PMKVY घोटाला: CAG रिपोर्ट के बाद NSDC ने 20 कर्मचारियों को थमाया नोटिस
Sanjay Dhiman | Jun 23, 2026, 19:04 IST
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NSDC ने PMKVY में CAG द्वारा उजागर अनियमितताओं पर 20 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए। फर्जी खाते, नकली उपस्थिति और बाजार से बेमेल ट्रेनिंग जैसे आरोप शामिल हैं।
सरकार की प्रमुख कौशल प्रशिक्षण योजना PMKVY में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी CAG ने इन अनियमितताओं को अपनी रिपोर्ट में दर्ज किया था। अब NSDC ने इस मामले में 20 मौजूदा और पूर्व कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस भेजा है।
फर्जी बैंक खाते, नकली आधार उपस्थिति और 34 लाख उम्मीदवारों के लिए ट्रेनिंग पार्टनरों को भुगतान न होना जैसी गंभीर बातें सामने आई हैं। अगर वित्तीय गड़बड़ी या आपराधिक दोष सिद्ध हुआ तो मामले जांच एजेंसियों को सौंपे जा सकते हैं।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना यानी PMKVY (Pradhan Mantri Kaushal Vikas Yojana) 2015 में शुरू हुई थी। इसे NSDC यानी राष्ट्रीय कौशल विकास निगम लागू करता है। यह संस्था कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के अधीन काम करती है।
2015 से अब तक इस योजना के तहत 1.64 करोड़ से ज्यादा युवाओं को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। CAG ने 2015 से 2022 के बीच तीन चरणों की ऑडिट की। इसमें 14,450 करोड़ रुपए का खर्च और 1.32 करोड़ उम्मीदवारों को ट्रेन करने का लक्ष्य था। फिलहाल PMKVY 4.0 चल रहा है।
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दिसंबर 2025 में संसद में पेश हुई 94 पन्नों की CAG रिपोर्ट ने PMKVY की बड़ी खामियां उजागर कीं। इसमें फर्जी बैंक खाता नंबरों का मामला था। उम्मीदवारों की पहचान संबंधी जानकारी कॉपी करने की बात थी।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि 34 लाख उम्मीदवारों के लिए ट्रेनिंग पार्टनरों को भुगतान ही नहीं हुआ। केंद्र और राज्य विभागों के बीच तालमेल को "प्रभावी नहीं" बताया गया। NSDC के निगरानी तंत्र को "अविश्वसनीय" कहा गया।
NSDC ने इस महीने की शुरुआत में 20 मौजूदा और पूर्व कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस भेजे। हर नोटिस में कई आरोप हैं।
पहला आरोप है कि नौकरी के लिए जो ट्रेनिंग दी गई वह बाजार की जरूरत से मेल नहीं खाती थी। दूसरा यह कि मान्यता और जरूरी दस्तावेजों की जांच नहीं हुई। तीसरा आरोप है कि आधार-आधारित उपस्थिति सुनिश्चित नहीं की गई।
नोटिस में साफ लिखा है कि 15 दिनों में जवाब न देने पर माना जाएगा कि आरोप स्वीकार कर लिए गए। वित्तीय कदाचार या आपराधिक दोष सिद्ध होने पर मामले जांच एजेंसियों को सौंपे जा सकते हैं।
NSDC के सीईओ अरुणकुमार पिल्लई ने कहा कि संस्था ने CAG की टिप्पणियों पर ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि उचित सुधारात्मक और जवाबदेही संबंधी कदम उठाए जा रहे हैं। जब तक मामला प्रक्रियाधीन है, वे व्यक्तिगत मामलों पर टिप्पणी नहीं करेंगे।
वहीं कुछ नोटिस पाने वाले कर्मचारियों ने आरोपों से इनकार किया है। एक पूर्व कर्मचारी ने कहा कि वे 2016 में ही NSDC छोड़ चुके थे, तब PMKVY 2.0 के दिशा-निर्देश बने भी नहीं थे। दूसरे ने इसे "उत्पीड़न" बताया।
