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Photograph: (the sootr)
NEWS IN SHORT
- सेवा तीर्थ का उद्घाटन: PM मोदी ने दिल्ली में नए PMO 'सेवा तीर्थ' कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया।
- नागरिक देवो भव: नई बिल्डिंग पर 'नागरिक देवो भव' का मंत्र सेवा भाव को दर्शाता है।
- ऐतिहासिक शिफ्ट: 78 साल बाद साउथ ब्लॉक से हटकर अब यहां से सरकार चलेगी।
- अहम फाइलों पर साइन: PM ने पद संभालते ही किसानों और महिलाओं के लिए बड़े फैसले लिए।
- आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: ₹1189 करोड़ की लागत से बना यह परिसर सेंट्रल विस्टा का हिस्सा है।
NEWS IN DETAIL
New Delhi. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी, शुक्रवार को दिल्ली में ‘सेवा तीर्थ’ ऑफिस कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। इस परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सचिवालय (NSCS), और कैबिनेट सचिवालय को स्थानांतरित किया जाएगा। यह बदलाव सरकारी कार्यों को और अधिक समन्वित और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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पीएमओ कार्यालय का नया पता सेवा तीर्थ
‘सेवा तीर्थ’ अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का नया ठिकाना बनेगा। यह ऑफिस अब साउथ ब्लॉक से शिफ्ट होकर ‘सेवा तीर्थ’ में स्थित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर 'सेवा तीर्थ' की पट्टिका का अनावरण किया। इसमें लिखा था, ‘नागरिकदेवो भव’ (नागरिक भगवान के समान हैं), जो सरकार की सेवा भावना को दर्शाता है।
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फाइलों पर हुए दस्तखत: युवाओं और महिलाओं के लिए सौगात
प्रधानमंत्री मोदी ने नए ऑफिस की कुर्सी संभालते ही काम शुरू कर दिया है। उन्होंने सबसे पहले उन फाइलों पर साइन किए, जो सीधे तौर पर आम जनता से जुड़ी हैं। 'सेवा तीर्थ' से जारी हुए पहले कुछ फैसले वाकई में गेम-चेंजर साबित होने वाले हैं।
लखपति दीदी योजना: इस योजना का लक्ष्य 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ कर दिया गया है।
एक्सीडेंट रिलीफ: दुर्घटना पीड़ितों को अब 1.5 लाख रुपए तक का कैशलेस इलाज तुरंत मिल सकेगा।
किसानों के लिए फंड: कृषि अवसंरचना कोष को 1 लाख करोड़ से बढ़ाकर 2 लाख करोड़ कर दिया गया।
स्टार्टअप इंडिया 2.0: युवाओं के लिए 10 हजार करोड़ रुपए के नए फंड को मंजूरी दी गई है।
प्रधानमंत्री का यह कदम साफ संदेश देता है कि नया ऑफिस सिर्फ एक बिल्डिंग नहीं, बल्कि 'विकसित भारत' के संकल्प की नई शुरुआत है।
कैसा है सेवा तीर्थ? तीन इमारतों का आधुनिक संगम
यह नया कॉम्प्लेक्स करीब 5 एकड़ में फैला हुआ है और इसे बनाने में ₹1189 करोड़ की लागत आई है। इसे तीन मुख्य हिस्सों में बांटा गया है:
सेवा तीर्थ-1: यहां प्रधानमंत्री का मुख्य कार्यालय (PMO) स्थित है।
सेवा तीर्थ-2: यहां कैबिनेट सचिवालय का कामकाज देखा जाएगा।
सेवा तीर्थ-3: यहां राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और NSCS की टीम बैठेगी।
दिलचस्प बात यह है कि आज ही के दिन यानी 13 फरवरी 1931 को नई दिल्ली का राष्ट्रीय राजधानी के तौर पर उद्घाटन हुआ था। ठीक उसी तारीख को मोदी सरकार ने नए भारत का नया प्रशासनिक केंद्र देश को समर्पित किया है। इसके साथ ही कर्तव्य भवन-1 और 2 का भी उद्घाटन हुआ है, जहां वित्त, रक्षा और शिक्षा जैसे बड़े मंत्रालय शिफ्ट होंगे।
सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का हिस्सा
‘सेवा तीर्थ’ और कर्तव्य भवन का निर्माण सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत किया गया है। यह परियोजना देश के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाने का उद्देश्य रखती है। इसमें नए संसद भवन, कर्तव्य पथ और अन्य महत्वपूर्ण भवनों का निर्माण शामिल है।
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‘सेवा तीर्थ’ की लागत और निर्माण
‘सेवा तीर्थ’ की कुल लागत एक हजार 189 करोड़ रुपए है। यह 2.26 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में बना है और इसे एलएंडटी कंपनी ने निर्माण किया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी का नया आवास भी बन रहा है, जिसमें वे जल्द ही शिफ्ट हो सकते हैं।
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