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News In Short
- नारायण मूर्ति ने AI से डरने के बजाय इसे समझने और सीखने की सलाह दी।
- AI इंसानी दिमाग से बेहतर नहीं हो सकता, सोचने और क्रिएटिविटी की क्षमता केवल इंसान में है।
- स्मार्ट लोग AI का उपयोग करके बेहतर नतीजे और उच्च गुणवत्ता का काम कर सकते हैं।
- युवाओं को AI को एक असिस्टेंट की तरह इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।
- जिन्होंने AI को सही तरीके से सीखा, वही भविष्य में आगे बढ़ेंगे।
News In Detail
आजकल दुनिया भर में AI और रोजगार को लेकर युवाओं के बीच डर और कन्फ्यूजन बढ़ता जा रहा है। कई लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि क्या आने वाले समय में मशीनें इंसानों की जगह ले लेंगी? इस बीच, इन्फोसिस के को-फाउंडर नारायण मूर्ति ने युवाओं को एक बड़ा और साफ मैसेज दिया है। उन्होंने कहा कि एआई से डरने की कोई जरूरत नहीं है, बल्कि इसे समझने और सीखने की जरूरत है।
इंसानी दिमाग से बेहतर कुछ नहीं
नारायण मूर्ति ने दिल्ली यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि कोई भी तकनीक इंसानी दिमाग से बेहतर नहीं हो सकती। उन्होंने बताया कि AI एक खतरा नहीं बल्कि एक अवसर है। युवाओं को इसे अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करना चाहिए, न कि इससे डरना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि AI कभी भी इंसान की जगह नहीं ले सकता क्योंकि क्रिएटिविटी और सोचने की क्षमता सिर्फ इंसानों में ही है।
AI को अपना हथियार बनाएं, दुश्मन नहीं
नारायण मूर्ति ने देश के युवाओं से अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आज के समय में सबसे जरूरी स्किल है सीखते रहना और नई चीजें अपनाना। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी उन लोगों को ज्यादा फायदा देती है, जो तेजी से सीखते हैं और बेहतर सोचते हैं।
उन्होंने खुद के उदाहरण का जिक्र करते हुए कहा कि जब उन्होंने जनरेटिव AI का इस्तेमाल किया, तो उन्हें यह समझ में आया कि स्मार्ट लोग एआई का उपयोग करके कहीं बेहतर नतीजे और उच्च गुणवत्ता का काम कर सकते हैं और अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ा सकते हैं। इसलिए, युवाओं को AI से डरने के बजाय उसे चलाने में माहिर होना चाहिए।
युवाओं के लिए दिया ये खास टिप्स
इन्फोसिस कंपनी के को-फाउंडर नारायण मूर्ति ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी संपत्ति बताया। उन्होंने कहा कि अनुशासन, कड़ी मेहनत और कुछ नया सीखने की जिद ही सफलता की कुंजी है। उनके अनुसार, अगर हम AI को एक असिस्टेंट की तरह इस्तेमाल करें और अपनी स्किल्स को अपडेट करते रहें, तो करियर में कोई रुकावट नहीं आएगी। उनका मानना है कि जो लोग AI को सही तरीके से सीखेंगे, वही आगे बढ़ेंगे। उन्होंने युवाओं को घबराने की बजाय खुद को तैयार करने की जरूरत पर जोर दिया।
AI से डरने की नहीं, इसे सीखने की जरूरत है
नारायण मूर्ति का मानना है कि AI से डरने के बजाय इसे सीखना ही भविष्य की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वही लोग सफल होंगे जो नई तकनीक के साथ खुद को लगातार अपडेट करते रहेंगे।
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