नोएडा में हनीट्रैप गैंग का पर्दाफाश
नोएडा में फर्जी फ्रेंडशिप क्लब गैंग का भंडाफोड़, दोस्ती के बहाने बुलाकर करते थे लूट
Anjali Dwivedi | Jul 05, 2026, 17:12 IST
नोएडा में हनीट्रैप गैंग का पर्दाफाश
नोएडा की सेक्टर-24 पुलिस ने फर्जी ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब चलाकर लूट करने वाले गैंग का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर एक नाबालिग को पकड़ा और लूटी गई फॉर्च्यूनर बरामद की।
नोएडा के सेक्टर-24 पुलिस ने एक बड़े गैंग का खुलासा किया है। यह गैंग फर्जी ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब चलाता था। लोगों से दोस्ती कर उन्हें सुनसान जगह बुलाया जाता था। वहां मारपीट कर पूरी लूट कर ली जाती थी। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया, एक नाबालिग संरक्षण में है।
यह मामला शनिवार चार जुलाई को सामने आया। पुलिस ने सेक्टर-54 के पार्क के पास दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा। इनके पास से लूटी गई फॉर्च्यूनर कार भी बरामद हुई।
गैंग सोशल मीडिया के जरिए लोगों के मोबाइल नंबर जुटाता था। इसके बाद महिला सदस्य उनसे दोस्ती शुरू करती थीं। बातचीत बढ़ने पर व्यक्ति को मिलने के लिए बुलाया जाता था। यह मुलाकात हमेशा दिल्ली-एनसीआर के किसी सुनसान इलाके में तय होती थी। भरोसा जीतने के बाद पीड़ित बेझिझक मिलने पहुंच जाता था। यहीं से गैंग की असली योजना शुरू होती थी।
गैंग पूरी तैयारी के साथ वारदात करता था। एक कार में महिला सदस्य और उसका साथी बैठता था। दूसरी कार कुछ दूरी पर निगरानी के लिए तैनात रहती थी। महिला पहले पीड़ित से सामान्य बातचीत करती थी।
जैसे ही पीड़ित सुनसान जगह पहुंचता, दूसरी कार के सदस्य वहां आ जाते थे। चाकू दिखाकर मारपीट शुरू कर दी जाती थी। इसके बाद नकदी, मोबाइल और कीमती सामान लूट लिया जाता था।
गैंग सिर्फ नकदी और सामान तक सीमित नहीं रहता था। पीड़ित का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर उसका लॉक खुलवाया जाता था। इसके बाद बैंक खाते से सीधे रुपए ट्रांसफर कर लिए जाते थे। पहचान पत्र और पर्स भी साथ ले जाया जाता था, ताकि पीड़ित तुरंत शिकायत न कर सके।
![नोएडा में हनीट्रैप गैंग का पर्दाफाश]()
30 जून की रात यह गैंग सेक्टर-54 के पेट्रोल पंप के पास सक्रिय हुआ। पीड़ित के साथ जमकर मारपीट की गई। इसके बाद मोबाइल का लॉक खुलवाकर 1.80 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए गए। गैंग पीड़ित की फॉर्च्यूनर कार, पर्स और अन्य सामान लेकर फरार हो गया था। लूट के बाद गैंग के दोनों वाहन अलग-अलग रास्तों से निकल जाते थे। इससे पुलिस को उनकी लोकेशन ट्रैक करने में दिक्कत होती थी।
नोएडा जोन की एडिशनल डीसीपी मनीषा सिंह ने गिरफ्तारी की पुष्टि की। पकड़े गए आरोपियों में फिरोजाबाद निवासी ओमवीर यादव और मंजेश यादव शामिल हैं। इनके साथ प्रियंका यादव, औरैया निवासी निधि यादव और मैनपुरी निवासी काजल उर्फ रिया यादव भी गिरफ्तार हुई हैं। एक नाबालिग को भी संरक्षण में लिया गया है।
नोएडा में ऑनलाइन दोस्ती के नाम पर लूट के मामले नए नहीं हैं। 22 जून को सेक्टर-39 थाना पुलिस ने डेटिंग ऐप से जुड़े एक गैंग को पकड़ा था। इससे पहले फरवरी 2025 में एक्सप्रेसवे इलाके में महिला मित्र बनाकर लूट की घटना दर्ज हुई थी। सितंबर 2024 में सेक्टर-126 थाने ने भी ऐसे ही एक गैंग पर कार्रवाई की थी।
सोशल मीडिया पर अनजान फ्रेंडशिप क्लब से जुड़ने से बचना चाहिए। पहली मुलाकात कभी भी सुनसान जगह पर तय नहीं करनी चाहिए। किसी को भी मोबाइल लॉक, यूपीआई पिन या बैंक जानकारी नहीं देनी चाहिए। शक होने पर तुरंत पुलिस हेल्पलाइन 112 पर सूचना देनी चाहिए। परिवार को बताए बिना किसी अनजान व्यक्ति से मिलने जाना खतरनाक हो सकता है।
नोएडा पुलिस अभी भी गैंग के कुछ फरार सदस्यों की तलाश कर रही है। बरामद वाहनों और अन्य सामान की जांच चल रही है। पुलिस का मानना है कि यह गैंग पहले भी ऐसी कई वारदातें कर चुका है। पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए जांच जारी है।
ये खबरें भी पढ़ें...
