/sootr/media/media_files/2026/03/06/rahul-gandhi-2026-03-06-22-31-28.jpg)
News in Short
- राहुल गांधी ने ‘केरल स्टोरी-2’ फिल्म को नफरत फैलाने वाला बताया।
- राहुल ने फिल्म के प्रचार पर सवाल उठाए, इसे समाज में विभाजन का कारण बताया।
- राहुल गांधी ने अपनी व्यक्तिगत रुचियों में शतरंज, मार्शल आर्ट्स और तैराकी को प्राथमिकता दी।
- राहुल ने केरल की परंपराओं और भूस्खलन के बाद केरलवासियों की मदद की भावना की सराहना की।
- राहुल गांधी ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर अपने विचार साझा किए।
News in Detail
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक छात्र बैठक में फिल्म ‘केरल स्टोरी-2’ पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह फिल्म कम देखी जा रही है, जो कि एक अच्छी खबर है। राहुल गांधी ने फिल्म के बारे में बातचीत करते हुए बताया कि यह फिल्म "खाली-खाली" लग रही है और कोई इसे देख नहीं रहा है, जो कि दर्शाता है कि अधिकांश लोग केरल की संस्कृति और परंपराओं को समझने में असमर्थ हैं।
राहुल ने फिल्म के प्रचार और इसके इस्तेमाल के तरीके पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि फिल्मों और मीडिया को तेजी से समाज में विभाजन और नफरत फैलाने के लिए हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। यह गलत है, क्योंकि यह समाज में विभाजन पैदा करता है और कुछ विशेष लोग इससे फायदा उठाते हैं। राहुल गांधी ने इसे एक विकास के रूप में नहीं, बल्कि देश के लिए हानिकारक कदम के रूप में देखा।
भाई की शादी में छाईं सारा तेंदुलकर, गुलाबी साड़ी में जीता सबका दिल
राहुल गांधी की हॉबी और व्यक्तिगत रुचियां
अपने व्यक्तिगत शौकों पर बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वे फिल्मों के बजाय शतरंज, मार्शल आर्ट्स, तैराकी और दौड़ना पसंद करते हैं। फिटनेस के लिए वह नियमित रूप से व्यायाम करते हैं। राहुल ने बताया कि उन्होंने केरल में 5 साल तक संसद में राज्य का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन उन्हें राज्य की गहरी समझ नहीं मिली। हालांकि, उन्होंने वायनाड के लोगों से बहुत कुछ सीखा।
MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें
केरल की परंपराओं पर राहुल का दृष्टिकोण
राहुल गांधी ने केरल में भूस्खलन के बाद वहां के लोगों की मदद करने की भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह एक शानदार उदाहरण था, जिसमें समुदाय और आर्थिक पृष्ठभूमि के बावजूद लोग एक-दूसरे की मदद करने के लिए तत्पर थे। राहुल ने छात्रों को सलाह दी कि वे अपनी संस्कृति से जुड़े रहें, लेकिन साथ ही अन्य जगहों से भी सीखने का प्रयास करें।
'द सूत्र' फिर 100 फीसदी सही, MPPSC ने जारी किया लाइब्रेरियन 2022 का रिजल्ट
शिक्षा पर दबाव और विचारधारा
राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और कहा कि वर्तमान समय में विश्वविद्यालयों के कुलपतियों पर एक विशेष विचारधारा का दबाव है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े हिस्से में कुलपति केवल इसलिए नियुक्त किए गए हैं क्योंकि वे RSS से जुड़े हुए हैं। वह चाहते थे कि शिक्षा व्यवस्था को किसी भी खास विचारधारा से मुक्त रखा जाए।
एमपी आईएएस ट्रांसफर: सीएस अनुराग जैन अवकाश पर, सबसे बड़ी लिस्ट के लिए अभी और इंतजार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर राहुल का दृष्टिकोण
राहुल गांधी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी अपनी राय साझा की। उन्होंने कहा कि भारत अभी अमेरिका या चीन के स्तर पर नहीं पहुंच पाया है। उन्होंने AI के मामले में भारतीय डेटा को खुद नियंत्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। राहुल गांधी ने यह भी बताया कि हाल ही में एक AI समिट में चीनी रोबोट को भारतीय रोबोट के रूप में पेश किया गया था, जो भारत की AI क्षमताओं को लेकर चिंताजनक था।
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us