पीएम मोदी ने कर दिया 3 करोड़ घरों का ऐलान, आप भी ऐसे ले सकते हैं पीएम आवास योजना का लाभ

पीएम आवास योजना भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही एक शानदार स्कीम है। इस स्कीम के अंतर्गत भारत सरकार देश में गरीब लोगों को घर बनाने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है।

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Aparajita Priyadarshini
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क्या आप भी पीएम आवास योजना का लाभ लेना चाहते हैं,तो ये खबर आपके लिए है। शपथ ग्रहण के बाद पहली कैबिनेट बैठक में मोदी सरकार ने पीएम आवास योजना से जुड़ा बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 3 करोड़ अतिरिक्त घरों को मंजूरी दी है। घरों का निर्माण शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में किया जाएगा।

इसके अलावा इन घरों में एलपीजी, टॉयलेट, नल और बिजली का कनेक्शन भी मिलेगा। लेकिन इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपको कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना होगा। आइये जानते हैं इस योजना के बारे में विस्तार से।

 

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इस स्कीम का लाभ कौन ले सकते हैं...

अगर आप भी पीएम आवास योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो आपको कुछ बातों के बारे में जरूर जान लेना चाहिए। इस स्कीम का लाभ वही लोग ले सकते हैं, जिनके पास पहले से कोई पक्का मकान नहीं है।

इस स्कीम का लाभ उन लोगों को नहीं मिलता है, जिनके परिवार में कोई सदस्य सरकारी नौकरी कर रहा है। इस स्कीम का लाभ EWS और LIG कैटेगरी में शामिल लोग ही ले सकते हैं। 

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अगर आप EWS कैटेगरी से आते हैं इस स्थिति में स्कीम का लाभ लेने के लिए आपकी सालाना आय 3 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। अगर आप पीएम आवास योजना का लाभ लेने जा रहे हैं, तो आपको पात्रता से जुड़ी इन शर्तों के बारे में जरूर पता होना चाहिए।

पीएम आवास योजना का लाभ लेने के लिए आप स्कीम में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन कर सकते हैं। ऑफलाइन आवेदन करने के लिए आपको नजदीकी जनसेवा केंद्र पर जाना होगा। वहां एजेंट आपकी पात्रता की जांच करके स्कीम में आपका आवेदन कर देगा। 

क्या पीएमएवाई योजना ग्रामीण क्षेत्रों पर लागू है?

हां, इस योजना का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग उठा सकते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण के तहत इसका लाभ उठाया जा सकता है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) 

इस योजना का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्र में आवासहीन या कच्चे घरों में रहने वाले परिवारों को बुनियादी सुविधाओं के साथ पक्के घर उपलब्ध कराना है।

इस योजना के तहत कुल व्यय का बँटवारा मैदानी राज्यों में केंद्र तथा राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में किया जाता है।

जबकि पहाड़ी तथा पूर्वोत्तर के राज्यों में व्यय का अनुपात केंद्र एवं राज्य सरकार के बीच 90:10 का है।

प्रधान मंत्री आवास योजना ग्रामीण को 2016 से पहले इंदिरा आवास योजना के नाम से जाना जाता था।

इंदिरा आवास योजना की शुरुआत 1996 में की गयी थी।

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पात्रता 

इस योजना के तहत लाभार्थियों का चयन 2011 की सामाजिक आर्थिक जनगणना के आँकड़ों के माध्यम से किया जाता है।

ग्राम सभा एवं जिओ टैगिंग के द्वारा लाभार्थियों का सत्यापन भी किया जाता है।

इसके लाभार्थी अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति से संबंधित लोग, मुक्त बंधुआ मज़दूर, विधवा महिलाएँ, रक्षाकर्मियों के परिजन, पूर्व सैनिक तथा अर्द्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त सदस्य, विकलांग व्यक्ति तथा अल्पसंख्यक वर्ग के व्यक्ति हैं।

इसके अंतर्गत केंद्रीय सहायता से निर्मित घर, परिवार की महिला मुखिया अथवा घर के पुरुष मुखिया व उसकी पत्नी के संयुक्त नाम पर होना चाहिए। इस प्रकार, यह योजना महिला सशक्तीकरण को बढावा देने में सहयोगी भी है।

लाभार्थी की अधिकतम आयु सीमा 70 वर्ष है।

लाभार्थी के परिवार में पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे शामिल होने चाहिए।

लाभार्थी के पास भारत के किसी भी राज्य में स्वयं या परिवार के किसी सदस्य के नाम पर कोई पक्का मकान नहीं होना चाहिए।

यदि लाभार्थी एलआईजी (निम्न आय समूह) से है तो उसकी वार्षिक आय 3 लाख से 6 लाख के बीच होनी चाहिए।

मकान के स्वामित्व में परिवार की एक वयस्क महिला सदस्य की सदस्यता अनिवार्य है।

प्रमुख विशेषताएं

इस योजना के तहत आवास के न्यूनतम इकाई क्षेत्रफल को 20 वर्गमीटर से बढ़ा कर 25 वर्गमीटर कर दिया गया है।

इस योजना के तहत लाभार्थियों को मैदानी राज्यों में 1.20 लाख रुपए तथा पहाड़ी राज्यों में 1.30 लाख रूपए प्रदान किये जाते है।

