राहुल बोले- मेरा ट्रांसलेटर बनना खतरनाक काम, तेलंगाना में हिंदी के 5 शब्द कहता था तो तेलुगु ट्रांसलेटर ने उसके 30 शब्द बना दिए
Pratibha Rana | Nov 30, 2023, 24:00 IST
राहुल बोले- मेरा ट्रांसलेटर बनना खतरनाक काम, तेलंगाना में हिंदी के 5 शब्द कहता था तो तेलुगु ट्रांसलेटर ने उसके 30 शब्द बना दिए
तेलंगाना में मतदान जारी है। कांग्रेस-बीजेपी के साथ कई बड़े दल मैदान में हैं। इस बीच एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तेलंगाना चुनाव प्रचार से जुड़ा मजेदार किस्सा सुनाया, जो सुर्खियों में है।
Kozhikode. तेलंगाना में मतदान जारी है। कांग्रेस-बीजेपी के साथ कई बड़े दल मैदान में हैं। इस बीच एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तेलंगाना चुनाव प्रचार से जुड़ा मजेदार किस्सा सुनाया, जो सुर्खियों में है। उन्होंने कहा, मेरा ट्रांसलेटर बनना बहुत खतरनाक काम है। तेलंगाना में मेरे भाषण को ट्रांसलेट करते वक्त एक ट्रांसलेटर मुश्किल में पड़ गया था। मैं वहां हिंदी के पांच शब्द कहता था और सोचता था कि तेलुगु में पांच या सात शब्दों में इनका अनुवाद हो जाएगा, लेकिन मेरे ट्रांसलेटर 20, 25 या 30 शब्द कह देते थे। कभी-कभी मैं कुछ बहुत बोरिंग कहता था, लेकिन तेलुगु में वही बात सुनकर लोग खुशी से झूम उठते थे। कभी मैं कुछ बढ़िया बात कहता था, लेकिन लोग चुप रह जाते थे। मुझे हर वक्त सिर्फ मुस्कुराना पड़ता था।
राहुल ने ये बातें केरल के कोझिकोड में दिवंगत मुस्लिम लीग नेता पी सतीश हाजी पर लिखी गई एक किताब के लॉन्च प्रोग्राम में कहीं। इस दौरान इंडियन मुस्लिम यूनियन लीब के सांसद अब्दुसमद समादानी ने राहुल की स्पीच को तेलुगु में ट्रांसलेट किया।
राहुल गांधी ने कहा, मैं तेलंगाना में प्रचार के दौरान हिंदी के 5 शब्द कहता था, जिसे मेरे ट्रांसलेटर 20, 25 या 30 शब्द कह देते थे। कभी कुछ बहुत बोरिंग कहता था, लेकिन तेलुगु में वही बात सुनकर लोग खुशी से झूमते थे। कभी मैं बढ़िया बात कहता था, पर लोग चुप हो जाते थे। राहुल ने कहा, स्टेज पर रहते वक्त मुझे पूरे समय मुस्कराते रहना पड़ता था क्योंकि मैं कुछ कह नहीं सकता था।
राहुल गांधी ने आगे कहा, नेता बहुत ही स्मार्ट होते हैं और वही दिखाते हैं जो वो दिखाना चाहते हैं। कई बार वे सादा कपड़े और सस्ती सी घड़ी पहनकर आते हैं, न जब मैं उनके घर जाऊं तो मुझे वहां BMW कार खड़ी मिलती है।
राहुल बोले, ऐसे में नेताओं की असली सोच का पता लगाने के लिए मैंने एक तरकीब निकाली है। मैं नेताओं को उनके बच्चों के जरिए समझता हूं। उन्होंने कहा, जब मैं किसी से मिलता हूं तो मैं उनसे साधारण सवाल पूछता हूं। मैं उनसे पूछता हूं कि क्या वे अपने बच्चों को मुझसे मिलने भेज सकते हैं। मैं उन्हें बताता हूं कि मैं उनके बच्चों से इसलिए मिलना चाहता हूं क्योंकि बच्चों से आप सच नहीं छिपा सकते हैं।
एक किताब के लॉन्च प्रोग्राम में पहुंचे राहुल
स्टेज पर पूरे समय मुस्कराते रहना पड़ता था क्योंकि...
नेता होते हैं बहुत स्मार्ट... दिखाते कुछ, निकलते कुछ
राहुल बोले, ऐसे में नेताओं की असली सोच का पता लगाने के लिए मैंने एक तरकीब निकाली है। मैं नेताओं को उनके बच्चों के जरिए समझता हूं। उन्होंने कहा, जब मैं किसी से मिलता हूं तो मैं उनसे साधारण सवाल पूछता हूं। मैं उनसे पूछता हूं कि क्या वे अपने बच्चों को मुझसे मिलने भेज सकते हैं। मैं उन्हें बताता हूं कि मैं उनके बच्चों से इसलिए मिलना चाहता हूं क्योंकि बच्चों से आप सच नहीं छिपा सकते हैं।
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