महुआ मोइत्रा के केस के बाद नियम में बदलाव, लोकसभा पोर्टल पर सांसद के पीए नहीं कर सकेंगे लॉगिन
Chandresh Sharma | Nov 23, 2023, 24:00 IST
महुआ मोइत्रा के केस के बाद नियम में बदलाव, लोकसभा पोर्टल पर सांसद के पीए नहीं कर सकेंगे लॉगिन
लोकसभा पोर्टल के संचालन के लिए नया नियम आया है। जिसके तहत अब संसद पोर्टल के लॉगइन और पासवर्ड संसद सदस्यों तक ही सीमित कर दिए जाएंगे। मतलब सांसदों के पीए या सचिव अब इसमें लॉगइन नहीं कर पाएंगे।
NEW DELHI. टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के कैश फॉर क्वेश्चन मामले के चर्चा में आने के बाद लोकसभा पोर्टल के संचालन के लिए नया नियम आया है। जिसके तहत अब संसद पोर्टल के लॉगइन और पासवर्ड संसद सदस्यों तक ही सीमित कर दिए जाएंगे। मतलब सांसदों के पीए या सचिव अब इसमें लॉगइन नहीं कर पाएंगे। सूत्र बताते हैं कि सांसद अपने पीएम और सचिव के साथ बैठकर उनसे लॉगइन करवा सकते हैं लेकिन उन्हें लॉगइन पासवर्ड और ओटीपी शेयर करने की इजाजत नहीं होगी।
शीतकालीन सत्र से पहले किया बदलाव
दरअसल तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा पर यह आरोप लगा था कि उन्होंने पैसे और उपहार लेकर सदन में सवाल पूछे थे। उन पर यह भी आरोप था कि लोकसभा के संसद पोर्टल पर लॉगइन पासवर्ड उन्होंने एक दोस्त के साथ साझा किए, जो पोर्टल पर उनकी ओर से सवाल अपलोड करते थे। एथिक्स कमेटी ने महुआ को इसके लिए दोषी भी पाया था। जिसके बाद यह अहम बदलाव शीतकालीन सत्र से पहले किया गया है।
सांसदों के लिए मुश्किल हो जाएगा काम
जानकारी के मुताबिक इस संबंध में अभी नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। लेकिन जल्द ही अधिसूचना जारी होने की संभावना है। जिसके तहत सांसद अपने पीए या सचिव के साथ ऑफिशियल मेल और संसद पोर्टल का लॉगइन-पासवर्ड शेयर नहीं कर पाएंगे। सांसदों को अपने संसदीय मामलों को खुद हैंडल करना होगा। हालांकि समय के अभाव को देखते हुए यह सांसदों के लिए काफी मुश्किल काम साबित हो सकता है। सूत्र कह रहे हैं कि सांसद इतना कर पाएंगे कि वे अपनी पीए और सचिव के साथ बैठकर यह काम पूरा कराएं।
शीतकालीन सत्र से पहले किया बदलाव
दरअसल तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा पर यह आरोप लगा था कि उन्होंने पैसे और उपहार लेकर सदन में सवाल पूछे थे। उन पर यह भी आरोप था कि लोकसभा के संसद पोर्टल पर लॉगइन पासवर्ड उन्होंने एक दोस्त के साथ साझा किए, जो पोर्टल पर उनकी ओर से सवाल अपलोड करते थे। एथिक्स कमेटी ने महुआ को इसके लिए दोषी भी पाया था। जिसके बाद यह अहम बदलाव शीतकालीन सत्र से पहले किया गया है।
सांसदों के लिए मुश्किल हो जाएगा काम
जानकारी के मुताबिक इस संबंध में अभी नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। लेकिन जल्द ही अधिसूचना जारी होने की संभावना है। जिसके तहत सांसद अपने पीए या सचिव के साथ ऑफिशियल मेल और संसद पोर्टल का लॉगइन-पासवर्ड शेयर नहीं कर पाएंगे। सांसदों को अपने संसदीय मामलों को खुद हैंडल करना होगा। हालांकि समय के अभाव को देखते हुए यह सांसदों के लिए काफी मुश्किल काम साबित हो सकता है। सूत्र कह रहे हैं कि सांसद इतना कर पाएंगे कि वे अपनी पीए और सचिव के साथ बैठकर यह काम पूरा कराएं।
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