पात्र लाभार्थियों को घर उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित करने के अलावा, पीएमएवाई- जी अन्य सरकारी योजनाओं के माध्यम से भी घरों की बुनियादी जरूरतों को भी पूरा करता है। 

शौचालय के निर्माण के लिए इस योजना को स्वच्छ भारत मिशन से जोड़ा गया है। 

पीएमएवाई-जी के लाभार्थी को विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों के तहत पाइप से पेयजल, बिजली कनेक्शन, एलपीजी गैस कनेक्शन आदि भी प्रदान किया जाता है।

इस योजना के तहत मिलने वाली राशि और सब्सिडी राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में आएगी, जो कि आधार कार्ड से लिंक होगा जिससे कि उसे इसका पूर्ण लाभ प्राप्त हो सके। pm modi 3.0 first cabinet meeting | pradhan mantri awas yojana 2024 | pradhan mantri awas yojana online application

योजना के लाभार्थी मनरेगा के तहत 90-95 श्रम दिन का अकुशल रोजगार प्राप्त करने के भी पात्र होते हैं।

योजना के अंतर्गत, इच्छुधक लाभार्थी को 70,000 रु. तक की संस्थागत वित्तीय सहायता दी जाएगी जिसकी निगरानी एसएलबीसी, डीएलबीसी और डीएलबीसी के माध्यम से की जाएगी।

यह योजना स्थानीय सामग्रियों और घरों के स्थानीय विशिष्टता आधारित डिजाइन का उपयोग करके निर्माण की अनुमति प्रदान करती है।

वह परिवार जो सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना-2011 के तहत निर्दिष्ट मानकों के अनुसार पी.एम.ए.वाई.- जी. के तहत सहायता पाने के पात्र हैं किंतु पात्र लाभार्थियों की सूची में उनके नाम शामिल नहीं हैं, उन पात्र परिवारों की एक अतिरिक्त सूची बनाने के लिये मोबाइल ऐप्लिकेशन ‘आवास+’ का उपयोग करके राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से ग्रामीण विकास मंत्रालय ने एक अभियान भी चलाया था।

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 

प्रधान मंत्री आवास योजना (PMAY) आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MOHUA) द्वारा कार्यान्वित है।

यह शहरी गरीबों के लिये समान मासिक किस्तों (EMI) के पुनर्भुगतान के दौरान गृह ऋण की ब्याज दर पर सब्सिडी प्रदान करके गृह ऋण को किफायती बनाता है। 

पीएमएवाई - शहरी क्या है?

प्रधानमंत्री आवास योजना या PMAY-शहरी की शुरुआत 2015 में व्यापक 'सभी के लिए आवास' (HFA) पहल के हिस्से के रूप में की गई थी। इसके ढांचे के भीतर, PMAY-शहरी कार्यक्रम एक लाभकारी क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना (CLSS) तत्व प्रदान करता है।

यह पहलू उन व्यक्तियों को सक्षम बनाता है जो होम लोन सुरक्षित करना चुनते हैं, ब्याज सब्सिडी से लाभ उठाने के लिए, 2.67 लाख रुपये की सीमा के साथ। यह वित्तीय सहायता उन पात्र लाभार्थियों को दी जाती है जो PMAY-शहरी योजना के हिस्से के रूप में घर खरीदने, निर्माण करने या फिर से हासिल करने के लिए आवास ऋण चाहते हैं।

पीएमएवाई (यू) के लाभार्थी कौन हैं?

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी (पीएमएवाई-यू) के लाभार्थी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), निम्न आय वर्ग (एलआईजी) और मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) के व्यक्ति और परिवार हैं, जिनके पास पक्का (स्थायी) घर नहीं है और वे घर खरीदने या बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त करना चाहते हैं।

इस योजना का उद्देश्य भारत के शहरी क्षेत्रों में किफायती आवास विकल्प प्रदान करना और बेघरों की संख्या को कम करना है।

पीएम आवास योजना के फायदे

  • कच्चे या अस्थायी मकान में रहने वाले लोगों को पीएमएवाई योजना पक्के मकान दिलाने में मदद करता है।
  • अगर किसी व्यक्ति के पास जमीन है तो वह मकान बनाने के लिए इस योजना के जरिए वित्तीय सहायता भी ले सकता है।
  • इस योजना के तहत सरकार होम लोन पर सब्सिडी प्रदान करती है. सब्सिडी की राशि घर के आकार और इनकम के लेवल पर निर्भर करती है।
  • इस योजना के तहत बैंकों को कम ब्याज दर पर होम लोन प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
  • पीएमएवाई योजना के तहत होम लोन के लिए अधिकतम रीपेमेंट पीरियड 20 साल है।

पीएमएवाई योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

पीएमएवाई योजना के लिए आवेदन करने के लिए आप नीचे दिए गए चरण का पालन कर सकते हैं

पीएमएवाई के होमपेज  pmaymis.gov.in पर जाएं।

आवश्यकतानुसार प्रासंगिक विकल्प का चयन करें

आधार नंबर और नाम दर्ज करें

आपको आवेदन पृष्ठ पर पुनः निर्देशित किया जाएगा। आवेदन भरें और सेव करें।

बाद में, आप मुख्य वेबसाइट पर आवेदन की स्थिति की जांच कर सकते हैं।

पीएमएवाई योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • पहचान पत्र
  • पता प्रमाण
  • आय प्रमाण
  • संपत्ति दस्तावेज

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