौसम अलर्ट का सीधा संबंध आम नागरिक की सुरक्षा और तैयारी से है। यह खबर किसी एक राज्य नहीं बल्कि पूरे देश को प्रभावित करती है। भारत के संविधान में नागरिकों को जीने का अधिकार है और मौसम की सटीक जानकारी उस अधिकार को सुरक्षित रखने में मदद करती है।

3 जरूरी FAQ

मॉनसून 2026 केरल में कब पहुंचेगा?

जवाब: IMD के अनुसार मॉनसून 2026 इस बार 25 से 27 मई के बीच केरल के तट पर पहुंच सकता है। आमतौर पर मॉनसून हर साल 1 जून को केरल में दस्तक देता है। इस बार बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में हालात अनुकूल बनने से मॉनसून तय समय से करीब पांच से छह दिन पहले आने की संभावना है।

बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया का मतलब क्या है और इसका देश पर क्या असर होगा?

जवाब: लो प्रेशर एरिया (Low Pressure Area) यानी कम दबाव का क्षेत्र एक मौसमी सिस्टम है जिसमें हवाएं बाहर से अंदर की ओर खिंचती हैं और बादल और बारिश बनती है। बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम में बने इस सिस्टम के कारण ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। यह सिस्टम मॉनसून को भी उत्तर की ओर तेजी से आगे बढ़ाता है।

अगले कुछ दिनों में किन राज्यों में सबसे ज्यादा बारिश होगी?

जवाब: IMD के अनुसार 12 से 17 मई के बीच केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में भारी बारिश होगी। ओडिशा के 20 जिलों में येलो अलर्ट है। बिहार, उत्तर प्रदेश के 38 जिले, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और असम-मेघालय सहित पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश और आंधी की संभावना है। वहीं राजस्थान और गुजरात में लू का खतरा बना रहेगा।

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