रेलवे की मनमानी पर संसद की लगाम: RAC यात्रियों को वापस मिले आधा किराया
Sanjay Dhiman | Feb 05, 2026, 16:50 IST
Photograph: (the sootr)
संसदीय समिति ने RAC बर्थ के लिए रेलवे से आंशिक किराया वापस करने का सुझाव दिया है। सुपरफास्ट ट्रेनों के 55 किमी प्रति घंटा की स्पीड बेंचमार्क को भी बदलने की आवश्यकता बताई गई है।
NEWS IN SHORT
- RAC रिफंड: संसदीय समिति ने RAC टिकट पर आधा किराया वापस लौटाने का सुझाव दिया।
- पूरा किराया गलत: आधी सीट के लिए पूरा पैसा लेना यात्रियों के साथ नाइंसाफी है।
- स्पीड बेंचमार्क: सुपरफास्ट ट्रेनों की न्यूनतम औसत रफ्तार 55 से बढ़ाकर 100 किमी/घंटा हो।
- वसूली पर रोक: कम स्पीड वाली ट्रेनों से सुपरफास्ट सरचार्ज वसूलना तुरंत बंद किया जाए।
- समय की पाबंदी: नई ट्रेनें चलाने के बजाय पुरानी ट्रेनों को समय पर चलाना ज़रूरी है।
NEWS IN DETAIL
संसद की लोक लेखा समिति (PAC) ने इसी बात पर अपनी रिपोर्ट में कड़ी आपत्ति जताई है। बुधवार को संसद में पेश की गई इस रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि जब यात्री को पूरी बर्थ (सोने की जगह) नहीं मिल रही, तो उससे पूरा पैसा लेना एकदम गलत है।
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आधा किराया वापस मिले: अगर चार्ट बनने के बाद भी यात्री RAC में रहता है, तो उसे 'पार्शियल रिफंड' यानी किराए का कुछ हिस्सा वापस किया जाना चाहिए।
सुपरफास्ट का खेल खत्म हो: समिति ने कहा कि आज के जमाने में 55 किमी/घंटा की औसत रफ्तार वाली ट्रेन को 'सुपरफास्ट' कहना मज़ाक है। इसे बदलकर कम से कम 100 किमी/घंटा किया जाना चाहिए।
वसूली बंद हो: रिपोर्ट के मुताबिक, कई ट्रेनें तो सुपरफास्ट के नाम पर सिर्फ एक्स्ट्रा पैसा (Superfast Surcharge) वसूलने के लिए चलाई जा रही हैं, जबकि उनकी असल रफ्तार पैसेंजर ट्रेन जैसी ही है।
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