शादियों के सीजन में ई-कार्ड से ऑनलाइन ठगी, आप भी हो जाएं सावधान
एमपी में हनीट्रैप गैंग की आरोपी महिला निकली HIV संक्रमित, पीड़ितों की जान को भी खतरा
इंदौर हनीट्रैप में छत्तीसगढ़ DIG का नाम आने से पुलिस महकमे में हड़कंप
हाईवे पर भाजपा नेता के साथ हनीट्रैप, बंधक बनाकर लूटा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहित 7 गिरफ्तार
बिजनेसमैन से हनीट्रैप के जरिए 90 लाख की ठगी, एआई और डीपफेक से ब्लैकमेलिंग
यह मामला शनिवार चार जुलाई को सामने आया। पुलिस ने सेक्टर-54 के पार्क के पास दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा। इनके पास से लूटी गई फॉर्च्यूनर कार भी बरामद हुई।
कैसे फंसाते थे शिकार
वारदात को कैसे देते थे अंजाम
जैसे ही पीड़ित सुनसान जगह पहुंचता, दूसरी कार के सदस्य वहां आ जाते थे। चाकू दिखाकर मारपीट शुरू कर दी जाती थी। इसके बाद नकदी, मोबाइल और कीमती सामान लूट लिया जाता था।
गैंग सिर्फ नकदी और सामान तक सीमित नहीं रहता था। पीड़ित का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर उसका लॉक खुलवाया जाता था। इसके बाद बैंक खाते से सीधे रुपए ट्रांसफर कर लिए जाते थे। पहचान पत्र और पर्स भी साथ ले जाया जाता था, ताकि पीड़ित तुरंत शिकायत न कर सके।
फॉर्च्यूनर लूट का ताजा मामला
किन लोगों को पकड़ा गया
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
ऐसे बचें ऑनलाइन फ्रेंडशिप क्लब के जाल से
आगे की जांच जारी
ये खबरें भी पढ़ें...
शादियों के सीजन में ई-कार्ड से ऑनलाइन ठगी, आप भी हो जाएं सावधान
एमपी में हनीट्रैप गैंग की आरोपी महिला निकली HIV संक्रमित, पीड़ितों की जान को भी खतरा
इंदौर हनीट्रैप में छत्तीसगढ़ DIG का नाम आने से पुलिस महकमे में हड़कंप
हाईवे पर भाजपा नेता के साथ हनीट्रैप, बंधक बनाकर लूटा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहित 7 गिरफ्तार
बिजनेसमैन से हनीट्रैप के जरिए 90 लाख की ठगी, एआई और डीपफेक से ब्लैकमेलिंग
कांग्रेस समाज में फूट डालकर सत्ता की लूट करना चाहती है, सुधांशु बोले, भूपेश बघेल को पंजाब से भगाकर गुवाहाटी में पटका
By Arun Tiwari
मंत्रालय से बाहर फिर हो सकती है मोहन कैबिनेट की बैठक, गांधी सागर में 17 नवंबर की तारीख प्रस्तावित
By Amresh Kushwaha
अफसरों की गलती से मध्यप्रदेश के युवाओं की नौकरी पर संकट! कहीं मान्य, कहीं अमान्य जाति प्रमाणपत्र, आखिर जिम्मेदार कौन?
By Atul Dwivedi
शिखर अग्रवाल मामले में गहलोत की CBI-ED जांच की मांग, CM भजनलाल से पूछा- चुप क्यों हैं?
By Mukesh Sharma
बीजेपी विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन, हैदराबाद में चल रहा था इलाज, लंबे समय से थे बीमार
By Harrison Masih
प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में EWS आरक्षण पर HC सख्त, केंद्र से MP सरकार तक पर लटकी अवमानना की तलवार
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ के वन कर्मचारियों के लिए खरीदी जा रही 29 हजार की लाठी, बाजार से दोगुनी कीमत पर उठे सवाल
By Arun Tiwari