यह पहली बड़ी कार्रवाई नहीं है। NSDC ने मई 2025 में अपने पूर्व सीईओ वेद मणि तिवारी को पद से हटा दिया था। इसके बाद अगस्त 2025 में कौशल विकास मंत्रालय ने गबन का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
यह सब मिलकर बता रहा है कि संस्था में अंदरूनी जांच की प्रक्रिया जारी है। आने वाले हफ्तों में यह मामला और बड़ा हो सकता है।
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फर्जी बैंक खाते, नकली आधार उपस्थिति और 34 लाख उम्मीदवारों के लिए ट्रेनिंग पार्टनरों को भुगतान न होना जैसी गंभीर बातें सामने आई हैं। अगर वित्तीय गड़बड़ी या आपराधिक दोष सिद्ध हुआ तो मामले जांच एजेंसियों को सौंपे जा सकते हैं।
PMKVY क्या है और कितनी बड़ी है यह योजना
2015 से अब तक इस योजना के तहत 1.64 करोड़ से ज्यादा युवाओं को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। CAG ने 2015 से 2022 के बीच तीन चरणों की ऑडिट की। इसमें 14,450 करोड़ रुपए का खर्च और 1.32 करोड़ उम्मीदवारों को ट्रेन करने का लक्ष्य था। फिलहाल PMKVY 4.0 चल रहा है।
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CAG report में क्या मिला
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि 34 लाख उम्मीदवारों के लिए ट्रेनिंग पार्टनरों को भुगतान ही नहीं हुआ। केंद्र और राज्य विभागों के बीच तालमेल को "प्रभावी नहीं" बताया गया। NSDC के निगरानी तंत्र को "अविश्वसनीय" कहा गया।
20 कर्मचारियों को नोटिस, क्या हैं आरोप
पहला आरोप है कि नौकरी के लिए जो ट्रेनिंग दी गई वह बाजार की जरूरत से मेल नहीं खाती थी। दूसरा यह कि मान्यता और जरूरी दस्तावेजों की जांच नहीं हुई। तीसरा आरोप है कि आधार-आधारित उपस्थिति सुनिश्चित नहीं की गई।
नोटिस में साफ लिखा है कि 15 दिनों में जवाब न देने पर माना जाएगा कि आरोप स्वीकार कर लिए गए। वित्तीय कदाचार या आपराधिक दोष सिद्ध होने पर मामले जांच एजेंसियों को सौंपे जा सकते हैं।
NSDC की सफाई और कर्मचारियों का पक्ष
वहीं कुछ नोटिस पाने वाले कर्मचारियों ने आरोपों से इनकार किया है। एक पूर्व कर्मचारी ने कहा कि वे 2016 में ही NSDC छोड़ चुके थे, तब PMKVY 2.0 के दिशा-निर्देश बने भी नहीं थे। दूसरे ने इसे "उत्पीड़न" बताया।
पूर्व CEO हटाए गए, पुलिस शिकायत भी हुई
यह सब मिलकर बता रहा है कि संस्था में अंदरूनी जांच की प्रक्रिया जारी है। आने वाले हफ्तों में यह मामला और बड़ा हो सकता है।
FAQ
- PMKVY क्या है और इसका मकसद क्या है?
PMKVY यानी प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 2015 में शुरू हुई थी। इसका मकसद युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी कौशल सिखाना है। अब तक 1.64 करोड़ से ज्यादा युवाओं को इसके तहत प्रशिक्षित किया जा चुका है। - CAG ने PMKVY में क्या गड़बड़ियां पाईं?
CAG ने फर्जी बैंक खाते, उम्मीदवारों की नकल की गई जानकारी और 34 लाख उम्मीदवारों के लिए ट्रेनिंग पार्टनरों को भुगतान न होने की बात उजागर की। निगरानी तंत्र को "अविश्वसनीय" बताया गया। यह रिपोर्ट दिसंबर 2025 में संसद में पेश की गई थी।
एमपी के सरकारी स्कूलों का हाल, 1895 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं, CAG रिपोर्ट में खुलासा
ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) पर CAG ने राजस्थान सरकार से मांगा अगले 10 साल का रोडमैप
MP में 17 IFS अधिकारियों के तबादले, रायसेन DFO बदले
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